मार्केट न्यूज़
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3 min read | अपडेटेड August 30, 2026, 15:17 IST
सारांश
पिछले हफ्ते शेयर बाजार में सुस्ती से टॉप 10 में से 7 कंपनियों का मार्केट कैप लगभग 1.13 लाख करोड़ रुपये घटा है। भारती एयरटेल और रिलायंस को सबसे बड़ा नुकसान हुआ। दूसरी तरफ विदेशी निवेशकों का भरोसा लौटा है और उन्होंने अगस्त में 30,919 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया है।

शेयर बाजार में गिरावट से 7 बड़ी कंपनियों का मार्केट कैप घटा है, जबकि अगस्त में विदेशी निवेशकों का निवेश बढ़ा है।
भारतीय शेयर बाजार में पिछला हफ्ता बड़े शेयरों के लिए उतार-चढ़ाव से भरा रहा। एक तरफ देश की 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 7 के मार्केट कैप में लगभग 1.13 लाख करोड़ रुपये की भारी गिरावट आई है, वहीं दूसरी तरफ विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों का भरोसा घरेलू बाजार पर लौटता दिख रहा है। पिछले कारोबारी हफ्ते में बीएसई सेंसेक्स 276.32 पॉइंट यानी 0.35% गिरकर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी में 76.35 पॉइंट यानी 0.31% की सुस्ती रही। इस गिरावट का सबसे बड़ा असर भारती एयरटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज के मार्केट वैल्यू पर पड़ा, जबकि टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक और SBI ने अपनी स्थिति मजबूत की।
बाजार की इस सुस्ती में सबसे ज्यादा नुकसान भारती एयरटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ। भारती एयरटेल का मार्केट कैप 40,500.85 करोड़ रुपये घटकर 11,74,462.30 करोड़ रुपये पर आ गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट वैल्यू 40,056.32 करोड़ रुपये घटकर 17,38,119.27 करोड़ रुपये रह गया। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 11,558.35 करोड़ रुपये गिरकर 11,09,600.70 करोड़ रुपये और बजाज फाइनेंस की मार्केट वैल्यू 10,086.05 करोड़ रुपये घटकर 6,70,535.57 करोड़ रुपये रह गई। एलएंडटी का मार्केट कैप 6,473.45 करोड़ रुपये घटकर 5,55,987.49 करोड़ रुपये, एलआईसी का 3,162.50 करोड़ रुपये घटकर 5,32,817.81 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 1,550.73 करोड़ रुपये घटकर 4,72,361.83 करोड़ रुपये रह गया।
कमजोर बाजार के बावजूद तीन दिग्गज कंपनियों के मार्केट कैप में बढ़त दर्ज हुई। टीसीएस के मार्केट वैल्यू में 16,643.20 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ, जिससे इसका मार्केट कैप बढ़कर 8,48,079.71 करोड़ रुपये हो गया। आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट वैल्यू 4,475.28 करोड़ रुपये बढ़कर 10,22,805.73 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं एसबीआई का मार्केट कैप 599.99 करोड़ रुपये बढ़कर 9,65,568.75 करोड़ रुपये हो गया। सबसे मूल्यवान कंपनियों की लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर बरकरार है, जिसके बाद एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, एलआईसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर का नंबर आता है।
शेयर बाजार के इस उतार-चढ़ाव के बीच एफपीआई की खरीदारी लगातार दूसरे महीने जारी रही। अगस्त में FPI ने भारतीय शेयर बाजार में 30,919 करोड़ रुपये का निवेश किया। इससे पहले जुलाई में 20,200 करोड़ रुपये लगाए गए थे। CDSL के आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले एफपीआई ने मार्च में 1,17,000 करोड़ रुपये, अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपये, मई में 32,963 करोड़ रुपये और जून में 49,340 करोड़ रुपये निकाले थे, जबकि फरवरी में 22,615 करोड़ रुपये की खरीदारी हुई थी।
साल 2026 में अब तक विदेशी निवेशक कुल 2,23,000 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं, जो साल 2025 की 1,66,000 करोड़ रुपये की निकासी से ज्यादा है। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के वी के विजयकुमार के अनुसार, चिप बिजनेस में बदलाव, रुपये की स्थिरता और कंपनियों के नेट प्रॉफिट में सुधार से एफपीआई का रुख बदला है। मॉर्निंगस्टार के हिमांशु श्रीवास्तव के अनुसार, जून तिमाही के नतीजों, इकोनॉमिक एक्टिविटी और क्रेडिट ग्रोथ ने भरोसा बढ़ाया है। बॉन्ड मार्केट में अगस्त में फुल एक्सेस रूट से 627 करोड़ रुपये और वॉलंटरी रिटेंशन रूट से 289 करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि जनरल रूट से 2,318 करोड़ रुपये की निकासी हुई।
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