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5 min read | अपडेटेड August 10, 2026, 08:23 IST
सारांश
धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड भारत की प्रमुख इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स (E&E) कंपनियों में से एक है। यह कंपनी ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव इस्तेमाल के लिए वायरिंग हार्नेस और इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की डिजाइन, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई का काम करती है।

धूत ट्रांसमिशन आईपीओ का सब्सक्रिप्शन विंडो आज से खुला (Photo: Dhoot Transmission)
3,066.89 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है। धूत ट्रांसमिशन आईपीओ बुक बिल्ड इश्यू है, जिसमें फ्रेश शेयरों के साथ-साथ ऑफर फॉर सेल का कंपोनेंट शामिल है। 1,400 करोड़ रुपये के 1.61 करोड़ फ्रेश शेयर हैं, जबकि 1,666.89 रुपये के 1.91 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल पर हैं। इसका सब्सक्रिप्शन विंडो 10 अगस्त यानी कि आज से खुल रहा है, जबकि बोली लगाने की आखिरी डेट 12 अगस्त होगी। 13 अगस्त को इसका अलॉटमेंट फाइनलाइज किया जाना है। धूत ट्रांसमिशन आईपीओ की लिस्टिंग एनएसई और बीएसई दोनों पर होनी है और इसकी संभावित लिस्टिंड डेट 17 अगस्त तय की गई है। धूत ट्रांसमिशन IPO के लिए प्रति शेयर 829 से 871 रुपये का प्राइस बैंड तय किया गया है। एप्लीकेशन के लिए लॉट साइज 17 शेयरों का है। एक व्यक्तिगत निवेशक (रिटेल) के लिए जरूरी कम से कम निवेश की राशि 14,807 रुपये (17 शेयर) है। एक्सिस कैपिटल लिमिटेड बुक रनिंग लीड मैनेजर है और केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड इस इश्यू का रजिस्ट्रार है। अगर आपने इस आईपीओ में दांव लगाने का प्लान बनाया है, तो उससे पहले कंपनी क्या करती है, उसका बिजनेस कितना बड़ा है और इस आईपीओ के रिस्क फैक्टर्स क्या हैं, इसकी जानकारी बहुत अहम है।
अप्रैल 1998 में बनी, धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड भारत की प्रमुख इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स (E&E) कंपनियों में से एक है। यह कंपनी ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव इस्तेमाल के लिए वायरिंग हार्नेस और इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की डिजाइन, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई का काम करती है। कंपनी के पास कई तरह के प्रोडक्ट्स हैं, जैसे वायरिंग हार्नेस, बैटरी पैक, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोलर, ऑटोमोटिव स्विच, टर्मिनल, कनेक्टर और पावर सप्लाई कॉर्ड। ये प्रोडक्ट्स इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) दोनों तरह के प्लेटफॉर्म के लिए हैं। कंपनी भारत के टू-व्हीलर (2W) और थ्री-व्हीलर (3W) वायरिंग हार्नेस मार्केट में टॉप दो कंपनियों में से एक है, जिसका मार्केट शेयर 41% है। साथ ही, यह इलेक्ट्रिक 2W और 3W सेगमेंट में भी लीडर है, जहां फाइनेंशियल ईयर 2026 में इसका मार्केट शेयर लगभग 70% है। इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कमर्शियल व्हीकल, ऑफ-हाईवे व्हीकल, खेती के इक्विपमेंट और इंडस्ट्रियल कामों में भी होता है।
इसके ऑटोमोटिव प्रोडक्ट्स में से लगभग 95% EV-फोकस्ड या पावरट्रेन-न्यूट्रल हैं, जिससे कंपनी को इलेक्ट्रिफिकेशन, प्रीमियम-करण, कनेक्टेड व्हीकल और ऑटोमेशन जैसे ट्रेंड्स से फायदा मिलने की उम्मीद है। धूत ट्रांसमिशन ने प्रमुख ऑटोमोटिव OEM के साथ लंबे समय के संबंध बनाए रखे हैं और साथ ही अपने कस्टमर बेस को विविध रखा है और मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस दिखाई है। 31 मार्च 2026 तक, कंपनी के पास मैन्युफैक्चरिंग, R&D, इंजीनियरिंग, सेल्स, फाइनेंस और कॉर्पोरेट विभागों में कुल 2,735 फुल-टाइम कर्मचारी थे।
Dhoot Transmission Limited के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के मुताबिक कुछ प्रमुख रिस्क फैक्टर्स भी हैं, जिसके बारे में इन्वेस्टर्स को पता होना चाहिए-
कंपनी के परिचालन राजस्व में पिछले तीन सालों में लगातार और मजबूत वृद्धि (27.18% CAGR) देखी गई है-
कंपनी अपने कुल रेवेन्यू का 77.08% हिस्सा केवल वायरिंग हार्नेस की बिक्री से कमाती है। सेक्टर के आधार पर, 65.47% रेवेन्यू भारतीय दो-पहिया (2W) वाहन उद्योग से और 12.86% रेवेन्यू तीन-पहिया (3W) वाहन उद्योग से आता है। कंपनी का 3W सेगमेंट में 70% से अधिक मार्केट शेयर है।
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