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कैलिबर माइनिंग के शेयरों की मार्केट में धांसू एंट्री, प्रति शेयर निवेशकों को कितना प्रॉफिट?

Namita Shukla

4 min read | अपडेटेड July 24, 2026, 09:45 IST

सारांश

कैलिबर माइनिंग आईपीओ 154.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था। 21 जुलाई, 2026 को शाम 6:54:35 बजे (तीसरे दिन) तक, इस पब्लिक इश्यू को रिटेल कैटेगरी में 43.40 गुना, QIB (एंकर को छोड़कर) कैटेगरी में 253.88 गुना और NII कैटेगरी में 281.99 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।

कैलिबर माइनिंग आईपीओ

कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स के शेयरों की लिस्टिंग (Photo: Shutterstock)

मार्केट में आज कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स लिमिटेड के शेयरों की एंट्री हो गई है। कैलिबर माइनिंग के शेयरों की लिस्टिंग नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) दोनों पर हुई है। कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स के शेयर एनएसई पर 17.98% के प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए हैं। इस तरह से प्रति शेयर निवेशकों को 76.25 रुपये का लिस्टिंग प्रॉफिट मिला है। 424 रुपये के इश्यू प्राइस के मुकाबले कैलिबर माइनिंग के शेयर 500.25 रुपये पर लिस्ट हुए हैं। वहीं बीएसई पर 18.87% यानी कि प्रति शेयर 80 रुपये के प्रॉफिट के साथ इसके शेयर 504 रुपये पर लिस्ट हुए हैं। कैलिबर माइनिंग आईपीओ का सब्सक्रिप्शन विंडो 17 से 21 जुलाई तक खुला था और इस दौरान निवेशकों की दिलचस्पी में इसमें काफी हद तक देखने को मिली, जिसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि इसके शेयरों की लिस्टिंग में निवेशकों को ठीक-ठाक प्रॉफिट मिलेगा। 22 जुलाई को कैलिबर माइनिंग आईपीओ का अलॉटमेंट फाइनलाइज हो गया था।

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कैलिबर माइनिंग आईपीओ का प्राइस बैंड और लॉट साइज

प्राइस बैंडः 424 रुपये प्रति शेयर
लॉट साइजः 35 शेयरों का एक लॉट
रिटेल इन्वेस्टरों के लिए मिनिमम इन्वेस्टमेंटः 14,840 रुपये (35 शेयर)
sNII के लिए मिनिमम इन्वेस्टमेंटः 2,07,760 रुपये (14 लॉट, 490 शेयर)
bNII के लिए मिनिमम इन्वेस्टमेंटः 10,09,120 रुपये (68 लॉट, 2,380 शेयर)

कैसा रहा था सब्सक्रिप्शन

कैलिबर माइनिंग आईपीओ 154.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था। 21 जुलाई, 2026 को शाम 6:54:35 बजे (तीसरे दिन) तक, इस पब्लिक इश्यू को रिटेल कैटेगरी में 43.40 गुना, QIB (एंकर को छोड़कर) कैटेगरी में 253.88 गुना और NII कैटेगरी में 281.99 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।

आईपीओ से जुटाए गए फंड का क्या करेगी कंपनी?

कंपनी के IPO में 400 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 50 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। फ्रेश इश्यू से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल इन चीजों के लिए किया जाएगा-

208 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी अपने मौजूदा कर्ज को आंशिक या पूर्ण रूप से चुकाने/प्री-पेमेंट करने में करेगी। इससे ब्याज का बोझ कम होगा और बैलेंस शीट मजबूत होगी।

167 करोड़ रुपये का इस्तेमाल नए कमर्शियल वाहन, ट्रक, प्लांट और मशीनरी खरीदने में किया जाएगा। कंपनी को नए माइनिंग और लॉजिस्टिक्स कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए अपने वाहन बेड़े और उपकरणों का विस्तार करना है।

बचे हुए फंड का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। इसमें वर्किंग कैपिटल, बिजनेस एक्सपेंशन और अन्य कॉर्पोरेट जरूरतें शामिल हो सकती हैं।

कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति

फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी का ऑपरेशन्स से रेवेन्यू 1,677.66 करोड़ रुपये रहा, जो फाइनेंशियल ईयर 2024-25 की तुलना में लगभग 17.3% अधिक है। प्रॉफिटिबिलिटी भी मजबूत रही। FY26 में कंपनी की प्रति शेयर इनकम (EPS) 29.47 रुपये रही और रिटर्न ऑन नेटवर्थ (RoNW) लगभग 20.09% रहा, जो अच्छी प्रॉफिटिबिलिटी को दर्शाता है। हालांकि, कंपनी पर कर्ज का बोझ भी है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी के दीर्घकालिक बैंक ऋण करीब 993.41 करोड़ रुपये थे। यही वजह है कि आईपीओ से जुटाए गए फंड का बड़ा हिस्सा कर्ज कम करने में लगाया जा रहा है। कंपनी का मानना है कि इससे अगले 12-24 महीनों में ब्याज व्यय घटेगा और नकदी प्रवाह बेहतर होगा।

कुल मिलाकर, कंपनी की आय और मुनाफे में लगातार वृद्धि दिख रही है, लेकिन ऊंचे कर्ज और भारी पूंजी निवेश की जरूरत इसकी प्रमुख वित्तीय चुनौतियां हैं। आईपीओ से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कर्ज घटाने और क्षमता विस्तार में होने से कंपनी की वित्तीय स्थिति भविष्य में और मजबूत हो सकती है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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