return to news
  1. Sugar Price: सरकार ने फिर घटाई चीनी की स्टॉक लिमिट, अब डीलर्स रख सकेंगे सिर्फ 2000 क्विंटल

बिजनेस न्यूज़

Sugar Price: सरकार ने फिर घटाई चीनी की स्टॉक लिमिट, अब डीलर्स रख सकेंगे सिर्फ 2000 क्विंटल

Upstox

3 min read | अपडेटेड September 01, 2026, 19:20 IST

सारांश

नई व्यवस्था के तहत डीलर्स को एक और नियम का पालन करना होगा। उन्हें चीनी मिलने की तारीख से 30 दिनों से ज्यादा समय तक उसका स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा देश में किसी भी जगह और किसी भी समय डीलर के पास 2000 क्विंटल से ज्यादा चीनी नहीं हो सकती।

Sugar stock

सरकार का मानना है कि स्टॉक लिमिट घटाने से जमाखोरी और सट्टेबाजी जैसी गतिविधियों को रोका जा सकेगा।

चीनी की कीमतों पर लगाम लगाने और बाजार में पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। चीनी डीलर्स के लिए स्टॉक रखने की सीमा एक बार फिर घटाई गई है। अब 15 सितंबर 2026 से डीलर्स अधिकतम 2,000 क्विंटल चीनी ही अपने पास रख सकेंगे। इससे पहले यह सीमा 4,000 क्विंटल थी। यह नई सीमा 15 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी। सरकार का मकसद चीनी की जमाखोरी और सट्टेबाजी पर रोक लगाना है, ताकि बाजार में चीनी की उपलब्धता बनी रहे और कीमतों पर दबाव कम हो।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

30 दिन से ज्यादा स्टॉक नहीं रख सकेंगे

नई व्यवस्था के तहत डीलर्स को एक और नियम का पालन करना होगा। उन्हें चीनी मिलने की तारीख से 30 दिनों से ज्यादा समय तक उसका स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा देश में किसी भी जगह और किसी भी समय डीलर के पास 2000 क्विंटल से ज्यादा चीनी नहीं हो सकती। सरकार का मानना है कि इससे कारोबारी जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करके उसकी कृत्रिम कमी पैदा नहीं कर पाएंगे।

कोलकाता को मिली छूट

सरकार ने कोलकाता और उसके विस्तारित मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के लिए 4000 क्विंटल की मौजूदा सीमा बरकरार रखी है। इसकी वजह इस क्षेत्र की अलग सप्लाई जरूरतें हैं। कोलकाता में चीनी मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से आती है और यहां से पूर्वी भारत, खासकर पूर्वोत्तर राज्यों में इसकी सप्लाई होती है। इसलिए सरकार ने सप्लाई चेन को सुचारु रखने के लिए यहां ज्यादा स्टॉक की सीमा बनाए रखने का फैसला किया है।

अगस्त में भी लागू की थी सीमा

सरकार ने इससे पहले 1 अगस्त 2026 से पूरे देश में चीनी डीलर्स के लिए 4,000 क्विंटल की स्टॉक लिमिट लागू की थी। अब इसे घटाकर आधा कर दिया गया है। सरकार लगातार इस बात पर नजर रख रही है कि कारोबारी जरूरत से ज्यादा चीनी जमा न करें। उसका कहना है कि स्टॉक लिमिट घटाने से जमाखोरी और सट्टेबाजी जैसी गतिविधियों को रोका जा सकेगा।

चीनी की कीमतों पर क्या असर?

सरकार ने चीनी मिलों, डीलर्स और ट्रेडर्स के स्टॉक की निगरानी और फिजिकल वेरिफिकेशन भी तेज कर दिया है। जांच के दौरान कुछ जगहों पर अधिक स्टॉक रखने, स्टॉक की जानकारी नहीं देने और चीनी की बिक्री व आवाजाही में अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं।

सरकार के मुताबिक, इन कदमों और बाजार में बेहतर सप्लाई की वजह से हाल के दिनों में एक्स-मिल चीनी की कीमतों में करीब 20% की गिरावट आई है। अब खुदरा कीमतों में भी गिरावट का रुख दिखाई देने लगा है और उम्मीद है कि आने वाले समय में इसका असर ग्राहकों तक भी पहुंचेगा।

ऑनलाइन स्टॉक की जानकारी देना जरूरी

सरकार ने चीनी स्टॉक की नियमित घोषणा और अपडेट के लिए Department of Food and Public Distribution का ऑनलाइन पोर्टल भी इस्तेमाल में रखा है। मिलों, डीलर्स और ट्रेडर्स के स्टॉक का फिजिकल वेरिफिकेशन आने वाले हफ्तों में भी जारी रहेगा।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख