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दिल्ली में टैक्सी ड्राइवर यूनियन ने किया तीन दिन की हड़ताल का ऐलान, किराया बढ़ाने की है डिमांड

Upstox

3 min read | अपडेटेड May 19, 2026, 09:48 IST

सारांश

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने सोमवार को दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर अपनी मांगें रखीं। पश्चिम एशिया संघर्ष फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रहा है और इससे पूरी दुनिया पर एनर्जी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

दिल्ली टैक्सी

दिल्ली में टैक्सी ड्राइवर यूनियन ने किया हड़ताल का ऐलान (Photo: Shutterstock)

दिल्ली में टैक्सी ड्राइवरों के यूनियन ने तीन दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। दरअसल पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के बीच टैक्सी ड्राइवरों की डिमांड है कि दिल्ली में टैक्सी का किराया भी बढ़ाया जाए। इसको लेकर दिल्ली टैक्सी ड्राइवर्स 21 मई से तीन दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे, दिल्ली में कमर्शियल गाड़ियों के ड्राइवरों के संघ ईंधन की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर टैक्सी और ऑटो के किराए में वृद्धि की मांग को लेकर 21 से 23 मई तक तीन दिवसीय हड़ताल पर जाने की योजना बना रहे हैं।

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ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने सोमवार को दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर अपनी मांगें रखीं। पश्चिम एशिया संघर्ष फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रहा है और इससे पूरी दुनिया पर एनर्जी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा है। पिछले कुछ दिनों में ही पेट्रोल-डीजल समेत सीएनजी के दाम दो बार बढ़ाए जा चुके हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गयी। एक सप्ताह से भी कम समय में दूसरी बार ईंधन के दाम बढ़ाये गये हैं।

आज भी बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

आज ईंधन के दामबढ़ने के बाद नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई, जो पहले 97.77 रुपये प्रति लीटर थी। वहीं डीजल की कीमत 90.67 रुपये से बढ़कर 91.58 रुपये हो गई। बीते शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार साल से अधिक समय में पहली बार तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी।

कब से शुरू हुई है दिक्कत?

फरवरी में शुरू हुए ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की ग्लोबल कीमतों में तेजी आई है। इसको देखते हुए सरकारी खुदरा पेट्रोलियम कंपनियों ने अपने बढ़ते नुकसान का कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालने का फैसला किया। इससे पहले पश्चिम बंगाल समेत कुछ राज्यों में विधानसभा चुनावों के बीच ईंधन के दाम स्थिर रखे गए थे। विभिन्न राज्यों में मूल्य वर्धित कर (वैट) में अंतर के कारण ईंधन कीमतें अलग-अलग हैं।

सीएनजी के दो बार बढ़े दाम

पेट्रोल और डीजल के अलावा दिल्ली और मुंबई सहित कई शहरों में 15 मई को सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) की कीमतों में दो रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई थी। रविवार को सीएनजी की कीमत में फिर से एक रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की गई थी। अमेरिका और इजराइल के 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमले और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद ग्लोबल तेल की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण मार्ग होर्मुज स्ट्रेट के बाधित होने से ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में 50% से अधिक की वृद्धि हुई है। इस वृद्धि के बावजूद, खुदरा ईंधन की दरें दो साल पुरानी दरों पर ही स्थिर रखी गईं। सरकार का कहना है कि यह कदम उपभोक्ताओं को बढ़ती ग्लोबल एनर्जी लागत से बचाने के लिए उठाया गया। हालांकि विपक्षी दलों ने कहा कि सरकार ने राजीनीतिक मकसद से दाम नहीं बढ़ाए क्योंकि कई महत्वपूर्ण राज्यों में चुनाव हो रहे थे।

PTI इनपुट के साथ

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