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  1. RBI के इस अप्रूवल के बाद आज HDFC बैंक के शेयरों में हलचल की उम्मीद, हर अपडेट यहां

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RBI के इस अप्रूवल के बाद आज HDFC बैंक के शेयरों में हलचल की उम्मीद, हर अपडेट यहां

Namita Shukla

2 min read | अपडेटेड May 07, 2026, 09:04 IST

सारांश

इसका मतलब यह है कि HDFC बैंक, अपनी सहायक कंपनियों जैसे एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी लाइफ, एचडीएफसी ईआरजीओ, एचडीएफसी पेंशन फंड और एचडीएफसी सिक्योरिटीज के साथ मिलकर, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक में 9.95% तक की हिस्सेदारी रख सकता है।

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HDFC बैंक

एचडीएफसी बैंक के शेयरों पर आज रहेगी नजर

HDFC Bank Shares: HDFC बैंक और इसकी लिस्टेड ग्रुप कंपनियों के शेयर आज फोकस में रहने की उम्मीद है, क्योंकि HDFC बैंक और इसकी ग्रुप कंपनियों को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक में अपनी कंबाइंड हिस्सेदारी 9.95% तक बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है। HDFC बैंक के शेयर 6 मई को 3.14% यानी कि 24.25 रुपये बढ़कर 796.55 रुपये प्रति शेयर पर क्लोज हुए थे। HDFC बैंक ने अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में कहा, ‘आरबीआई ने 6 मई, 2026 के अपने लेटर के जरिए से बैंक (जो इसकी ग्रुप कंपनियों, जैसे एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, एचडीएफसी ईआरजीओ जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, एचडीएफसी पेंशन फंड मैनेजमेंट लिमिटेड और एचडीएफसी सिक्योरिटीज लिमिटेड का प्रमोटर/स्पॉन्सर है) को आईसीआईसीआई और कोटक में 9.95% तक की चुकता शेयर (Paid-up Share) कैपिटल या वोटिंग अधिकार की 'कुल हिस्सेदारी' हासिल करने की मंजूरी दे दी है।’

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इसमें आगे कहा गया, ‘हम आपको यह भी सूचित करना चाहते हैं कि यह अप्रूवल आरबीआई के लेटर की डेट से एक साल के पीरियड के लिए, यानी 5 मई, 2027 तक वैध है। इसके अलावा, बैंक को यह सुनिश्चित करना होगा कि आईसीआईसीआई और कोटक में उसकी कुल हिस्सेदारी किसी भी समय आईसीआईसीआई और कोटक के पेड-अप शेयर कैपिटल या मतदान अधिकारों के 9.95% से अधिक न हो।’

आसान भाषा में समझें इसका मतलब

इसका मतलब यह है कि HDFC बैंक, अपनी सहायक कंपनियों जैसे एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी लाइफ, एचडीएफसी ईआरजीओ, एचडीएफसी पेंशन फंड और एचडीएफसी सिक्योरिटीज के साथ मिलकर, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक में 9.95% तक की हिस्सेदारी रख सकता है। ‘कुल हिस्सेदारी’ से मतलब एचडीएफसी ग्रुप की इन सभी संस्थाओं की संयुक्त हिस्सेदारी से है, न कि प्रत्येक संस्था की व्यक्तिगत हिस्सेदारी से। यह अप्रूवल 5 मई, 2027 तक वैध है, जिससे ग्रुप को हिस्सेदारी बढ़ाने या बनाए रखने की सुविधा मिलती है, जिसका इस पीरियड के दौरान रणनीतिक साझेदारियों पर प्रभाव पड़ सकता है। आरबीई ने यह भी क्लियर किया है कि कुल हिस्सेदारी किसी भी समय 9.95% से अधिक नहीं होनी चाहिए।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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