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3 min read | अपडेटेड July 22, 2025, 10:59 IST
सारांश
Eternal Share Price: दो दिनों में ही स्टॉक में 20 फीसदी से अधिक की रैली दिखी है। स्टॉक ने आज 311.60 रुपये के स्तर को छू लिया, जो कि इसका 52-वीक हाई है। आज की तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 2.89 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
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Eternal के शेयरों ने आज 311.60 रुपये के 52-वीक हाई को छू लिया।
Zomato की पैरेंट कंपनी Eternal के शेयरों में आज 22 जुलाई को लगातार दूसरे दिन जमकर खरीदारी हो रही है। कंपनी के शेयरों में आज करीब 15 फीसदी की दमदार तेजी है। इसके पहले 21 जुलाई को भी यह स्टॉक 7 फीसदी से अधिक चढ़ा था। इस तरह दो दिनों में ही स्टॉक में 20 फीसदी से अधिक की रैली दिखी है।
स्टॉक ने आज 311.60 रुपये के स्तर को छू लिया, जो कि इसका 52-वीक हाई है। आज की तेजी के साथ कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 2.89 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
Eternal ने 21 जुलाई को FY26 की जून तिमाही के नतीजे जारी किए, जिसके बाद यह स्टॉक 7.5% की बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि, कंपनी के नतीजे मिले-जुले ही रहे। ऐसे में सवाल यह है कि शेयरों में इस दमदार रैली की वजह क्या है? दरअसल, शेयर पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट्स का कहना है कि मैनेजमेंट की टिप्पणियां काफी पॉजिटिव रहीं, जिसकी वजह से स्टॉक पर निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
Eternal ने 30 जून 2025 को समाप्त तिमाही में ₹25 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। पिछली तिमाही में यह आंकड़ा ₹39 करोड़ और एक साल पहले इसी अवधि में ₹253 करोड़ था। जून तिमाही में इसका रेवेन्यू ₹7167 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में दर्ज ₹4206 करोड़ से 70% अधिक है।
शेयरधारकों को इटरनल ने कहा कि उसके B2C बिजनेस की नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में सालाना 55% (तिमाही आधार पर 16%) बढ़कर ₹20183 करोड़ हो गई। यह पहली तिमाही थी जब उसके क्विक कॉमर्स का NOV पूरी तिमाही के लिए फूड डिलीवरी के NOV से आगे निकल गया।
कंपनी की B2C (बिजनेस टू कस्टमर) सेवाओं से सालाना आधार पर लगभग 10 अरब डॉलर की बिक्री (NOV) हो रही है। इनमें से सबसे बड़ा हिस्सा अब क्विक कॉमर्स से आ रहा है, जो कुल B2C बिजनेस का लगभग आधा है।
कंपनी के B2B (बिजनेस टू बिजनेस) बिजनेस Hyperpure की कमाई में सालाना 89% की बढ़त हुई है और तिमाही आधार पर 25% की। हालांकि, कंपनी ने कहा कि आने वाले कुछ क्वार्टर में इस बिजनेस में गिरावट आ सकती है।
कुल मिलाकर कंपनी की एडजस्टेड कमाई 67% सालाना और 22% तिमाही बढ़कर ₹7,563 करोड़ हो गई है, और पिछले 11 तिमाहियों से इसकी ग्रोथ 50% से ज्यादा बनी हुई है।
मुनाफे के मामले में कंपनी का एडजस्टेड EBITDA 42% घटकर ₹172 करोड़ रह गया है। इसकी वजह क्विक कॉमर्स और "गोइंग आउट" (बाहर खाने-पीने या बाहर की गतिविधियों) में लगातार निवेश करना है। हालांकि, फूड डिलीवरी की कमाई में सुधार हुआ है, इसका मार्जिन 3.9% से बढ़कर 5% हो गया है।
Jefferies के एक्सपर्ट्स का मानना है कि FY26 की पहली तिमाही के आंकड़े मिले-जुले रहे, लेकिन कंपनी का भविष्य को लेकर भरोसा काफी सकारात्मक है। ग्रोथ मजबूत बनी हुई है और प्रतिस्पर्धा घटने से मुनाफे का मार्जिन भी बेहतर होने की उम्मीद है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फूड डिलीवरी की ग्रोथ धीमी हुई है, लेकिन मैनेजमेंट को सीमित शॉर्ट-टर्म मार्जिन के साथ इसमें तेजी आने की उम्मीद है।
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