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4 min read | अपडेटेड January 08, 2026, 11:37 IST
सारांश
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का आईपीओ 9 जनवरी को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी 1,071 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। कोल इंडिया के शेयरधारकों के लिए 10 प्रतिशत कोटा आरक्षित किया गया है। इसका प्राइस बैंड 21 से 23 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।
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कोल इंडिया की मिनी रत्न कंपनी BCCL साल 2026 का पहला मेनबोर्ड आईपीओ ला रही है।
नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही निवेश की दुनिया में बड़ी हलचल शुरू हो गई है। कोल इंडिया की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) अपना प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ लेकर आ रही है। यह साल 2026 का पहला मेनबोर्ड आईपीओ होगा, जो कल यानी 9 जनवरी को निवेशकों के लिए खुल जाएगा। साल 2014 में मिनी रत्न का दर्जा प्राप्त करने वाली यह कंपनी मुख्य रूप से स्टील और पावर उद्योगों के लिए इस्तेमाल होने वाले कोकिंग कोल और नॉन-कोकिंग कोल का उत्पादन करती है। स्टील सेक्टर की बढ़ती मांग के बीच BCCL का यह आईपीओ बाजार में काफी चर्चा बटोर रहा है।
BCCL का आईपीओ 9 जनवरी 2026 को खुलेगा और निवेशक इसमें 13 जनवरी 2026 तक बोली लगा सकेंगे। इसके बाद, शेयरों के अलॉटमेंट यानी आवंटन की प्रक्रिया 14 जनवरी को पूरी की जाएगी। जिन निवेशकों को शेयर मिलेंगे, उनके डीमैट खाते में 15 जनवरी तक शेयर जमा कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर की जाएगी। कंपनी का लक्ष्य इस आईपीओ के जरिए कुल 1,071 करोड़ रुपये जुटाना है।
इस आईपीओ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोल इंडिया के शेयरधारकों के लिए एक विशेष कोटा रखा गया है। चूंकि BCCL कोल इंडिया की सहायक कंपनी है, इसलिए कुल इश्यू साइज का 10 प्रतिशत यानी 107.1 करोड़ रुपये के शेयर कोल इंडिया के शेयरधारकों के लिए आरक्षित हैं। वे निवेशक जिनके पास 1 जनवरी 2026 तक कोल इंडिया का कम से कम एक शेयर था, वे इस कोटे के तहत आवेदन कर सकते हैं। इस कैटेगरी में आवेदन करने से शेयर मिलने की संभावना सामान्य रिटेल कैटेगरी के मुकाबले काफी बढ़ जाती है। हालांकि, इस कोटे के तहत शेयरों की कीमत पर कोई अलग से छूट नहीं दी जाएगी।
BCCL आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 21 रुपये से 23 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। जो निवेशक इसमें पैसा लगाना चाहते हैं, उन्हें कम से कम एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा, जिसमें 600 शेयर होंगे। इस हिसाब से एक लॉट के लिए न्यूनतम निवेश राशि 13,800 रुपये होगी। यह आईपीओ पूरी तरह से 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) है, जिसका मतलब है कि बिक्री से मिलने वाला पूरा पैसा प्रमोटर यानी कोल इंडिया के पास जाएगा। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में इसका रेवेन्यू 14,245 करोड़ रुपये रहा था, जबकि इसके शुद्ध लाभ में भी अच्छी बढ़ोतरी देखी गई है।
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड देश की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनियों में से एक है। वित्त वर्ष 2025 में भारत के कुल कोकिंग कोल उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी 58.50 प्रतिशत रही है। कंपनी झारखंड के झरिया और पश्चिम बंगाल के रानीगंज कोयला क्षेत्रों में काम करती है, जो देश के सबसे समृद्ध कोयला भंडार माने जाते हैं। वर्तमान में कंपनी 34 खदानों का संचालन कर रही है। इसके साथ ही कंपनी अपनी कोल वॉशरी क्षमता को भी बढ़ा रही है ताकि कोयले की गुणवत्ता में सुधार कर स्टील निर्माताओं को बेहतर सप्लाई दी जा सके। इससे विदेशों से आयात होने वाले कोकिंग कोल पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
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