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  1. क्या है ECLG स्कीम 5.0? MSMEs और एयरलाइन सेक्टर को कैसे मिलेगा इसका फायदा, जानें हर एक बात यहां

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क्या है ECLG स्कीम 5.0? MSMEs और एयरलाइन सेक्टर को कैसे मिलेगा इसका फायदा, जानें हर एक बात यहां

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड May 06, 2026, 10:34 IST

सारांश

पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते आई चुनौतियों के बीच यह कदम उठाया गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में स्वीकृत इस योजना से 2.55 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त क्रेडिट फ्लो उपलब्ध होने की उम्मीद है।

ईसीएलजी स्कीम 5.0

सरकार ने एमएसएमई, एयरलाइन कंपनियों के लिए आपातकालीन ऋण गारंटी योजना की घोषणा की

सरकार ने 5 मई को एमएसएमई, एयरलाइन और अन्य कंपनियों की वर्किंग कैपिटल जरूरतें पूरा करने में मदद के लिए 18,100 करोड़ रुपये के खर्च वाली 'आपातकालीन ऋण गारंटी योजना' (Emergency Credit Line Guarantee Scheme, ECLGS) की घोषणा की। पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते आई चुनौतियों के बीच यह कदम उठाया गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में स्वीकृत इस योजना से 2.55 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त क्रेडिट फ्लो उपलब्ध होने की उम्मीद है। इसमें एयरलाइंस के लिए 5,000 करोड़ रुपये शामिल हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल के इस फैसले के बारे में कहा कि 18,100 करोड़ रुपये के खर्च वाली यह योजना पश्चिम एशिया संकट से प्रभावित एयरलाइन सेक्टर, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) दोनों की मदद करेगी।

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उन्होंने कहा कि यह स्कीम इन सेक्टरों को बैंक और वित्तीय संस्थानों से अतिरिक्त वर्किंग कैपिटल उपलब्ध कराने में मदद करेगी। वैष्णव ने कहा कि यात्री एयरलाइन कंपनियों को 1,500 करोड़ रुपये तक की अधिकतम क्रेडिट लिमिट का 100% तक फायदा मिल सकेगा, जबकि संस्थानों को 100 करोड़ रुपये तक की फंड-बेस्ड वर्किंग कैपिटल का 20% तक प्राप्त करने की अनुमति होगी। आधिकारिक बयान के अनुसार, इस योजना से संबंधित कंपनियों को अपनी गतिविधियां जारी रखने, रोजगार सुरक्षित रखने और सप्लाई चेन को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी। आपको बता दें कि फरवरी से शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण एमएसएमई और एयरलाइन सेक्टर पर वित्तीय दबाव काफी बढ़ गया है।

इस स्कीम की खासियत

एलिजिबल उधारकर्ता: 31 मार्च, 2026 तक मौजूदा वर्किंग कैपिटल लिमिट वाले एमएसएमई और गैर-एमएसएमई और बकाया ऋण सुविधाएं रखने वाली शेड्यूल्ड यात्री एयरलाइन्स, बशर्ते उनके खाते मानक हों।
गारंटी कवरेज: एमएसएमई के लिए 100% और गैर-एमएसएमई के साथ-साथ एयरलाइन सेक्टर के लिए 90%।
गारंटी फी: शून्य।
सहायता की मात्रा: फाइनेंशियल ईयर 2026 के चौथे क्वार्टर के दौरान इस्तेमाल की गई अधिकतम वर्किंग कैपिटल के 20% तक एडिशनल क्रेडिट (अधिकतम 100 करोड़ रुपये)। एयरलाइंस के लिए 100% तक (प्रति उधारकर्ता अधिकतम 1,500 करोड़ रुपये, कुछ विशिष्ट शर्तों को पूरा करने के अधीन)।
लोन पीरियड: एमएसएमई/गैर-एमएसएमई (एयरलाइन सेक्टर को छोड़कर) के लिए पहले डिस्बर्समेंट की डेट से 5 साल, जिसमें 1 साल का मोरेटोरियम शामिल है। वहीं एयरलाइन सेक्टर के लिए पहले डिस्बर्समेंट की डेट से 7 साल, जिसमें 2 साल का मोरेटोरियम शामिल है।
गारंटी कवर का पीरियड: गारंटी कवर का अधिकतम पीरियड लोन पीरियड के साथ को-टर्मिनस होगा।
योजना की अवधि: यह योजना एनसीजीटीसी द्वारा इन दिशानिर्देशों को जारी करने की तिथि से लेकर 31 मार्च, 2027 तक की अवधि के दौरान स्वीकृत सभी लोनों पर लागू होगी।

इस स्कीम का असर

इस योजना का उद्देश्य पश्चिम एशिया संघर्ष से आई चुनौतियों से व्यवसायों को उबरने में सक्षम बनाना है। इसके अलावा, इससे बिजनेसों को अपना परिचालन बनाए रखने, नौकरियों को बचाने और सप्लाई चेन को बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

PTI इनपुट के साथ

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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