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BHEL और टीटागढ़ रेल सिस्टम्स बनाएंगे 50ः50 जॉइंट वेंचर, वंदे भारत स्लीपर पर होगा पूरा फोकस

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड September 15, 2026, 19:20 IST

सारांश

BHEL और टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड ने रेलवे सेक्टर में एक महत्वपूर्ण साझेदारी की है। BHEL ने 15 सितंबर 2026 को जानकारी दी कि उसने टीटागढ़ रेल सिस्टम्स के साथ जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट यानी संयुक्त उद्यम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

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वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट्स की मेंटेनेंस के लिए BHEL-टीटागढ़ का बड़ा जॉइंट वेंचर (Photo: Shutterstock)

पब्लिक सेक्टर की कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने मंगलवार को कहा कि उसने टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (टीआरएसएल) के साथ 35 साल तक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट के व्यापक रखरखाव के लिए एक जॉइंट वेंचर बनाने का समझौता किया है। बीएचईएल ने एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी पूरी जानकारी साझा की। ऐसे में 16 सितंबर को बीएचईएल और टीटागढ़ रेल सिस्टम्स के शेयरों में कुछ हलचल देखने को मिल सकती है। आज बीएचईएल के शेयर एनएसई पर 4.21% यानी कि 18.15 रुपये गिरकर 412.85 रुपये प्रति शेयर पर क्लोज हुए थे। वहीं टीटागढ़ रेल सिस्टम्स के शेयर 3.40% यानी कि 28.65 रुपये गिरकर 813.50 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए।

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एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक जॉइंट वेंचर कंपनी में बीएचईएल और टीआरएसएल की बराबर की हिस्सेदारी होगी। इस जॉइंट वेंचर को 50,00,000 रुपये की शुरुआती चुकता शेयर पूंजी के साथ 'प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी के तौर पर बनाया जाएगा। कंपनी ने कहा कि जॉइंट वेंचर कंपनी का पंजीकृत कार्यालय दिल्ली में होगा।

इस जॉइंट वेंचर का सबसे खास हिस्सा वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट्स से जुड़ा है। दोनों कंपनियां मिलकर एक JVC बनाएंगी, जिसका काम BHEL द्वारा सप्लाई किए गए वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट्स की व्यापक मेंटेनेंस करना होगा। यह जिम्मेदारी ट्रेनसेट की पूरी 35 साल की सर्विस लाइफ तक रहेगी।

50:50 की होगी हिस्सेदारी

BHEL और टीटागढ़ रेल सिस्टम्स इस जॉइंट वेंचर में बराबर हिस्सेदारी रखेंगे। डिस्क्लोजर के मुताबिक JVC में BHEL की हिस्सेदारी 50% और TRSL की भी 50% होगी। यानी दोनों कंपनियां मिलकर इस नई कंपनी का संचालन करेंगी।

अभी यह जेवीसी इनकॉर्पोरेट नहीं हुई है। प्रस्तावित JVC को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में बनाया जाएगा और इसकी शुरुआती पेड-अप शेयर कैपिटल 50 लाख रुपये होगी। कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस दिल्ली में होगा। बोर्ड में BHEL और टीटागढ़ रेल सिस्टम्स दोनों की ओर से दो-दो डायरेक्टर नामित किए जाएंगे।

वंदे भारत स्लीपर की मेंटेनेंस होगी मुख्य जिम्मेदारी

इस JV का मुख्य उद्देश्य वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट्स की पूरी तरह से मेंटिनेंस करना है। इसका मतलब केवल सामान्य मरम्मत तक सीमित नहीं है, बल्कि ट्रेनसेट की ऑपरेशनल रेडीनेस, सेफ्टी और रिलायबिलिटी बनाए रखने पर भी जोर रहेगा।

वंदे भारत ट्रेनें भारतीय रेलवे के आधुनिक और तेज रेल नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रही हैं। ऐसे में लंबे समय तक इन ट्रेनसेट की देखभाल के लिए डेडिकेटेड मेंटिनेंस व्यवस्था तैयार करना रेलवे ऑपरेशन के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।

35 साल की सर्विस लाइफ पर फोकस

BHEL के अनुसार, JV का फायदा दोनों कंपनियों की संयुक्त तकनीकी क्षमता का इस्तेमाल करने में होगा। JVC दोनों प्रमोटर कंपनियों की टेक्निकल मजबूती का फायदा उठाकर ट्रेनसेट की ऑपरेशनल रेडीनेस, सेफ्टी और रिलायबिलिटी सुनिश्चित करने का काम करेगी। यह व्यवस्था ट्रेनसेट की पूरी 35 साल की सर्विस लाइफ को ध्यान में रखकर तैयार की जाएगी। इस साझेदारी से दोनों कंपनियों को अपनी तकनीकी विशेषज्ञता को एक साथ इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा। वहीं रेलवे के लिए लंबे समय तक ट्रेनसेट के रखरखाव और परिचालन से जुड़ी जरूरतों को व्यवस्थित तरीके से संभालने में मदद मिल सकती है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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