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KPIT Technologies के शेयरों में भारी गिरावट, इस एक खबर से 15 पर्सेंट से ज्यादा टूटा स्टॉक

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड July 01, 2026, 11:29 IST

सारांश

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के शेयरों में बुधवार को भारी गिरावट देखी जा रही है। कंपनी द्वारा पहली तिमाही में रेवेन्यू घटने की चेतावनी देने के बाद स्टॉक में बड़ी बिकवाली आई है। यूरोपीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में आई सुस्ती के कारण कंपनी के प्रोजेक्ट्स में देरी हुई है, जिससे मुनाफे पर दबाव बढ़ा है।

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चौथी तिमाही के नतीजों के बाद KPIT टेक्नोलॉजीज के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है।

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार के कारोबारी सेशन में आईटी सेक्टर की कंपनी केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के शेयरों में भारी बिकवाली का माहौल देखा जा रहा है। कंपनी द्वारा पहली तिमाही के कमजोर प्रदर्शन की चेतावनी देने के बाद NSE पर इसका स्टॉक करीब 15.72 पर्सेंट की भारी गिरावट के साथ 566.00 रुपये के स्तर पर आ गया है। आज के ही दिन इस शेयर की कीमत में 105.55 रुपये की बड़ी कमी आई है। इस भारी गिरावट के साथ यह शेयर सितंबर 2022 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है, जो इसके निवेशकों के लिए एक बहुत बड़ा झटका है। कंपनी ने साफ किया है कि उनके बिजनेस में आने वाली यह मंदी ग्राहकों द्वारा हाल ही में लिए गए कुछ बड़े फैसलों का नतीजा है, जिसका असर कंपनी के कुल रेवेन्यू पर साफ दिख रहा है। यह स्टॉक अब अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 70 पर्सेंट नीचे आ चुका है और पिछले छह महीनों में इसमें 50 पर्सेंट की गिरावट आई है।

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6 साल में पहली बार रेवेन्यू घटने की आशंका

इंजीनियरिंग और ऑटोमोटिव सॉफ्टवेयर सेक्टर में काम करने वाली इस कंपनी को पहली तिमाही में अपने रेवेन्यू में बड़ी गिरावट का सामना करना पड़ सकता है। कंपनी ने अनुमान जताया है कि चालू वित्तीय साल की पहली तिमाही में उसका रेवेन्यू 176.2 मिलियन डॉलर रह सकता है, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 4.7 पर्सेंट कम है। सालाना आधार पर भी इसमें करीब 1 पर्सेंट की गिरावट देखी जा रही है। यह आंकड़ा मार्केट एक्सपर्ट्स के 180.4 मिलियन डॉलर के अनुमान से भी 2.3 पर्सेंट कम है। इस गिरावट के साथ ही कंपनी का लगातार 23 तिमाहियों से चला आ रहा रेवेन्यू ग्रोथ का शानदार रिकॉर्ड पूरी तरह से टूट गया है।

यूरोपीय ऑटो सेक्टर की सुस्ती ने बढ़ाई परेशानी

कंपनी ने अपने इस कमजोर आउटलुक के पीछे यूरोपीय ऑटोमोबाइल कंपनियों में आई अचानक सुस्ती को मुख्य कारण बताया है। यूरोप की बड़ी गाड़ी बनाने वाली कंपनियों द्वारा हाल ही में जारी की गई प्रॉफिट वॉर्निंग और बिजनेस की खराब स्थितियों के कारण केपीआईटी के कई बड़े प्रोजेक्ट्स में देरी हुई है। कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि ग्राहकों के बिजनेस में आई इस मंदी और प्रोजेक्ट्स के टलने की बात पिछले कुछ हफ्तों में ही पूरी तरह से साफ हो पाई है। इसके साथ ही कंपनी को आशंका है कि यह कमजोरी चालू वित्तीय साल की दूसरी तिमाही में भी बनी रह सकती है, क्योंकि दूसरी तिमाही का रेवेन्यू भी पहली तिमाही के आसपास ही रहने का अनुमान है।

एबिटा और नेट प्रॉफिट मार्जिन पर दिखेगा बुरा असर

केपीआईटी टेक्नोलॉजीज ने निवेशकों को सावधान करते हुए कहा है कि जून तिमाही में उनके एबिटा और नेट प्रॉफिट मार्जिन में बड़ी सिकुड़न देखने को मिल सकती है। कंपनी के मुताबिक, रेवेन्यू के मुकाबले उनके मुनाफे और प्रॉफिटेबिलिटी में ज्यादा बड़ी गिरावट आएगी, क्योंकि इतने कम समय में कंपनी के पास अपने खर्चों को कम यानी कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन करने का बहुत ही सीमित मौका है। आपको बता दें कि इससे पहले कंपनी ने पूरे वित्तीय साल के लिए अपने एबिटा मार्जिन के 20.5 पर्सेंट से 21.2 पर्सेंट के बीच रहने का अनुमान जताया था, लेकिन अब इस पर बुरा असर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है।

जेपीमॉर्गन ने शेयर को किया डाउनग्रेड

कंपनी की तरफ से आए इस बड़े अपडेट के बाद ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेपीमॉर्गन ने केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के शेयर पर अपना रुख बदलते हुए इसे 'न्यूट्रल' से डाउनग्रेड करके 'अंडरवेट' कैटेगरी में डाल दिया है। इसके साथ ही ब्रोकरेज ने इस शेयर का टारगेट प्राइस भी 700 रुपये से भारी कटौती करके सीधे 550 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। जेपीमॉर्गन ने कंपनी के साल 2027 से 2029 के रेवेन्यू अनुमानों में 5 से 8 पर्सेंट की और अर्निंग्स के अनुमान में 9 से 22 पर्सेंट तक की बड़ी कटौती की है। ब्रोकरेज का मानना है कि यह साल कंपनी के लिए लगातार दूसरा ऐसा साल हो सकता है जब उसके ऑर्गैनिक रेवेन्यू में गिरावट आएगी।

हालांकि, इस मुश्किल समय के बीच कंपनी के मैनेजमेंट ने भरोसा जताया है कि यह चुनौती सिर्फ साल की पहली छमाही तक ही सीमित रहेगी। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि वित्तीय साल की दूसरी छमाही में उनके बिजनेस के परफॉर्मेंस में अच्छा सुधार देखने को मिलेगा। साल की चौथी तिमाही तक कंपनी के बिजनेस में फिर से एक मजबूत मोमेंटम यानी रफ्तार वापस आ सकती है। इसके अलावा, कंपनी ने यह भी साफ किया है कि बाजार में उनके प्रोडक्ट्स और सॉल्यूशंस बिजनेस की डिमांड अभी भी काफी मजबूत और हेल्दी बनी हुई है, जिससे आने वाले समय में रिकवरी की पूरी उम्मीद है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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