return to news
  1. टैरिफ से अमेरिका की तिजोरी में आएंगे 600 अरब डॉलर, भारत पर भी पड़ा इसका भारी बोझ

बिजनेस न्यूज़

टैरिफ से अमेरिका की तिजोरी में आएंगे 600 अरब डॉलर, भारत पर भी पड़ा इसका भारी बोझ

Upstox

3 min read | अपडेटेड January 06, 2026, 11:58 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनके द्वारा लगाए गए टैरिफ से अमेरिका को जल्द ही 600 अरब डॉलर से अधिक का रेवेन्यू मिलेगा। ट्रंप ने कहा कि इन शुल्कों की वजह से अमेरिका आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और सम्मानित देश बन गया है।

trump india trade talks image.webp

ट्रंप ने कहा, अमेरिका अब पहले से ज्यादा ताकतवर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी विवादित टैरिफ नीतियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को विभिन्न देशों पर लगाए गए आयात शुल्क यानी टैरिफ के जरिए जल्द ही 600 अरब डॉलर से ज्यादा की कमाई होने वाली है। ट्रंप के मुताबिक, इन कड़े फैसलों ने अमेरिका को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है और राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर भी देश अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और दुनिया भर में सम्मानित स्थिति में है। ट्रंप ने अपनी इस सफलता का श्रेय उन शुल्कों को दिया है जो उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में कई देशों पर लगाए थे।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

भारत पर पड़ा टैरिफ का भारी बोझ

ट्रंप प्रशासन की इस नई व्यापारिक नीति का सबसे बड़ा असर भारत पर देखने को मिला है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत से आने वाले सामानों पर कुल 50 प्रतिशत तक का भारी भरकम टैरिफ थोप दिया है। इसमें से 25 प्रतिशत का शुल्क विशेष रूप से भारत द्वारा रूस से खरीदे जा रहे कच्चे तेल के विरोध में लगाया गया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि भारत को अमेरिकी बाजारों में अपनी पहुंच बनाए रखने के लिए रूस के साथ अपने तेल व्यापार पर विचार करना होगा। हालांकि उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें एक अच्छा इंसान बताया, लेकिन साथ ही यह भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका की शर्तों को नहीं माना गया तो वह इन शुल्कों को और भी तेजी से बढ़ा सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या कहा?

अपने पोस्ट में ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि तथाकथित फेक न्यूज मीडिया इस 600 अरब डॉलर की कमाई के बारे में बात करने से बच रहा है क्योंकि वे देश का सम्मान नहीं करते हैं। ट्रंप का आरोप है कि मीडिया अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के आने वाले उस फैसले में दखल देना चाहता है जो टैरिफ की वैधता से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट फिलहाल इस बात की जांच कर रहा है कि क्या राष्ट्रपति ने टैरिफ लगाने में अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर सुप्रीम कोर्ट टैरिफ के खिलाफ फैसला देता है तो यह अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इतिहास का सबसे बड़ा खतरा होगा।

ट्रंप का मानना है कि टैरिफ केवल पैसा कमाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह दूसरे देशों से अपनी बात मनवाने का एक मजबूत कूटनीतिक औजार भी है। उन्होंने कहा कि पिछले साल जब उन्होंने दुनिया भर के देशों पर टैरिफ की घोषणा की थी, तब उनका मकसद उन देशों को जवाब देना था जो अमेरिकी उत्पादों पर बहुत ज्यादा टैक्स वसूलते थे। ट्रंप के अनुसार दशकों से अमेरिका के साथ व्यापार में अन्याय होता आ रहा था जिसे अब उन्होंने ठीक कर दिया है। इसी नीति के कारण अमेरिका का व्यापार घाटा भी कम हुआ है और देश के खजाने में भारी भरकम विदेशी मुद्रा जमा हो रही है।

मार्केट में हलचल?
स्मार्ट टूल्स के साथ आगे बढ़ें
promotion image

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख