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  1. US-Iran Talks: Blockade रहेगा पूरी तरह लागू, लेकिन ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ फिलहाल रुका, क्यों लिया ट्रंप ने यह फैसला?

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US-Iran Talks: Blockade रहेगा पूरी तरह लागू, लेकिन ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ फिलहाल रुका, क्यों लिया ट्रंप ने यह फैसला?

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड May 06, 2026, 09:31 IST

सारांश

USA-Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के बीच बड़ा अपडेट आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट में फिलहाल प्रोजेक्ट फ्रीडम रोक दिया है, हालांकि नाकाबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी।

डोनाल्ड ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने क्यों लगाई फिलहाल प्रोजेक्ट फ्रीडम पर रोक?

US-Iran Talks: पश्चिम एशिया टेंशन में एक नया मोड़ आता नजर आ रहा है। ऐसा लग रहा है कि अमेरिका और ईरान जल्द ही किसी समझौते पर पहुंच सकते हैं। फरवरी के अंत में अमेरिका-ईरान-इजरायल युद्ध शुरू हुआ था और पिछले महीने ही अमेरिका-ईरान ने सीजफायर का ऐलान किया था। हालांकि सीजफायर के ऐलान के बावजूद पश्चिम एशिया टेंशन पूरी तरह से खत्म नहीं हो पाई थी और अमेरिका और ईरान के बीच लगातार वार्ता जारी है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अभी भी ईरान और अमेरिका के बीच कुछ चीजों पर मतभेद बना हुआ है, हालांकि अब ऐसा लग रहा है कि इसका निपटारा जल्द हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसी सप्ताह 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' का ऐलान किया था, हालांकि फिलहाल उन्होंने इस पर अब रोक लगा दी है।

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सोशल मीडिया ट्रुथ पर डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, 'हमने आपसी सहमति से यह तय किया है कि नाकाबंदी (Blockade) पूरी तरह से लागू रहेगी, लेकिन प्रोजेक्ट फ्रीडम (होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही) को कुछ समय के लिए रोक दिया जाएगा ताकि यह देखा जा सके कि समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है और उस पर साइन किया जा सकता है या नहीं…'

क्या है प्रोजेक्ट फ्रीडम?

प्रोजेक्ट फ्रीडम का ऐलान करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था, 'मैंने अपने प्रतिनिधियों को उन्हें सूचित करने के लिए कहा है कि हम उनके जहाजों और चालक दल को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि वे तब तक वापस नहीं लौटेंगे जब तक कि यह एरिया शिपिंग और बाकी सभी कामों के लिए सुरक्षित नहीं हो जाता। यह प्रोसेस, 'प्रोजेक्ट फ्रीडम', मिडिल ईस्ट टाइम के मुताबिक सोमवार सुबह शुरू होगा। मुझे पूरी जानकारी है कि मेरे प्रतिनिधि ईरान के साथ बेहद सकारात्मक बातचीत कर रहे हैं, और इन बातचीत से सभी के लिए कुछ पॉजिटिव नतीजे निकल सकते हैं।'

इस पोस्ट में आगे लिखा गया था, 'जहाजों की आवाजाही का उद्देश्य केवल उन लोगों, कंपनियों और देशों को मुक्त कराना है जिन्होंने कोई गलती नहीं की है, वे परिस्थितियों के शिकार हैं। यह अमेरिका, मिडिल ईस्टर्न देशों और खासतौर से ईरान की ओर से एक मानवीय पहल है। इनमें से कई जहाजों में भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी हो रही है, जो बड़े पैमाने पर चालक दल के स्वस्थ और स्वच्छ तरीके से रहने के लिए आवश्यक हैं। मेरा मानना है कि यह उन सभी लोगों के प्रति सद्भावना दिखाने में बहुत मददगार साबित होगा, जिन्होंने पिछले कई महीनों से काफी ज्यादा संघर्ष किया है। अगर किसी भी तरह से इस मानवीय प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया जाता है, तो दुर्भाग्यवश उस हस्तक्षेप से सख्ती से निपटना होगा। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।'

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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