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Cult.fit IPO: एक रिटेल इंवेस्टर के लिए कितना फिट है यह आईपीओ, क्या जुटाए पैसों से लिखी जाएगी कंपनी की ग्रोथ स्टोरी?

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड July 09, 2026, 11:55 IST

सारांश

बेंगलुरू की फिटनेस और वैलनेस कंपनी कल्टफिट लिमिटेड अपना आईपीओ लाने जा रही है। कंपनी ने इसके लिए सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर्स जमा कराए हैं। इस आईपीओ के तहत कंपनी 950 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करेगी। इसके साथ ही बॉलीवुड एक्टर रितिक रोशन और कोफाउंडर मुकेश बंसल अपनी हिस्सेदारी कम करेंगे।

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कल्टफिट कंपनी ने बाजार से फंड जुटाने के लिए सेबी के पास जमा किए अपने दस्तावेज। Image: Shutterstock

फिटनेस और वैलनेस के क्षेत्र में काम करने वाली देश की बड़ी कंपनी कल्टफिट लिमिटेड जल्द ही अपना आईपीओ लेकर आने वाली है। कंपनी ने इसके लिए बाजार नियामक सेबी के पास अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस यानी DRHP दस्तावेज जमा करा दिए हैं। इस पब्लिक इश्यू के जरिए कंपनी बाजार से भारी फंड जुटाने की तैयारी में है। कल्टफिट इस आईपीओ के माध्यम से 950 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करेगी। इसके साथ ही कंपनी के कई मौजूदा निवेशक और प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी बेचकर बाहर निकलने या उसे कम करने का विकल्प चुन रहे हैं। हिस्सेदारी बेचने वाले इन बड़े नामों में बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता रितिक रोशन और कंपनी के कोफाउंडर मुकेश बंसल भी शामिल हैं।

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आईपीओ की ये रही डीटेल

बेंगलुरू में हेडक्वार्टर वाली इस फिटनेस कंपनी के आईपीओ के ढांचे को दो मुख्य हिस्सों में बांटा गया है। इसमें 950 करोड़ रुपये के नए इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल होगा। इसके अलावा कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 17.86 करोड़ इक्विटी शेयरों का ऑफर फार सेल यानी OFS लाया जाएगा। इन सभी शेयरों की फेस वैल्यू 1 रुपये प्रति शेयर है। ड्राफ्ट पेपर्स के आंकड़ों के मुताबिक, बॉलीवुड स्टार रितिक रोशन के पास कंपनी में कुल 19 लाख इक्विटी शेयर मौजूद हैं। रितिक रोशन इस OFS के जरिए अपने पोर्टफोलियो से 6,33,813 शेयर बेचने की योजना बना रहे हैं, जबकि अपनी बाकी बची हुई बड़ी हिस्सेदारी को वे कंपनी में बनाए रखेंगे। सभी अनिवार्य कंवर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स के इक्विटी में बदलने के बाद रितिक रोशन के लिए इन शेयरों को खरीदने की औसत लागत 19.76 रुपये प्रति शेयर बैठती है।

OFS के तहत हिस्सेदारी बेचने वाले सभी शेयरधारकों में कंपनी के कोफाउंडर मुकेश बंसल सबसे आगे हैं। वे इस आईपीओ में अपने हिस्से के सबसे ज्यादा यानी 16.02 मिलियन इक्विटी शेयर बेचने जा रहे हैं। मुकेश बंसल के अलावा OFS में हिस्सा लेने वाले अन्य प्रमुख नामों में ओनिक्स के कोफाउंडर असाफ अवीदान एंटोनिर शामिल हैं, जो अपने 3.9 मिलियन शेयर बेचेंगे। उनके साथ ही एचपी एढेसिव्स के मैनेजिंग डायरेक्टर करन हरेश मोटवानी 907,287 शेयर बेचने की तैयारी में हैं। वहीं मुकुल देवरास 211,245 शेयर और फिटएडूकोच की फाउंडर व सीईओ श्रद्धा सेठ अपने हिस्से के 49,849 शेयर इस ऑफर फार सेल के जरिए बाजार में बेचेंगी। कंपनी ने आईपीओ से पहले 190 करोड़ रुपये तक के प्री-आईपीओ प्लेसमेंट का भी प्रस्ताव रखा है। अगर यह प्लेसमेंट पूरा हो जाता है, तो फ्रेश इश्यू से जुटाई जाने वाली रकम को इसी के बराबर कम कर दिया जाएगा।

कल्टफिट का ऑपरेशन कैसा चल रहा?

साल 2016 में मुकेश बंसल और अंकित नागोरी द्वारा शुरू की गई कल्टफिट आज के समय में भारत के सबसे बड़े फिटनेस प्लेटफॉर्म्स में से एक बन चुकी है। कंपनी का बिजनेस नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला हुआ है। वर्तमान में यह कंपनी देश के 77 अलग-अलग शहरों में कुल 708 फिटनेस सेंटर्स का संचालन कर रही है। कंपनी को मिलने वाले कुल रेवेन्यू का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसके जिम और ग्रुप वर्कआउट सेंटर्स के नेटवर्क से आता है। कंपनी के जिम और फिटनेस सेंटर्स से मिलने वाले सब्सक्रिप्शन और अन्य सेवाएं इसके कुल रेवेन्यू में लगभग 70 पर्सेंट का योगदान देती हैं। वहीं बाकी बचा हुआ 30 पर्सेंट का रेवेन्यू इसके ट्रांजैक्शन आधारित फिटनेस प्रोडक्ट्स के बिजनेस से जेनरेट होता है।

लॉस में देखी जा रही है गिरावट

पिछले कुछ सालों के दौरान कल्टफिट ने अपने रेवेन्यू में एक मजबूत और शानदार बढ़त दर्ज की है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना आधार पर 40 पर्सेंट की जोरदार तेजी के साथ 1,721 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष 2025 में 1,216 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। हालांकि कंपनी अभी भी पूरी तरह से मुनाफे में नहीं आई है और घाटे में चल रही है, लेकिन इसके बाद भी इसकी ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और प्रोफिटेबिलिटी में लगातार सुधार देखा जा रहा है। बेहतर ऑपरेशनल परफॉर्मेंस की बदौलत कंपनी ने अपने नुकसान को काफी हद तक कम कर लिया है। कल्टफिट का नेट लॉस वित्त वर्ष 2024 के 888 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025 के 481 करोड़ रुपये से घटकर वित्त वर्ष 2026 में केवल 252 करोड़ रुपये रह गया है। कंपनी के इस आईपीओ का मैनेजमेंट संभालने के लिए एक्सिस कैपिटल, गोल्डमैन सैक्स इंडिया, जेफरीज इंडिया, जेएम फाइनेंशियल और मॉर्गन स्टेनली इंडिया को बुक रनिंग लीड मैनेजर्स के रूप में नियुक्त किया गया है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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