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3 min read | अपडेटेड January 21, 2026, 10:36 IST
सारांश
KPI Green Q3 Results: केपीआई ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 48% बढ़कर 126 करोड़ रुपये हो गया है । साथ ही रेवेन्यू में 45% की जोरदार बढ़त देखी गई है । कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए अंतरिम डिविडेंड की भी घोषणा की है ।
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केपीआई ग्रीन एनर्जी ने लगातार सातवीं तिमाही में रिकॉर्ड तोड़ रेवेन्यू हासिल किया है।
KPI Green Energy Q3 Results: गुजरात आधारित अक्षय ऊर्जा कंपनी केपीआई ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने बुधवार को अपने तीसरी तिमाही के नतीजों की घोषणा कर दी है। कंपनी के लिए यह तिमाही ऐतिहासिक रही है क्योंकि इसने लगातार सातवीं बार अब तक का सबसे अधिक रेवेन्यू हासिल किया है। दिसंबर 2025 को समाप्त हुई इस तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन हर मोर्चे पर शानदार रहा है। सौर और हाइब्रिड ऊर्जा पोर्टफोलियो में मजबूत पकड़ और परियोजनाओं के तेजी से पूरा होने के कारण कंपनी ने बाजार की उम्मीदों के अनुरूप दमदार आंकड़े पेश किए हैं। साथ में डिविडेंड का भी ऐलान किया है।
कंपनी द्वारा साझा किए गए वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर तिमाही में केपीआई ग्रीन का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 48 प्रतिशत बढ़कर 126 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने 85 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। रेवेन्यू के मोर्चे पर भी कंपनी ने बड़ी छलांग लगाई है। इस तिमाही में कंपनी का कुल रेवेन्यू 676 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 466 करोड़ रुपये के मुकाबले 45 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी की कामकाजी आय यानी एबिटडा में भी 73 प्रतिशत का भारी उछाल देखा गया है, जो 251 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।
दमदार वित्तीय प्रदर्शन के बीच कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरधारकों के लिए तीसरे अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है। कंपनी ने 5 रुपये के फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 4 प्रतिशत यानी 20 पैसे प्रति शेयर का डिविडेंड देने का फैसला किया है। इस अंतरिम डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 28 जनवरी 2026 तय की गई है। जिन निवेशकों का नाम इस तारीख तक कंपनी के रजिस्टर में होगा, उन्हें अगले 30 दिनों के भीतर डिविडेंड का भुगतान कर दिया जाएगा।
इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी ने कई बड़ी उपलब्धियां अपने नाम की हैं। केपीआई ग्रीन ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 670 करोड़ रुपये का भारत का पहला क्रेडिट-एन्हांस्ड ग्रीन बॉन्ड जारी कर इतिहास रच दिया है। इसके अलावा कंपनी को भारतीय स्टेट बैंक से 1 गीगावाट से अधिक के सोलर और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स के लिए 3,200 करोड़ रुपये का लोन मंजूर हुआ है। कंपनी ने गुजरात बिजली नियामक आयोग से पावर ट्रेडिंग लाइसेंस भी प्राप्त कर लिया है, जिससे वह अब सीधे बिजली का व्यापार कर सकेगी। कंपनी को जीयूवीएनएल और एनटीपीसी जैसी संस्थाओं से भी बड़े ऑर्डर मिले हैं।
कंपनी के प्रबंधन ने अपने विजन 2030 के तहत 10 गीगावाट क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए कंपनी ने बोत्सवाना सरकार के साथ 5 गीगावाट क्षमता के लिए 36,000 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता किया है। साथ ही दक्षिण कोरियाई कंपनियों के साथ मिलकर भारत में ग्रीन अमोनिया उत्पादन इकाई लगाने के लिए भी साझेदारी की गई है। घरेलू बाजार में कंपनी ने इन्नॉक्स सोलर के साथ 2.5 गीगावाट के प्रोजेक्ट्स विकसित करने के लिए हाथ मिलाया है। इन सभी रणनीतिक फैसलों से आने वाले समय में कंपनी की आय में और अधिक स्थिरता आने की उम्मीद है।
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