return to news
  1. ब्रिक्स देशों में भारतीय सामानों की भारी डिमांड, 34% की दिखी तेजी, यहां समझिए इकोनॉमी के लिए इसके मायने

बिजनेस न्यूज़

ब्रिक्स देशों में भारतीय सामानों की भारी डिमांड, 34% की दिखी तेजी, यहां समझिए इकोनॉमी के लिए इसके मायने

Upstox

3 min read | अपडेटेड September 21, 2026, 17:36 IST

सारांश

वाणिज्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से अगस्त 2026-27 के दौरान कोर ब्रिक्स देशों को भारत का एक्सपोर्ट 34% बढ़कर 19.9 बिलियन डॉलर पहुंच गया है। इसमें चीन और साउथ अफ्रीका का सबसे बड़ा हाथ रहा है।

india-export-growth-brics-nations-china

भारत के एक्सपोर्ट में कोर ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी 8.1% से बढ़कर 9.2% हो गई है।

दुनिया भर के बाजारों में भारतीय सामानों की मांग तेजी से बढ़ रही है। कॉमर्स मिनिस्ट्री के हाल ही में जारी आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अगस्त के दौरान कोर ब्रिक्स देशों यानी चीन, साउथ अफ्रीका, ब्राजील और रूस को भारत का एक्सपोर्ट 34% बढ़कर 19.9 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। पिछले साल इसी दौरान यह आंकड़ा 14.9 बिलियन डॉलर था। इस शानदार प्रदर्शन से यह साफ हो गया है कि भारत के एक्सपोर्ट में ग्रोथ के लिए ब्रिक्स देशों का ग्रुप कितना अहम होता जा रहा है। भारत के कुल एक्सपोर्ट में कोर ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी भी पिछले साल के 8.1% से बढ़कर अब 9.2% हो गई है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

चीन और साउथ अफ्रीका बने ग्रोथ के बड़े ड्राइवर

कोर ब्रिक्स देशों में एक्सपोर्ट की इस रफ्तार को सबसे ज्यादा सपोर्ट चीन और साउथ अफ्रीका से मिला है। इन दोनों देशों ने भारत से होने वाले एक्सपोर्ट में सबसे बड़ा योगदान दिया है। चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में चीन को भारत का एक्सपोर्ट 39% बढ़कर 9.6 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। वहीं साउथ अफ्रीका ने ग्रोथ के मामले में सबको पीछे छोड़ दिया है और यहां एक्सपोर्ट में 58% की सबसे तेज बढ़त दर्ज की गई है। इसके अलावा ब्राजील और रूस को होने वाले एक्सपोर्ट में भी दो अंकों की स्थिर ग्रोथ देखी गई है, जहां ब्राजील को 13% और रूस को 11% की तेजी मिली है।

विस्तार से मजबूत हुआ ब्रिक्स ग्रुप का दायरा

ग्लोबल लेवल पर ब्रिक्स ग्रुप के साथ भारत का व्यापारिक जुड़ाव लगातार गहरा होता जा रहा है। ब्रिक्स ग्रुप की शुरुआत मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और साउथ अफ्रीका के साथ हुई थी। इसके बाद साल 2024 में इसका विस्तार किया गया और इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई और सऊदी अरब शामिल हुए। इसके बाद साल 2025 में इंडोनेशिया इस ग्रुप से जुड़ा, जबकि पिछले साल बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम जैसे देश इसके पार्टनर देश बने हैं। इस विस्तार के साथ भारत की ट्रेड पार्टनरशिप और ज्यादा मजबूत हुई है।

जापान, इटली और साउथ कोरिया को भी बंपर एक्सपोर्ट

भारत के एक्सपोर्ट में आई यह तेजी सिर्फ ब्रिक्स देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य प्रमुख एशियाई और यूरोपीय देशों में भी भारतीय सामानों की भारी मांग है। अप्रैल से अगस्त 2026-27 के दौरान जापान को भारत का एक्सपोर्ट 43% बढ़कर 3.43 बिलियन डॉलर हो गया है। जापान की इंडस्ट्रियल जरूरतों के हिसाब से भारत एनर्जी प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस मटीरियल्स की सप्लाई बढ़ा रहा है। इसमें मिनरल फ्यूल के एक्सपोर्ट में 76% यानी 231.7 मिलियन डॉलर की बड़ी बढ़त दर्ज की गई है। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स और एल्युमीनियम के एक्सपोर्ट में भी अच्छी ग्रोथ रही है। इसी तरह इटली को भारत का एक्सपोर्ट 30% बढ़कर 3.92 बिलियन डॉलर हो गया है, जो पिछले साल 3.02 बिलियन डॉलर था। वहीं साउथ कोरिया को भी एक्सपोर्ट 22% बढ़कर 3.21 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख