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3 min read | अपडेटेड May 04, 2026, 15:59 IST
सारांश
आदित्य बिरला कैपिटल ने वित्त वर्ष 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 21 पर्सेंट बढ़कर 3,797 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के रेवेन्यू में भी 14 पर्सेंट की बढ़त देखी गई है। इसका कुल कर्ज पोर्टफोलियो 2 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है।

आदित्य बिरला कैपिटल ने वित्त वर्ष 2025-2026 के शानदार नतीजे घोषित किए।
आदित्य बिरला कैपिटल लिमिटेड (ABCL) ने सोमवार 4 मई 2026 को अपने सालाना और चौथी तिमाही के वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के लिए यह साल उपलब्धियों से भरा रहा है। कुमार मंगलम बिरला की अगुवाई वाली इस कंपनी ने रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट दोनों ही मोर्चों पर शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी की ग्रोथ में इसके कर्ज कारोबार, इंश्योरेंस सेगमेंट और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का बड़ा योगदान रहा है।
वित्त वर्ष 2025-2026 के दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 21 पर्सेंट बढ़कर 3,797 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी अधिक है। अगर सिर्फ चौथी तिमाही यानी जनवरी से मार्च 2026 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 30 पर्सेंट बढ़कर 1,124 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वहीं कामकाज से होने वाली कुल कमाई यानी कंसोलिडेटेड रेवेन्यू भी सालाना आधार पर 14 पर्सेंट की मजबूती के साथ 53,871 करोड़ रुपये रहा है। मुनाफे में यह बढ़त कंपनी की ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में सुधार को दिखाती है।
कंपनी के कर्ज देने वाले कारोबार ने एक नया मील का पत्थर हासिल किया है। आदित्य बिरला कैपिटल का कुल लेंडिंग पोर्टफोलियो सालाना आधार पर 32 पर्सेंट बढ़कर 2,07,368 करोड़ रुपये के लेवल पर पहुंच गया है। एनबीएफसी कारोबार में एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 27 पर्सेंट बढ़कर 1,59,916 करोड़ रुपये हो गया है। इसके अलावा हाउसिंग फाइनेंस सेगमेंट में भी जबरदस्त तेजी देखी गई है, जहां एयूएम में 53 पर्सेंट का बड़ा उछाल आया है। इस सेगमेंट के कर्ज वितरण में भी सालाना 37 पर्सेंट की ग्रोथ दर्ज की गई है।
कंपनी के इंश्योरेंस बिजनेस ने भी इस साल काफी अच्छा परफॉर्म किया है। लाइफ इंश्योरेंस सेगमेंट में इंडिविजुअल फर्स्ट ईयर प्रीमियम 15 पर्सेंट बढ़कर 4,725 करोड़ रुपये रहा। सबसे शानदार प्रदर्शन हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर में रहा, जहां प्रीमियम कलेक्शन 39 पर्सेंट की रफ्तार से बढ़ते हुए 6,855 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इसके साथ ही कंपनी का कुल एयूएम (एसेट मैनेजमेंट, लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस) 16 पर्सेंट बढ़कर 5.91 लाख करोड़ रुपये के पार निकल गया है। म्यूचुअल फंड सेगमेंट में भी तिमाही औसत एयूएम 14 पर्सेंट बढ़कर 4.35 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा है।
कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म 'एबीसीडी' (ABCD) को ग्राहकों से बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। 31 मार्च 2026 तक इस प्लेटफॉर्म पर करीब 1.1 करोड़ ग्राहकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। वहीं एमएसएमई के लिए बनाए गए प्लेटफॉर्म 'उद्योग प्लस' पर भी 24 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं और इसका एयूएम 5,814 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कंपनी ने अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने के लिए अप्रैल 2026 में हाउसिंग फाइनेंस बिजनेस में एडवेंट इंटरनेशनल से 2,750 करोड़ रुपये का इक्विटी फंड भी सफलतापूर्वक जुटाया है।
भविष्य की योजनाओं के लिए कंपनी के बोर्ड ने 2 लाख करोड़ रुपये तक की बोरोइंग लिमिट को भी मंजूरी दे दी है, जो पहले 1.65 लाख करोड़ रुपये थी। कंपनी ने नए लेबर कोड के लागू होने के कारण 53.94 करोड़ रुपये का एक्सेप्शनल चार्ज भी दर्ज किया है। फिलहाल कंपनी देश भर में अपनी 1,740 ब्रांच के जरिए छोटे शहरों तक अपनी पहुंच बढ़ा रही है और आने वाले समय में अपने ऑपरेशन को और विस्तार देने की तैयारी में है।
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