मार्केट न्यूज़

4 min read | अपडेटेड April 16, 2026, 11:03 IST
सारांश
भारतीय शेयर बाजार की 7 प्रमुख कंपनियां अपने बिजनेस को तेजी से फैलाने के लिए बड़ा निवेश कर रही हैं। बीएसई का शेयर अपने ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया है।

मार्केट में ये 7 स्टॉक्स अपने विस्तार प्लान के कारण चर्चा का विषय बने हुए हैं।
भारतीय शेयर बाजार में इस समय कई ऐसी कंपनियां हैं जो भविष्य को ध्यान में रखते हुए अपने बिजनेस का विस्तार करने में जुटी हुई हैं। जब भी कोई कंपनी अपने ऑपरेशन को बढ़ाने के लिए भारी भरकम निवेश करती है, तो निवेशकों की नजर उस पर टिक जाती है। कहा जाता है कि जो कंपनियां अपने सेगमेंट में मेजर एक्सपेंशन यानी बड़ा विस्तार करती हैं, उनके शेयरों में लंबी अवधि में अच्छी बढ़त देखने को मिलती है। इसलिए आज हम आपको ऐसी 7 कंपनियों के बारे में बताने वाले हैं, जिन्होंने हाल के समय में तगड़ा केपेक्स यानी कैपिटल एक्सपेंडिचर किया है। इन कंपनियों में सबसे ऊपर नाम बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई का आता है, जिसका शेयर इस समय अपने ऑल-टाइम हाई पर कारोबार कर रहा है।
फाइनेंशियल सर्विसेज सेगमेंट की दिग्गज कंपनी बीएसई का प्रदर्शन इस समय देखने लायक है। कंपनी का मार्केट कैप 1,33,834 करोड़ रुपये के बड़े आंकड़े को पार कर गया है। आंकड़ों के अनुसार, बीएसई ने करीब 152 करोड़ रुपये का लेटेस्ट केपेक्स किया है। कंपनी ने अपने कामकाज को आधुनिक बनाने और मार्केट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए यह बड़ा निवेश किया है। इसके नेट ब्लॉक की वैल्यू भी 299 करोड़ रुपये है। यही कारण है कि निवेशकों का भरोसा इस स्टॉक पर लगातार बना हुआ है और इसका भाव नए रिकॉर्ड बना रहा है।
टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग सेक्टर की कंपनियां भी इस मामले में पीछे नहीं हैं। स्वराज सूटिंग ने अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए 140 करोड़ रुपये का भारी भरकम निवेश किया है। इसका नेट ब्लॉक 262 करोड़ रुपये है, जो दर्शाता है कि कंपनी अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी यानी उत्पादन क्षमता को बढ़ाने पर काफी जोर दे रही है। वहीं सोलेक्स एनर्जी की बात करें तो इंजीनियरिंग और कैपिटल गुड्स सेगमेंट में यह कंपनी 66.64 करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है। रिन्यूएबल एनर्जी की बढ़ती मांग को देखते हुए सोलेक्स एनर्जी का यह विस्तार भविष्य में बड़े मुनाफे का संकेत दे रहा है। कंपनी का मार्केट कैप भी 1,385 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
श्री वेंकटेश रिफाइनरीज केमिकल्स सेक्टर की एक उभरती हुई कंपनी है। कंपनी ने अपने विस्तार प्लान के तहत 46.82 करोड़ रुपये का केपेक्स किया है। इसका नेट ब्लॉक 60.63 करोड़ रुपये का है। केमिकल सेक्टर में बढ़ते अवसरों को भुनाने के लिए कंपनी अपनी यूनिट्स को अपग्रेड कर रही है। सॉफ्टवेयर सर्विसेज सेगमेंट में डायनाकॉन्स सिस्टम्स एंड सॉल्यूशंस का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है। हालांकि इसका केपेक्स 5.36 करोड़ रुपये है, लेकिन आईटी सेक्टर में जिस तरह से डिजिटल बदलाव आ रहे हैं, उसे देखते हुए यह निवेश कंपनी के ऑपरेशनल परफॉरमेंस को सुधारने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। कंपनी का मार्केट कैप 1,342 करोड़ रुपये के करीब है।
लिस्ट में सेलेकॉर गैजेट्स और मोनिका अल्कोबेव जैसी कंपनियां भी शामिल हैं। सेलेकॉर गैजेट्स ने 18.3 करोड़ रुपये का निवेश कर अपने पोर्टफोलियो को बड़ा करने की कोशिश की है। वहीं अल्कोहलिक बेवरेजेस सेगमेंट में मोनिका अल्कोबेव ने 13.54 करोड़ रुपये का लेटेस्ट केपेक्स किया है। इन दोनों कंपनियों का नेट ब्लॉक इनके निवेश के बराबर ही नजर आ रहा है, जिसका मतलब है कि कंपनी ने अपनी पुरानी संपत्तियों के साथ-साथ नई मशीनरी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी ध्यान दिया है। डेटा के अनुसार, इन सातों कंपनियों का मुख्य फोकस अपने बाजार को बढ़ाना और रेवेन्यू के नए सोर्स पैदा करना है।
बता दें कि किसी भी कंपनी के लिए उसका नेट ब्लॉक और केपेक्स डेटा बहुत महत्वपूर्ण होता है। नेट ब्लॉक से पता चलता है कि कंपनी के पास कितनी वास्तविक संपत्तियां बची हैं, जबकि केपेक्स उसके भविष्य की तैयारी को दिखाता है। बीएसई जैसी कंपनी का ऑल-टाइम हाई पर होना यह बताता है कि मार्केट बड़े एक्सपेंशन प्लान को हाथों-हाथ ले रहा है।
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