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  1. जून के पहले सप्ताह में आ रहा है ₹631 करोड़ का यह आईपीओ, इस काम में माहिर है कंपनी

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जून के पहले सप्ताह में आ रहा है ₹631 करोड़ का यह आईपीओ, इस काम में माहिर है कंपनी

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड June 02, 2026, 09:41 IST

सारांश

मेटल रीसाइक्लिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज का आईपीओ बुधवार 3 जून से सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने जा रहा है। कंपनी ने इसके लिए 182 रुपये से 192 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशक इसमें 5 जून तक पैसा लगा सकते हैं।

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सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज के आईपीओ में दांव लगाने से पहले जानें कंपनी की कमाई और जरूरी तारीखें। | Image: Shutterstock

शेयर बाजार के प्राइमरी मार्केट में एक महीने की सुस्ती के बाद अब निवेशकों के लिए कमाई का एक नया और बड़ा मौका आने वाला है। देश की बड़ी मेटल रीसाइक्लिंग और अलॉय मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में से एक सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी आईपीओ लेकर आ रही है। यह आईपीओ 3 जून से आम निवेशकों के लिए सब्सक्रिप्शन के लिए पूरी तरह खुल जाएगा। निवेशक इस आईपीओ में शुक्रवार 5 जून तक बोली लगा सकते हैं। कंपनी ने बाजार से फंड जुटाने के लिए इस बुक बिल्डिंग इश्यू का प्राइस बैंड 182 रुपये से 192 रुपये प्रति इक्विटी शेयर तय किया है।

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आईपीओ से जुड़ी जरूरी तारीखें और लॉट साइज

सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज के आईपीओ में निवेश करने की सोच रहे लोगों के लिए इसकी टाइमलाइन जानना बेहद जरूरी है। यह इश्यू 3 जून को खुलेगा और 5 जून को बंद होगा। इसके बाद कंपनी के शेयरों का अलॉटमेंट सोमवार 8 जून 2026 को फाइनल होने की उम्मीद है। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिल पाएंगे, उन्हें 9 जून को रिफंड मिल जाएगा और सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में इसी दिन शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग बुधवार 10 जून 2026 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE पर होने की संभावना है। इस आईपीओ के लिए कंपनी ने 78 शेयरों का एक लॉट साइज तय किया है। इसका मतलब है कि रिटेल निवेशकों को कम से कम एक लॉट यानी 14,976 रुपये का निवेश करना जरूरी होगा। कोई भी रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट यानी 1,014 शेयरों के लिए 1,94,688 रुपये तक का दांव लगा सकता है।

कंपनी इस पैसे का क्या करेगी?

यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस पर आधारित है, जिसका साइज करीब 630.88 करोड़ रुपये है। इसके तहत कंपनी के मौजूदा प्रमोटर्स और इनवेस्टर्स अपने हिस्से के कुल 3.28 करोड़ से ज्यादा इक्विटी शेयर बेच रहे हैं। चूंकि यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल है, इसलिए आईपीओ से मिलने वाली सारी रकम सीधे शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स और प्रमोटर्स के पास जाएगी। कंपनी को इस आईपीओ से कोई डायरेक्ट फंड नहीं मिलेगा। कंपनी का मुख्य मकसद खुद को शेयर बाजार में लिस्ट कराना है, जिससे बाजार में उसकी विजिबिलिटी बढ़ेगी और मौजूदा शेयरहोल्डर्स को अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए लिक्विडिटी मिल सकेगी।

क्या काम करती है कंपनी?

सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज मुख्य रूप से नॉन-फेरस यानी अलौह मेटल रीसाइक्लिंग के बिजनेस में लगी हुई है। कंपनी कबाड़ या स्क्रैप धातुओं को साफ करके बड़े पैमाने पर एल्युमिनियम अलॉय और जिंक अलॉय बनाने का काम करती है। यह कंपनी लिक्विड एल्युमिनियम और इंगट दोनों रूपों में अपने प्रोडक्ट्स बेचती है। भारत के संगठित एल्युमिनियम रीसाइक्लिंग मार्केट में इस कंपनी की हिस्सेदारी करीब 45 पर्सेंट है, जो इसे अपने सेक्टर का एक बड़ा लीडर बनाती है। कंपनी के पास देश भर में 13 रीसाइक्लिंग और मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं, जो बड़े ऑटोमोबाइल और इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स के पास मौजूद हैं। यह कंपनी मारुति सुजुकी, हीरो मोटोकॉर्प, बजाज ऑटो, होंडा कार्स इंडिया, रॉयल एनफील्ड और जिंदल स्टेनलेस जैसी देश की टॉप ऑटोमोटिव और टियर-1 कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों को सीधे अपने प्रोडक्ट्स सप्लाई करती है।

कमाई के मोर्चे पर क्या है हाल?

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की बात करें, तो सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजीज का ट्रैक रिकॉर्ड काफी मजबूत रहा है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का कुल ऑपरेशन से रेवेन्यू करीब 6,666.5 करोड़ रुपये रहा था। इस दौरान कंपनी का एबिटा यानी EBITDA करीब 303.7 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था और कंपनी ने 155 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया था। इसके बाद चालू वित्त वर्ष में भी कंपनी ने अपनी ग्रोथ को बनाए रखा है और 31 दिसंबर 2025 को खत्म हुए नौ महीनों के दौरान कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 6,275.5 करोड़ रुपये रहा है, जबकि इस अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 162.4 करोड़ रुपये पर पहुंच चुका है।

हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी अपने रेवेन्यू के लिए कुछ चुनिंदा बड़े ग्राहकों पर काफी निर्भर है, जो इसके बिजनेस के फ्यूचर के लिए एक रिस्क फैक्टर भी माना जाता है। इसके बावजूद घरेलू रीसाइक्लिंग स्पेस में अपने कड़े कॉम्पिटिशन और बेहतरीन क्षमता के कारण कंपनी बाजार में एक मजबूत स्थिति में खड़ी दिखाई दे रही है।

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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