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  1. सोने की कीमतों में लगी आग, भारत में 1.50 लाख के पार पहुंचा 24 कैरेट गोल्ड, जानें आज के ताजा रेट

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सोने की कीमतों में लगी आग, भारत में 1.50 लाख के पार पहुंचा 24 कैरेट गोल्ड, जानें आज के ताजा रेट

Upstox

4 min read | अपडेटेड April 16, 2026, 08:28 IST

सारांश

भारतीय सर्राफा बाजार में आज सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। 24 कैरेट सोने का भाव 1,54,250 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिका-ईरान तनाव और ब्याज दरों को लेकर जारी संकेतों के बीच घरेलू बाजार में कीमतों ने नया रिकॉर्ड बनाया है।

सोना और चांदी

गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में क्यों आ रही गिरावट?

आज यानी 16 अप्रैल 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों ने एक नया इतिहास रच दिया है। एक तरफ जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में हल्की गिरावट का रुख देखने को मिला है, वहीं भारत में इंडियन बुलियन रेट्स में जबरदस्त तेजी बनी हुई है। आज सुबह के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत अब डेढ़ लाख रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर चुकी है।

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भारतीय बाजार में आज के ताजा गोल्ड रेट्स

देश के सर्राफा बाजार से जो जानकारी सामने आ रही है, उसके मुताबिक आज 24 कैरेट सोने के 10 ग्राम की कीमत 1,54,250 रुपये पर पहुंच गई है। अगर आप सिर्फ एक ग्राम सोना खरीदना चाहते हैं तो इसकी कीमत 15,425 रुपये पड़ेगी। ज्वेलरी बनाने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने की बात करें तो इसकी 10 ग्राम की कीमत आज 1,41,396 रुपये दर्ज की गई है। इसके अलावा बाजार में 20 कैरेट सोने का भाव 1,28,542 रुपये और 18 कैरेट सोने का रेट 1,15,688 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बना हुआ है। सबसे कम शुद्धता वाले 16 कैरेट सोने की कीमत भी 1,02,833 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है, जो कि सोने की बढ़ती मांग को साफ तौर पर दर्शाता है।

ग्लोबल मार्केट में गिरावट की मुख्य वजह

अगर हम अंतरराष्ट्रीय मार्केट की स्थिति को देखें तो वहां बुधवार को सोने की चाल थोड़ी धीमी पड़ी है। ग्लोबल मार्केट में सोने के दाम करीब 0.9 पर्सेंट लुढ़क कर 4,796.56 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गए। यह गिरावट उस समय आई है जब सोने ने हाल ही में अपने एक महीने के सबसे ऊंचे लेवल को छुआ था। अमेरिकी बाजार में भी गोल्ड फ्यूचर करीब 0.6 पर्सेंट की गिरावट के साथ 4,820.50 डॉलर पर बंद हुआ। इस गिरावट के पीछे की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत और उससे जुड़े संकेतों को माना जा रहा है। निवेशक अब इस बात पर नजर रख रहे हैं कि मिडिल ईस्ट के हालातों का असर आने वाले समय में दुनिया भर की इकोनॉमी पर कैसा रहने वाला है।

ब्याज दरों और महंगाई का नया गणित

अमेरिका के फेडरल रिजर्व की ओर से मिल रहे संकेतों ने सोने के अंतरराष्ट्रीय बाजार पर दबाव बनाया है। शिकागो फेडरल रिजर्व के प्रेसिडेंट ऑस्टन गूल्सबी ने आगाह किया है कि अगर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो इससे महंगाई को कंट्रोल करना मुश्किल हो जाएगा। ऐसी स्थिति में फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती के फैसले को लंबे समय के लिए टाल सकता है और संभव है कि इसके लिए साल 2027 तक का इंतजार करना पड़े। वर्तमान में बाजार के जानकार मान रहे हैं कि इस साल ब्याज दरों में कमी आने की संभावना सिर्फ 31 पर्सेंट ही बची है। आमतौर पर जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो सोने की चमक थोड़ी फीकी पड़ जाती है क्योंकि लोग फिक्स्ड डिपॉजिट जैसे सुरक्षित विकल्पों में पैसा लगाना ज्यादा पसंद करते हैं।

सोने को हमेशा से ही एक सुरक्षित निवेश और महंगाई के खिलाफ सबसे मजबूत ढाल माना जाता है। लेकिन ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होने से इसे होल्ड करने का खर्च बढ़ जाता है, जिसे ऑपरेशनल भाषा में अवसर लागत कहा जाता है। यही कारण है कि ग्लोबल लेवल पर कीमतों में थोड़ी नरमी दिखाई दे रही है। हालांकि भारत में शादियों का सीजन होने और भारी घरेलू मांग के चलते कीमतों में वैसी गिरावट नहीं आई है जैसी अंतरराष्ट्रीय बाजार में देखी गई। आने वाले दिनों में अगर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम नहीं होता है या कच्चे तेल के दाम में और उछाल आता है, तो सोने की कीमतों में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल आम ग्राहकों के लिए शुद्ध सोना खरीदना काफी महंगा सौदा साबित हो रहा है।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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