बिजनेस न्यूज़

5 min read | अपडेटेड July 01, 2026, 12:54 IST
सारांश
अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में काम करने वालों को सबसे ज्यादा यानी लगभग 24.5% की बढ़ोतरी मिली है, जबकि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, असम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा और कई अन्य राज्यों के लिए भी पर्याप्त वृद्धि अधिसूचित की गई है।

सरकार ने वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 के तहत संशोधित वेतन दरों को अधिसूचित किया (Photo: Shutterstock)
भारत सरकार ने 'विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) : वीबी–जी राम जी (विकसित भारत-जी राम जी) अधिनियम, 2025 के तहत दिए जाने वाले संशोधित मजदूरी दरों की घोषणा कर दी है। ये दरें 1 जुलाई 2026 यानी कि आज से लागू हो गई हैं, जो इस एक्ट के देशव्यापी शुरू होने की तारीख भी है। संशोधित अधिसूचना ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे ज्यादा मजदूरी सुनिश्चित होगी, क्षेत्रीय असमानताएं कम होंगी और श्रम की गरिमा बढ़ेगी। इस अधिसूचना की एक खास बात 300 रुपये की अंतरिम बेस वेज रेट (शुरुआती न्यूनतम मजदूरी दर) लागू करना है, जिससे यह पक्का हो सके कि इस पहल के तहत तय की गई कोई भी मजदूरी 300 रुपये प्रति दिन से कम न हो।
केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि विकास का फायदा हर जरूरतमंद परिवार तक पहुंचे। वीबी–जी राम जी (विकसित भारत-जी राम जी) अधिनियम की शुरुआत समृद्ध गांवों के जरिए विकसित भारत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। रोजगार की गारंटी को 125 दिनों तक बढ़ाने के साथ-साथ हमने ग्रामीण मजदूरों के लिए बेहतर मजदूरी भी सुनिश्चित की है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी उन राज्यों में की गई है जहां पहले मजदूरी कम थी। ऐसे में जिन्हें सबसे ज्यादा मदद की जरूरत है उन्हें सबसे ज्यादा फायदा मिल सके। यह ऐतिहासिक बदलाव ग्रामीण आजीविका को मजबूत करेगा, लोगों की क्रय क्षमता बढ़ाएगा और पूरे ग्रामीण भारत में समावेशी विकास को गति देगा।
मजदूरी दरों में संशोधन के अधिसूचना में सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और विशिष्ट भौगोलिक स्थान के आधार पर मजदूरी दरें बढ़ाने का प्रावधान है। यह राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के तहत मजदूरी में किए गए सबसे अहम संशोधनों में से एक है।
सभी 34 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों में मजदूरी दरों में वृद्धि हुई है।
21 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और प्रशासनिक इकाइयों को 300 रुपये की नई अंतरिम आधार मजदूरी दर पर लाया गया है।
वीबी-जी राम जी के तहत मनरेगा के तहत राष्ट्रीय औसत अधिसूचित वेतन 298.8 रुपये प्रति दिन से बढ़कर 327.4 रुपये प्रति दिन हो गया है, जो प्रति दिन 28.6 रुपये की औसत वृद्धि दर्शाता है।
देश भर में औसत प्रतिशत वृद्धि 10% से अधिक है।
वीबी-जी राम जी के तहत ग्रामीण मजदूरी के लिए 300 रुपये नया राष्ट्रीय बेंचमार्क बन गया है।
राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम केतहत पहली बार 300 रुपये प्रति दिन की अंतरिम आधारभूत मजदूरी दर लागू की गई है।
इस अधिसूचना से पहले कई राज्यों में मजदूरी की दरें 300 रुपये से कम थीं और सबसे कम तय की गई मजदूरी 241 रुपये प्रति दिन थी। संशोधित अधिसूचना के तहत ऐसे सभी राज्यों को नए बेंचमार्क के स्तर पर लाया गया है, जिससे ग्रामीण मजदूरों की आय सुरक्षा में काफी सुधार हुआ है और मजदूरी में लंबे समय से चली आ रही क्षेत्रीय असमानताएं कम हुई हैं। नई अंतरिम मूल मजदूरी दर से सीधे तौर पर 21 राज्य और प्रशासनिक इकाइयों को फायदा होगा।
संशोधित सैलरी स्ट्रक्चर को इस तरह से तैयार किया गया है ताकि उन राज्यों को सबसे ज्यादा फायदा हो जहां पहले वेतन दरें कम थीं। इससे समानता और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में काम करने वालों को सबसे ज्यादा यानी लगभग 24.5% की बढ़ोतरी मिली है, जबकि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, असम, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा और कई अन्य राज्यों के लिए भी पर्याप्त वृद्धि अधिसूचित की गई है।
ज्यादा वेतन वाले राज्यों के लिए भी बढ़ोतरी की गई है।
जिन राज्यों में पहले से ही अंतरिम आधार वेतन से अधिक वेतन दरें थीं, उनमें भी निर्धारित कार्यप्रणाली के आधार पर संशोधन किए गए हैं।
अधिसूचना के बाद हरियाणा (409 रुपये), गोवा (406 रुपये), केरल (401 रुपये) और सिक्किम (ऊंचाई वाले इलाकों की ग्राम पंचायतें) (450 रुपये) में अब तय की गई मजदूरी दरें 400 रुपये प्रति दिन से ज्यादा हैं, जबकि पहले के मजदूरी ढांचे में सिर्फ एक ही मजदूरी क्षेत्र ऐसा था।
संशोधित वेतन की जानकारी वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रावधानों के तहत एक पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके के आधार पर दी गई है। यह अधिसूचना ग्रामीण मजदूरी दरों में ऐतिहासिक असमानताओं को कम करते हुए उचित मजदूरी सुनिश्चित करने के लिए हाल ही में लागू की गई अंतरिम आधार मजदूरी दर के साथ वार्षिक इंडेक्सेशन को जोड़ती है।
मजदूरी से जुड़ा संशोधित संशोधित वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 के क्रांतिकारी प्रावधानों को और मजबूत करता है। इसके तहत हर पात्र ग्रामीण परिवार को 125 दिनों के लिए गारंटीड मजदूरी वाला रोजगार मिलता है। साथ में विस्तारित रोजगार गारंटी और बढ़ी हुई मजदूरी दरों से ग्रामीण आय को मजबूत करने, क्रय शक्ति में सुधार करने, स्थायी ग्रामीण परिसंपत्तियों का निर्माण करने और समावेशी और सतत ग्रामीण विकास में योगदान करने की उम्मीद है।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में

अगला लेख
What is the Nifty NBFC Index? Constituents, Historical Performance, and Selection Criteria
What Is the BSE Saatvik 100 Index?
What is the Nifty Capital Goods Index? Constituents, Historical Performance, and Selection Criteria
Explore Learning Centre
All topics · stocks, MFs, derivatives, IPOs