मार्केट न्यूज़
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4 min read | अपडेटेड December 16, 2025, 11:30 IST
सारांश
गुजरात किडनी एंड सुपर स्पेशलिटी लिमिटेड का आईपीओ 22 दिसंबर से खुलने जा रहा है। कंपनी ने इसके लिए 108 से 114 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। यह पूरी तरह से फ्रेश इश्यू होगा, जिसके जरिए कंपनी 250 करोड़ रुपये जुटाएगी। निवेशक कम से कम 128 शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे।

हेल्थकेयर सेक्टर में कमाई का मौका
शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए हेल्थकेयर सेक्टर से एक नई खबर आई है। गुजरात किडनी एंड सुपर स्पेशलिटी लिमिटेड (Gujarat Kidney and Super Speciality Limited) अपना इनिशियल पब्लिक ऑफर यानी आईपीओ लेकर आ रही है। कंपनी ने इस इश्यू के लिए प्राइस बैंड और तारीखों की घोषणा कर दी है। अगर आप भी किसी नए आईपीओ में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि यह इश्यू 22 दिसंबर 2025 को खुलेगा और 24 दिसंबर को बंद होगा।
कंपनी ने अपने 2 रुपये फेस वैल्यू वाले शेयरों के लिए 108 रुपये से 114 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह एक मेनबोर्ड आईपीओ है, इसलिए इसमें निवेश की सीमाएं भी उसी हिसाब से हैं। खुदरा निवेशकों यानी रिटेल इन्वेस्टर्स को कम से कम एक लॉट के लिए बोली लगानी होगी। एक लॉट में 128 शेयर होंगे। इसका मतलब है कि अगर आप अपर प्राइस बैंड यानी 114 रुपये के हिसाब से देखें, तो आपको कम से कम 14,592 रुपये का निवेश करना होगा। रिटेल निवेशक ज्यादा से ज्यादा 13 लॉट के लिए आवेदन कर सकते हैं।
यह आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्यू पर आधारित है। इसका मतलब है कि कंपनी नए शेयर जारी करके बाजार से पैसा उठाएगी और इसमें कोई भी पुराना शेयरधारक अपने शेयर नहीं बेच रहा है। कंपनी कुल 2.20 करोड़ नए शेयर जारी करेगी, जिससे करीब 250.80 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। यह पैसा सीधा कंपनी के पास जाएगा, जिससे कंपनी अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी। इस इश्यू का प्रबंधन निर्भय कैपिटल सर्विसेज कर रही है, जबकि एमयूएफजी इंटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (MUFG Intime) इसके रजिस्ट्रार हैं।
निवेश करने से पहले कंपनी के काम को समझना जरूरी है। जैसा कि नाम से पता चलता है, यह कंपनी हेल्थकेयर सेक्टर में काम करती है और मुख्य रूप से किडनी, यूरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी से जुड़ी बीमारियों का इलाज करती है। कंपनी गुजरात के वडोदरा, गोधरा, भरूच और आनंद जैसे शहरों में अस्पतालों का संचालन करती है। फिलहाल इनके पास 7 अस्पताल हैं।
आईपीओ से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल कंपनी अपने विस्तार के लिए करेगी। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा अहमदाबाद के 'पारेख हॉस्पिटल' को खरीदने में खर्च होगा। इसके अलावा कंपनी वडोदरा में महिलाओं के लिए एक नया अस्पताल भी खोलने जा रही है। साथ ही, कुछ पैसा कर्ज चुकाने और मेडिकल इक्विपमेंट खरीदने में भी लगाया जाएगा।
कंपनी की माली हालत पर नजर डालें तो इसमें सुधार देखने को मिला है। आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही में कंपनी ने करीब 15 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया है और 5.4 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। इससे पहले वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का रेवेन्यू करीब 40 करोड़ रुपये रहा था। हेल्थकेयर सेक्टर में बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी अपने नेटवर्क को और बड़ा करने की कोशिश कर रही है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि आईपीओ खुलने से पहले इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) और अन्य तकनीकी पहलुओं पर नजर बनाए रखें। फिलहाल कंपनी की लिस्टिंग बीएसई और एनएसई दोनों जगह होने की उम्मीद है, जो 30 दिसंबर के आसपास हो सकती है।
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