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Kusumgar IPO: कैसा है बिजनेस मॉडल और फाइनेंशियल? 8 जुलाई को निवेश से पहले जानें जरूरी बातें

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड July 07, 2026, 13:34 IST

सारांश

Kusumgar इस IPO के जरिए ₹650 करोड़ जुटाना चाहती है। यह पूरा इश्यू 1.55 करोड़ शेयरों के ऑफर फॉर सेल के रूप में है। इसमें प्रमोटर सिद्धार्थ योगेश कुसुमगर, सपना सिद्धार्थ कुसुमगर और सिद्धार्थ योगेश कुसुमगर HUF अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं।

Kusumgar IPO

Kusumgar ने IPO का प्राइस बैंड ₹398 से ₹419 प्रति शेयर तय किया है।

Kusumgar का ₹650 करोड़ का IPO 8 जुलाई से निवेशकों के लिए खुलने वाला है। इसमें 10 जुलाई तक बोली लगाई जा सकेगी। यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है, यानी कंपनी कोई नए शेयर जारी नहीं कर रही है। इस वजह से IPO से मिलने वाली रकम कंपनी के पास नहीं जाएगी, बल्कि अपने हिस्से के शेयर बेच रहे प्रमोटर्स को मिलेगी।

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प्राइस बैंड और निवेश की रकम

Kusumgar ने IPO का प्राइस बैंड ₹398 से ₹419 प्रति शेयर तय किया है। रिटेल निवेशकों को कम से कम 35 शेयर (1 लॉट) के लिए आवेदन करना होगा। अपर प्राइस बैंड पर एक लॉट खरीदने के लिए ₹14,665 का निवेश करना पड़ेगा।

Kusumgar इस IPO के जरिए ₹650 करोड़ जुटाना चाहती है। यह पूरा इश्यू 1.55 करोड़ शेयरों के ऑफर फॉर सेल के रूप में है। इसमें प्रमोटर सिद्धार्थ योगेश कुसुमगर, सपना सिद्धार्थ कुसुमगर और सिद्धार्थ योगेश कुसुमगर HUF अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। IPO से पहले प्रमोटर्स के पास कंपनी की 90.48% हिस्सेदारी है।

IPO का उद्देश्य

यह IPO पूरी तरह Offer for Sale है, इसलिए कंपनी को इस इश्यू से कोई राशि नहीं मिलेगी। IPO से मिलने वाला पूरा पैसा शेयर बेच रहे प्रमोटर्स के पास जाएगा। ऐसे में इस इश्यू का उद्देश्य कंपनी के विस्तार के लिए पूंजी जुटाना नहीं, बल्कि प्रमोटर्स की हिस्सेदारी कम करना है।

Kusumgar का कारोबार

Kusumgar इंजीनियर्ड सिंथेटिक फैब्रिक यानी वोवन, कोटेड और लैमिनेटेड फैब्रिक बनाती है। कंपनी के पास 1,000 से ज्यादा फैब्रिक कॉन्फिगरेशन (SKU) हैं। इसके उत्पाद एयरोस्पेस और डिफेंस, ऑटोमोबाइल, इंडस्ट्रियल, आउटडोर और लाइफस्टाइल जैसे कई सेक्टरों में इस्तेमाल होते हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की करीब 60% आय भारत से और 40% आय विदेशों से आई।

Kusumgar के बिजनेस में क्या है खास

Kusumgar का कहना है कि इंजीनियर्ड फैब्रिक का कारोबार तकनीकी रूप से जटिल है, इसलिए इसमें नए खिलाड़ियों के लिए प्रवेश आसान नहीं है। Kusumgar के अनुसार उसकी सबसे बड़ी ताकत उसकी तकनीकी क्षमता, अलग-अलग उद्योगों के लिए विशेष समाधान विकसित करने की क्षमता और ग्राहकों के साथ लंबे समय से बने संबंध हैं। लिस्टेड कंपटीटर्स में Garware Technical Fibres, Arvind और SRF शामिल हैं।

Kusumgar का फाइनेंशियल

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल आय घटकर ₹711.78 करोड़ रह गई, जो पिछले साल ₹790.21 करोड़ थी। इसी दौरान शुद्ध मुनाफा 12% घटकर ₹98.2 करोड़ रह गया, जो एक साल पहले ₹111.99 करोड़ था। यानी पिछले वित्त वर्ष में कंपनी की आय और मुनाफे दोनों में गिरावट दर्ज की गई।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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