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3 min read | अपडेटेड June 04, 2026, 09:33 IST
सारांश
विदेश मंत्री रुबियो ने बार-बार भारत को इंडो-पैसिफिक रीजन में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार (स्ट्रैटजिक पार्टनर) के रूप में हाइलाइट किया है, जो दुनिया के सबसे बड़े और सबसे पुराने लोकतंत्रों के बीच आर्थिक संबंधों में बढ़ती गति का संकेत है।

भारत और अमेरिका के बीच जल्द हो सकता है व्यापार समझौता
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड वार्ता तो लंबे समय से चली आ रही है, लेकिन ट्रेड डील अभी तक नहीं हो सकी है। हालांकि अब ऐसा लग रहा है कि जल्द ही दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौता (Bilateral Trade Agreement, BTA) हो सकता है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सांसदों को बताया कि अमेरिका और भारत एक बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने से बस कुछ ही सप्ताह दूर हैं। बुधवार रात सदन की विदेश मामलों की समिति की सुनवाई के दौरान भारत की अपनी हालिया यात्रा से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए रुबियो ने कहा कि वॉशिंगटन और नई दिल्ली समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं। विदेश मंत्री रुबियो ने बार-बार भारत को इंडो-पैसिफिक रीजन में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार (स्ट्रैटजिक पार्टनर) के रूप में हाइलाइट किया है, जो दुनिया के सबसे बड़े और सबसे पुराने लोकतंत्रों के बीच आर्थिक संबंधों में बढ़ती गति का संकेत है।
उन्होंने कहा कि उनकी भारत यात्रा में क्वाड (Quadrilateral Security Dialogue, Quad) के समकक्षों के साथ भी चर्चा शामिल थी, जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। रुबियो ने संकेत दिया कि चारों देश बातचीत से आगे बढ़कर मजबूत प्रोजेक्ट्स की ओर बढ़ रहे हैं, जिनमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सहयोग को बढ़ाना शामिल है। उन्होंने पैक्स सिलिका नाम की एक नई पहल का भी जिक्र किया, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, AI) से जुड़ी सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए 14 देश मिलकर काम कर रहे हैं।
भविष्य में एआई और एआई विकास के लिए महत्वपूर्ण सप्लाई चेन की सुरक्षा के लिए 14 देश एक-दूसरे के साथ सहयोग कर रहे हैं। रुबियो ने यह भी स्वीकार किया कि यूक्रेन में युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत की कोशिशें ठप पड़ी हुई हैं, और कहा कि न तो रूस और न ही यूक्रेन शांति समझौते तक पहुंचने के लिए आवश्यक रियायतें देने को तैयार दिख रहे हैं।
वहीं भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को कहा था कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता लगभग 99% पूरा हो चुका है और दोनों देश बचे 1% लंबित मुद्दों को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बहुप्रतीक्षित समझौते पर अगले कुछ सप्ताह में हस्ताक्षर हो सकते हैं। एक अधिकारी के अनुसार, प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते की डीटेल्स को अंतिम रूप देने के लिए भारत और अमेरिका के टॉप नेगोशिएटरों ने मंगलवार को तीन दिवसीय वार्ता शुरू की। समझौते का प्रारूप फरवरी में तैयार कर लिया गया था। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उसके मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच कर रहे हैं, जबकि भारत की ओर से वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन मुख्य वार्ताकार हैं। गोर ने कहा, ‘अंतरिम व्यापार समझौते का ज्यादातर हिस्सा तय हो चुका है। अब केवल 1% मुद्दा बचा है, जिसे अंतिम रूप देने की कोशिश की जा रही है, ताकि दोनों देशों के नेता इस पर हस्ताक्षर कर इसे औपचारिक और कानूनी रूप दे सकें।’
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