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3 min read | अपडेटेड October 21, 2026, 11:56 IST
सारांश
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि जल्द ही यह बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील हो जाएगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसको लेकर अपनी बात रखी है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील का जल्द हो सकता है ऐलान (Photo: Shutterstock)
भारत और अमेरिका के बीच लगता है कि जल्द ही ट्रेड डील का ऐलान हो जाएगा। पिछले करीब एक साल से दोनों देशों के बीच ट्रेड वार्ता जारी है। कुछ ऐलान भी हुए, लेकिन अभी तक दोनों देश ट्रेड डील का ऐलान नहीं कर पाए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और भारत एक ट्रेड डील करने के काफी करीब हैं, जो पहले हुई डील्स से काफी अलग होगी। मंगलवार को ओवल ऑफिस में रिपोर्टर्स से बात करते हुए, ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका एक ट्रेड डील करने के काफी करीब हैं। एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, 'वे समझौता करना चाहते हैं। हम भी समझौता करने जा रहे हैं। हां, हम काफी करीब हैं।' ट्रंप ने कहा, 'यह हमारे द्वारा पहले किए गए समझौतों से काफी अलग तरह का समझौता होगा।' वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत दौरे पर दोनों देशों के बीच ट्रेड डील को लेकर कुछ अहम बातें कही हैं। डोनाल्ड ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत के दौरे पर हैं। उन्होंने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की, जिसमें व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों जैसे सेक्टरों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
इससे पहले इस महीने, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने व्यापार समझौते के बारीक पहलुओं पर चर्चा करने के लिए मिल्वौकी और वॉशिंगटन में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से मुलाकात की थी। भारत और अमेरिका ने फरवरी में द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। हालांकि, अमेरिका में टैरिफ (शुल्क) ढांचे में बदलाव के कारण इस समझौते पर फिर से बातचीत हो रही है।
मंगलवार को भारत और अमेरिका ने अपने संबंधों में चल रहे तनाव के बावजूद ऊर्जा और रक्षा सहयोग को बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए। रुबियो ने नई दिल्ली से ऊर्जा व्यापार को बढ़ाने और अमेरिकी तकनीकों और प्रणालियों की खरीद में वृद्धि करने का आग्रह किया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रुबियो के साथ व्यापक बातचीत की। यह बातचीत तब हुई जब रुबियो पांच महीने से भी कम समय में दूसरी बार भारत (मुंबई) पहुंचे थे। हालांकि, वॉशिंगटन की अनिश्चित व्यापार नीतियों और कड़े होते आव्रजन नियमों के कारण दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में अभी भी तनाव बना हुआ है।
जयशंकर के साथ बैठक से पहले, रुबियो ने मीडिया को बताया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम रूप लेने के करीब है। उन्होंने भारत को कच्चे तेल के शोधन (रिफाइनिंग) में एक 'महाशक्ति' बताया और भारत में वेनेजुएला के कच्चे तेल की अधिक प्रोसेसिंग करने का सुझाव दिया। अमेरिकी विदेश मंत्री बुधवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की जामनगर रिफाइनरी का दौरा करेंगे। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच अहम मुद्दों पर 'असाधारण तालमेल' है, भले ही कुछ अन्य बातों पर असहमति हो सकती है।
तीन महीने में दूसरी बार भारत आए रुबियो ने कहा, 'बेशक, कभी-कभी असहमति के मौके आ सकते हैं, लेकिन जो अहम मुद्दे हैं, वे मुद्दे जो भारत और अमेरिका दोनों के राष्ट्रीय हितों को तय करते हैं, उन पर हमारे देशों के बीच असाधारण तालमेल है। इतने बड़े आकार वाले दो देशों के लिए यह वाकई बहुत बड़ी बात है।'
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