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4 min read | अपडेटेड May 05, 2026, 10:21 IST
सारांश
भेल (BHEL) ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने नेट प्रोफिट को तीन गुना बढ़ा लिया है। कंपनी का सालाना मुनाफा 1600 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। अच्छे नतीजों और 1.40 रुपये के डिविडेंड के एलान के बाद सोमवार को इसके शेयरों में 2 पर्सेंट से ज्यादा की तेजी देखी गई।
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भेल के शानदार तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
भारतीय शेयर बाजार में सरकारी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड यानी भेल के शेयरों ने आज एक नई ऊर्जा भर दी है। वित्त वर्ष 2025-26 के सालाना नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि कंपनी अब एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। भेल ने न केवल अपने घाटे की पुरानी यादों को पीछे छोड़ा है, बल्कि मुनाफे के मामले में एक ऐसी छलांग लगाई है जिसकी उम्मीद बाजार के कई जानकारों को भी नहीं थी। सोमवार को नतीजों के एलान के बाद मंगलवार को भी निवेशकों के बीच इस शेयर को खरीदने की होड़ देखी गई, जिससे इसके भाव में 2 पर्सेंट से ज्यादा की मजबूती आई है।
भेल ने इस वित्त वर्ष में जो आंकड़े पेश किए हैं, वे वाकई हैरान करने वाले हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कुल नेट प्रॉफिट 1,600.26 करोड़ रुपये रहा है। अगर हम पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की बात करें, तो उस समय कंपनी का नेट प्रॉफिट केवल 533.90 करोड़ रुपये था। यानी एक साल के भीतर ही कंपनी ने अपने मुनाफे को तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ा लिया है। इस शानदार ग्रोथ का सबसे बड़ा हिस्सा साल की आखिरी तिमाही यानी जनवरी से मार्च 2026 के बीच आया है, जिसमें कंपनी ने अकेले 1,290.47 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया है।
कंपनी की इस बड़ी कामयाबी के पीछे उसके अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट का बेहतर प्रदर्शन रहा है। भेल के रेवेन्यू में इस साल जबरदस्त उछाल आया है और यह बढ़कर 33,782.18 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका पावर सेगमेंट ने निभाई है, जिसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 20,937.25 करोड़ रुपये से बढ़कर 25,406.71 करोड़ रुपये हो गया है। पावर सेक्टर में सरकार के बढ़ते निवेश और नए थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स ने भेल को काफी मदद पहुंचाई है। इसके साथ ही इंडस्ट्री सेगमेंट में भी अच्छी ग्रोथ दिखी है और वहां से रेवेन्यू बढ़कर 8,375.47 करोड़ रुपये रहा है।
मुनाफे में आई इस बंपर तेजी का फायदा कंपनी अपने शेयरहोल्डर्स को भी देने जा रही है। भेल के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रति शेयर 1.40 रुपये के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। यह डिविडेंड 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले शेयरों पर 70 पर्सेंट के बराबर है। कंपनी ने बताया है कि आगामी एनुअल जनरल मीटिंग में मंजूरी मिलने के बाद अगले 30 दिनों के भीतर शेयरहोल्डर्स के खातों में यह पैसा भेज दिया जाएगा। डिविडेंड के इस एलान ने निवेशकों के भरोसे को और ज्यादा मजबूत किया है।
बाजार में जोश सिर्फ नतीजों को देखकर ही नहीं है, बल्कि कंपनी के फ्यूचर प्लान को लेकर भी काफी सकारात्मक माहौल बना हुआ है। भेल अब पारंपरिक पावर प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ क्लीन एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में भी अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। कंपनी का प्लान आने वाले समय में ग्रीन हाइड्रोजन और सुपरक्रिटिकल थर्मल प्लांट्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों में बड़े प्रोजेक्ट्स हासिल करने का है। इसके अलावा रेलवे और डिफेंस सेक्टर में भी भेल अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार कर रही है, जिससे आने वाले सालों में रेवेन्यू के नए सोर्स तैयार होंगे।
भेल का ऑर्डर बुक इस समय काफी मजबूत स्थिति में है, जो भविष्य में होने वाली कमाई की गारंटी देता है। कंपनी का फोकस अब प्रोजेक्ट्स के समय पर कार्यान्वयन यानी इंप्लीमेंटेशन पर है ताकि लागत को कम रखा जा सके और नेट प्रॉफिट मार्जिन को और बेहतर बनाया जा सके।
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