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4 min read | अपडेटेड October 30, 2026, 17:15 IST
सारांश
दोनों आईपीओ को लेकर इन्वेस्टरों का कैसा रिऐक्शन देखने को मिला और साथ ही दोनों कंपनियों का बिजनेस कैसा है, लिस्टिंग कब होगी, चलिए इन सारे सवालों का जवाब जानते हैं।

BLS Polymers और SFC Environmental IPO: आज होगा अलॉटमेंट (Photo: Shutterstock)
आज देर शाम तक दो मेनबोर्ड आईपीओ के अलॉटमेंट स्टेटस फाइनलाइज हो जाएंगे। पहला है बीएलएस पॉलीमर्स और दूसरा है एसएफसी एनवायरन्मेंटल टेक्नोलॉजीज। दोनों आईपीओ को लेकर इन्वेस्टरों का कैसा रिऐक्शन देखने को मिला और साथ ही दोनों कंपनियों का बिजनेस कैसा है, लिस्टिंग कब होगी, चलिए इन सारे सवालों का जवाब जानते हैं, लेकिन इससे पहले आसान से स्टेप्स में देख लेते हैं कि अगर आपने इन दोनों या दोनों में से किसी एक आईपीओ पर भी दांव लगाया है, तो कैसे बीएसई, एनएसई और केफिनटेक पर आसान से स्टेप्स में अपना अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं।
इश्यू टाइप में 'Equity' सेलेक्ट करें।
इश्यू नेम के लिए ड्रॉपडाउन मेनू से आईपीओ का नाम सेलेक्ट करें।
इसके बाद अपना एप्लिकेशन नंबर या PAN दर्ज करें।
अब I'm not a robot पर चेक करने के बाद Search पर क्लिक करें।
इसके Equity & SME IPO bid details' को सेलेक्ट करें।
इश्यू सिंबल के लिए ड्रॉपडाउन लिस्ट से कंपनी नाम सेलेक्ट करें।
इसके बाद PAN नंबर और एप्लिकेशन नंबर दर्ज करें।
अब Submit बटन पर क्लिक करें।
ड्रॉपडाउन मेनू से कंपनी का नाम सेलेक्ट करें।
निवेशकों को अब PAN, एप्लिकेशन नंबर या DP क्लाइंट ID जैसी जानकारी भरनी होगी।
इसके बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें।
सबसे पहले बात बीएलएस पॉलिमर्स के आईपीओ की, जिसको इन्वेंस्टरों की ओर से जबरदस्त रिऐक्शन मिला। 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक खुले इस आईपीओ को कुल 241.22 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। निवेशकों की सबसे ज्यादा दिलचस्पी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) कैटेगरी में देखने को मिली, जिसका हिस्सा 559.20 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 200.25 गुना और रिटेल इन्वेस्टरों का हिस्सा 128.36 गुना सब्सक्राइब हुआ। कंपनी ने आईपीओ के जरिए करीब 255 करोड़ रुपये जुटाने का टारगेट रखा था। इसका प्राइस बैंड 142 से 150 रुपये प्रति शेयर था।
बीएलएस पॉलिमर्स की स्थापना 1991 में हुई थी। कंपनी कस्टमाइज्ड पॉलिमर कंपाउंड्स का निर्माण करती है, जिनका इस्तेमाल मुख्य रूप से बिजली, टेलीकॉम, रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में होने वाले तारों, केबलों और पाइपलाइन में किया जाता है। कंपनी HDPE, MDPE, XLPE, PVC और अन्य विशेष पॉलिमर कंपाउंड्स बनाती है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 349.4 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 27 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 3 नवंबर 2026 को NSE और BSE पर प्रस्तावित है।
SFC एनवॉयरन्मेंटल टेक्नोलॉजीज के आईपीओ को भी निवेशकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली, हालांकि इसका सब्सक्रिप्शन बीएलएस पॉलिमर्स के मुकाबले कम रहा। 27 से 29 अक्टूबर 2026 तक खुले इस आईपीओ को कुल 9.47 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसमें QIB कैटेगरी 18.81 गुना, NII कैटेगरी 12.81 गुना और रिटेल निवेशकों की कैटेगरी 2.71 गुना सब्सक्राइब हुई। कंपनी ने इस आईपीओ के जरिए कुल 667.53 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान बनाया था। इसमें 150 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 517.53 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल था। आईपीओ का प्राइस बैंड 313 से 330 रुपये प्रति शेयर रखा गया था।
SFC एनवॉयरन्मेंटल टेक्नोलॉजीज की स्थापना 2005 में हुई थी। कंपनी वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट, पानी के रीसाइक्लिंग और दोबारा इस्तेमाल साथ ही साथ सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़ी तकनीकी सर्विसेज देती है। कंपनी की अपनी C-Tech तकनीक का इस्तेमाल सीवेज ट्रीटमेंट और वेस्टवॉटर मैनेजमेंट में किया जाता है। 31 जुलाई 2026 तक कंपनी 728 वेस्टवॉटर ट्रीटमेंट इंस्टॉलेशन शुरू कर चुकी थी। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू करीब 804 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट करीब 160 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 3 नवंबर 2026 को NSE और BSE पर प्रस्तावित है।
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