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  1. 30 सितंबर के बाद फिर से नहीं मिलेगा कर्मचारियों को UPS चुनने का मौका, समझिए ऐसा नहीं किया तो क्या होगा?

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30 सितंबर के बाद फिर से नहीं मिलेगा कर्मचारियों को UPS चुनने का मौका, समझिए ऐसा नहीं किया तो क्या होगा?

Upstox

2 min read | अपडेटेड September 18, 2025, 16:28 IST

सारांश

वित्त मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि 30 सितंबर 2025 के बाद केंद्र सरकार के कर्मचारी UPS का विकल्प नहीं चुन पाएंगे। जो कर्मचारी समय पर UPS नहीं अपनाएंगे, उन्हें मजबूरन NPS में ही बने रहना होगा। अभी तक 31,555 कर्मचारियों ने UPS चुना है।

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केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए पेंशन व्यवस्था को लेकर बड़ा अपडेट आया है। वित्त मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि 30 सितंबर 2025 की समयसीमा के बाद कर्मचारी यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) का विकल्प नहीं चुन पाएंगे। यानी जो कर्मचारी इस तारीख तक UPS नहीं अपनाएंगे, उन्हें अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) में बने रहना होगा। मंत्रालय ने बयान में कहा कि सभी पात्र कर्मचारियों को अंतिम समय का इंतजार नहीं करना चाहिए और समयसीमा से पहले ही अपना विकल्प चुन लेना चाहिए। ऐसा करने से उनके अनुरोधों का समय पर निपटान सुनिश्चित होगा। जो कर्मचारी 30 सितंबर तक UPS का विकल्प नहीं चुनते, उन्हें आगे NPS में ही रहना पड़ेगा और UPS का लाभ नहीं मिल सकेगा।

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अब तक कितने कर्मचारी जुड़े?

सरकार ने 1 अप्रैल 2025 से UPS को पेश किया था। 20 जुलाई तक लगभग 31,555 कर्मचारियों ने UPS को चुना। UPS चुनने वाले कर्मचारियों को निश्चित पेंशन के साथ-साथ रियारमेंट और मृत्यु ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा। इसके अलावा, मृत्यु या अशक्तता की स्थिति में CCS Pension Rules 2021 और Extraordinary Pension Rules 2023 के तहत भी लाभ उपलब्ध रहेंगे।

अगर समय पर विकल्प नहीं चुना तो?

    • कर्मचारी NPS में ही बने रहेंगे।
  1. उन्हें UPS की गारंटीड पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिलेगा।
  2. रिटायरमेंट के बाद उनका पेंशन लाभ पूरी तरह बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करेगा।
  3. एक बार डेडलाइन चूक जाने पर UPS में शामिल होने का दूसरा मौका नहीं मिलेगा।

बस एक बार ही मिलेगा मौका

मंत्रालय ने कर्मचारियों को राहत देते हुए 25 अगस्त को यह सुविधा दी कि जो UPS चुन चुके हैं, वे चाहें तो एकबारगी NPS में लौट सकते हैं। हालांकि, NPS में लौटने के बाद दोबारा UPS में शामिल होने का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा। यह स्विच केवल एक बार और सेवानिवृत्ति की तिथि से एक साल पहले तक ही किया जा सकेगा। UPS को आयकर अधिनियम, 1961 के तहत NPS की तरह ही कर लाभ दिया गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें निश्चित पेंशन की गारंटी रहती है, जबकि NPS पूरी तरह बाजार के प्रदर्शन पर आधारित है। यही वजह है कि कर्मचारी बड़ी संख्या में UPS चुन रहे हैं।

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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