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  1. आम जनता की जेब पर भारी पड़ेगी महंगाई, जून महीने में 9 फीसदी के पार पहुंचे आंकड़े

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आम जनता की जेब पर भारी पड़ेगी महंगाई, जून महीने में 9 फीसदी के पार पहुंचे आंकड़े

Upstox

3 min read | अपडेटेड July 14, 2026, 13:27 IST

सारांश

देश में थोक महंगाई की रफ्तार एक बार फिर तेज हो गई है। जून 2026 में ऑल इंडिया होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) पर आधारित इंफ्लेशन बढ़कर 9.87% पर पहुंच गई है, जो मई 2026 में 9.68% थी।

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देश में जून महीने के दौरान थोक महंगाई दर में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

देश में आम लोगों और सरकार के लिए महंगाई के मोर्चे पर एक नई चिंता सामने आई है। जून 2026 के महीने में थोक महंगाई दर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में सालाना आधार पर ऑल इंडिया होलसेल प्राइस इंडेक्स यानी WPI इंफ्लेशन बढ़कर 9.87% पर पहुंच गई है। पिछले महीने यानी मई 2026 में यह 9.68% दर्ज की गई थी। इसके साथ ही ऑल कमोडिटीज के लिए इंडेक्स जून 2026 में 110.2 पर पहुंच गया है, जो मई 2026 में 109.9 के स्तर पर था। थोक महंगाई की इस रफ्तार को बढ़ाने में फूड आर्टिकल्स और मिनरल ऑयल्स का सबसे बड़ा हाथ रहा है।

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मुख्य ग्रुप्स और इंडेक्स का पूरा हाल

जून 2026 के दौरान अलग-अलग मुख्य ग्रुप्स में मिला-जुला रुख देखने को मिला है। प्राइमरी आर्टिकल्स की सालाना इंफ्लेशन दर जून 2026 में बढ़कर 7.0% पर पहुंच गई है, जो मई 2026 में 4.99% पर थी। इस ग्रुप का इंडेक्स भी 113.7 से बढ़कर 116.1 हो गया है। दूसरी तरफ, फ्यूल और पावर ग्रुप के इंफ्लेशन में थोड़ी राहत मिली है। यह मई के 30.33% के मुकाबले जून में घटकर 27.41% पर आ गई है, और इसका इंडेक्स 113 से गिरकर 111.1 रह गया है। मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की बात करें तो इसकी इंफ्लेशन दर बिना किसी बदलाव के 7.48% पर बनी हुई है, हालांकि इसका इंडेक्स 107.8 पर स्थिर रहा।

इन चीजों ने बढ़ाई थोक महंगाई

जून के महीने में थोक महंगाई को बढ़ाने वाले मुख्य कारणों में कई बड़े ग्रुप्स शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक, मिनरल ऑयल्स (जिसमें पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स शामिल हैं), फूड आर्टिकल्स, बेसिक मेटल्स का प्रोडक्शन और केमिकल्स व केमिकल प्रोडक्ट्स के प्रोडक्शन ने जून 2026 में WPI इंफ्लेशन को आगे बढ़ाने में सबसे मुख्य भूमिका निभाई है। इन सेक्टर्स में आई तेजी के कारण ही ओवरऑल महंगाई का ग्राफ ऊपर गया है।

खाने-पीने की चीजें भी हुईं महंगी

आम जनता के बजट को प्रभावित करने वाले फूड इंडेक्स में भी जून के दौरान काफी तेजी देखी गई है। WPI फूड इंडेक्स, जिसमें प्राइमरी आर्टिकल्स से फूड आर्टिकल्स और मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स से फूड प्रोडक्ट्स का प्रोडक्शन शामिल होता है, उसका कुल वेट 24.99% है। इस फूड इंडेक्स में जून 2026 में सालाना आधार पर 6.14% की इंफ्लेशन दर्ज की गई है, जो मई 2026 में 4.49% के स्तर पर थी। खाने-पीने की चीजों का इंडेक्स भी मई के 114 से बढ़कर जून में 115.8 पर पहुंच गया है।

अप्रैल के आंकड़ों में हुआ बदलाव

सरकार ने इसके साथ ही अप्रैल 2026 के फाइनल आंकड़े भी जारी कर दिए हैं। अप्रैल 2026 का फाइनल इंडेक्स पहले के प्रोविजनल अनुमान 108.8 से संशोधित होकर 108.9 हो गया है। इस बदलाव के बाद अप्रैल महीने की WPI इंफ्लेशन 8.26% से संशोधित होकर 8.36% पर पहुंच गई है। अप्रैल के इन फाइनल आंकड़ों को 97.5% रिस्पॉन्स रेट के साथ तैयार किया गया है, जबकि जून 2026 के प्रोविजनल आंकड़ों का रिस्पॉन्स रेट 82.6% रहा है। अब अगले महीने यानी जुलाई 2026 के WPI आंकड़े 14 अगस्त 2026 को जारी किए जाएंगे।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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