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  1. IPO Update: आज से खुले दो नए आईपीओ, दीपा ज्वैलर्स और रेज ऑफ बिलीफ में दांव लगाने से पहले जानें पूरी डीटेल

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IPO Update: आज से खुले दो नए आईपीओ, दीपा ज्वैलर्स और रेज ऑफ बिलीफ में दांव लगाने से पहले जानें पूरी डीटेल

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड September 01, 2026, 12:38 IST

सारांश

प्राइमरी मार्केट में आज 1 सितंबर से दो नए मेनबोर्ड आईपीओ दीपा ज्वैलर्स और रेज ऑफ बिलीफ (मॉम्स बिलीफ) दांव लगाने के लिए खुल गए हैं। निवेशक इनमें 3 सितंबर तक बोली लगा सकते हैं।

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प्राइमरी मार्केट में आज 1 सितंबर 2026 से दीपा ज्वैलर्स और रेज ऑफ बिलीफ के आईपीओ खुल चुके हैं।

प्राइमरी मार्केट में आज 1 सितंबर 2026 से दो नए मेनबोर्ड आईपीओ निवेशकों के लिए खुल चुके हैं। इनमें पहला आईपीओ ज्वेलरी रिटेलर कंपनी दीपा ज्वैलर्स का है, जबकि दूसरा आईपीओ चाइल्ड केयर और न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर क्षेत्र की कंपनी रेज ऑफ बिलीफ यानी मॉम्स बिलीफ का है। दोनों आईपीओ में निवेशक 1 सितंबर से 3 सितंबर 2026 तक बोली लगा सकते हैं। इन दोनों आईपीओ के जरिए कंपनियां कुल 585 करोड़ रुपये जुटाने जा रही हैं। अगर आप भी इनमें पैसे लगाने का सोच रहे हैं, तो दोनों कंपनियों के बिजनेस, फंड यूज प्लान और रिस्क फैक्टर्स को जानना जरूरी है।

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दीपा ज्वैलर्स आईपीओ की पूरी डीटेल

दीपा ज्वैलर्स का आईपीओ कुल 459.72 करोड़ रुपये का है, जिसका प्राइस बैंड 168 रुपये से 177 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। इस इश्यू में 250 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 209.72 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल शामिल है। रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज 84 शेयरों का है, जिसके लिए कम से कम 14,868 रुपये का निवेश करना होगा। साल 2016 में शुरू हुई दीपा ज्वैलर्स गोल्ड और डायमंड ज्वेलरी के रिटेल व होलसेल बिजनेस में लगी हुई है। दक्षिण भारत के 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कंपनी का 373 से ज्यादा स्टोर्स का बड़ा नेटवर्क फैला हुआ है।

इसके रिस्क फैक्टर्स क्या हैं?

दीपा ज्वैलर्स फ्रेश इश्यू से मिलने वाले 250 करोड़ रुपये में से लगभग 215 करोड़ रुपये की रकम का इस्तेमाल अपने वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और नई इन्वेंट्री खरीदने में करेगी। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 1,927.73 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 104.79 करोड़ रुपये रहा। रिस्क फैक्टर्स की बात करें तो कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन केवल 5.44% है, जिससे सोने-चांदी की कीमतों में बदलाव का सीधा असर इसके मुनाफे पर पड़ता है। इसके अलावा कंपनी के रेवेन्यू का 94% से ज्यादा हिस्सा केवल दक्षिण भारत से आता है।

रेज ऑफ बिलीफ आईपीओ का पैसा कहां होगा यूज?

दूसरी तरफ रेज ऑफ बिलीफ लिमिटेड यानी मॉम्स बिलीफ का आईपीओ कुल 125 करोड़ रुपये का है। यह पूरा इश्यू 100 पर्सент फ्रेश इश्यू है। कंपनी ने इसके लिए 227 रुपये से 239 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड रखा है। रिटेल निवेशकों के लिए लॉट साइज 62 शेयरों का है, जिसके लिए न्यूनतम 14,818 रुपये लगाने होंगे। साल 2018 में स्थापित मॉम्स बिलीफ ऑटिज्म और ADHD जैसी चुनौतियों से जूझ रहे बच्चों के लिए थेरेपी और केयर प्रदान करती है। कंपनी के पास देश के 57 शहरों में 136 से ज्यादा सेंटर्स का नेटवर्क है।

रेज ऑफ बिलीफ आईपीओ से मिलने वाले 125 करोड़ रुपये में से 32.42 करोड़ रुपये नए सेंटर्स खोलने और नेटवर्क विस्तार पर खर्च करेगी। इसके अलावा 24.58 करोड़ रुपये लीज पेमेंट्स, 10.21 करोड़ रुपये ब्रांड अवेयरनेस और बाकी रकम रिसर्च पर खर्च होगी। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 82.06 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 4.96 करोड़ रुपये रहा। रिस्क फैक्टर्स की बात करें तो 239 रुपये के अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का पीई मल्टीपल लगभग 100 गुना के ऊंचे लेवल पर है। इसके अलावा इस सेगमेंट में कोई दूसरी लिस्टेड कंपनी न होना और नए सेंटर्स का ब्रेक-इवन पीरियड 12 से 18 महीने होना भी बड़ा रिस्क है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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