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3 min read | अपडेटेड December 30, 2025, 10:36 IST
सारांश
रेलवे सिग्नलिंग और इलेक्ट्रिफिकेशन प्रोजेक्ट्स में माहिर ई टू ई ट्रांसपोर्टेशन के आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त प्यार मिल रहा है। रिटेल निवेशकों ने अपने हिस्से को 169 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब किया है। कंपनी के पास 401 करोड़ रुपये की मजबूत ऑर्डर बुक है।

ई टू ई ट्रांसपोर्टेशन के आईपीओ में निवेश का आज आखिरी दिन है।
भारतीय शेयर बाजार के एसएमई सेगमेंट में इन दिनों एक कंपनी की जबरदस्त चर्चा है और वह है ई टू ई ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड। इस कंपनी के आईपीओ में निवेश करने का आज यानी आखिरी मौका है। निवेशकों के बीच इस आईपीओ को लेकर जो उत्साह देखा जा रहा है, वह पिछले कुछ महीनों के बड़े आईपीओ को भी मात दे रहा है। दूसरे दिन के अंत तक के आंकड़े बताते हैं कि निवेशक इस कंपनी के भविष्य को लेकर काफी आश्वस्त हैं। ग्रे मार्केट में चल रही हलचल से यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि इस शेयर की लिस्टिंग धमाकेदार हो सकती है। अगर आप भी इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे सेक्टर में भरोसेमंद निवेश की तलाश में हैं, तो इस आईपीओ की हर छोटी-बड़ी जानकारी आपके काम की साबित हो सकती है।
ई टू ई ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर के आईपीओ में सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों ने सबको हैरान कर दिया है। दूसरे कारोबारी दिन तक यह कुल 125.8 गुना सब्सक्राइब किया जा चुका है। इसमें सबसे ज्यादा रुचि छोटे यानी रिटेल निवेशकों ने दिखाई है, जिनके लिए आरक्षित हिस्सा 169.58 गुना भरा गया है। वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी एनआईआई कैटेगरी में भी करीब 181.85 गुना बोलियां मिल चुकी हैं। हालांकि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स ने अब तक केवल 6.32 गुना ही सब्सक्राइब किया है, लेकिन अक्सर देखा गया है कि बड़े निवेशक आखिरी दिन ही भारी संख्या में आते हैं।
कंपनी के कामकाज की बात करें तो यह रेलवे और मेट्रो परियोजनाओं के लिए इंजीनियरिंग और डिजाइन समाधान उपलब्ध कराने वाली एक प्रमुख कंपनी है। ई टू ई ट्रांसपोर्टेशन मुख्य रूप से सिग्नलिंग, टेलीकम्युनिकेशन, ट्रैक इलेक्ट्रिफिकेशन और सिस्टम इंटीग्रेशन जैसे जटिल क्षेत्रों में काम करती है। कंपनी के पोर्टफोलियो में इंडियन रेलवे के बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ हैदराबाद, नागपुर, मुंबई और चेन्नई मेट्रो जैसे हाई प्रोफाइल काम भी शामिल हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल ने भी इस कंपनी पर भरोसा जताते हुए आईपीओ से पहले ही इसमें बड़ी हिस्सेदारी ली है। वर्तमान में कंपनी के पास 401 करोड़ रुपये से ज्यादा की मजबूत ऑर्डर बुक है।
वित्तीय मोर्चे पर कंपनी ने अब तक काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2024 और 2025 के बीच कंपनी के रेवेन्यू में करीब 47 फीसदी की जोरदार बढ़त देखी गई है। इसी दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा भी 36 फीसदी की दर से बढ़ा है। हालांकि, हालिया छमाही के नतीजों में कंपनी को मामूली घाटा हुआ है, जिसे बाजार के जानकार विस्तार के दौर में होने वाली एक सामान्य प्रक्रिया मान रहे हैं। कंपनी ने आईपीओ के जरिए जुटाए जा रहे 84 करोड़ रुपये में से 70 करोड़ रुपये केवल वर्किंग कैपिटल यानी रोजमर्रा के कामकाज के लिए रखे हैं। इससे साफ है कि कंपनी नए बड़े प्रोजेक्ट्स को हाथ में लेने और उन्हें समय पर पूरा करने के लिए अपनी आर्थिक स्थिति को और बेहतर करना चाहती है।
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