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  1. ट्रेड डील फाइनल करने के बेहद करीब पहुंचे भारत और अमेरिका, रूसी तेल पर प्रतिबंधों में छूट को लेकर मार्को रुबियो ने कही ये बात

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ट्रेड डील फाइनल करने के बेहद करीब पहुंचे भारत और अमेरिका, रूसी तेल पर प्रतिबंधों में छूट को लेकर मार्को रुबियो ने कही ये बात

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 19, 2026, 12:04 IST

सारांश

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका भारत के साथ ट्रेड डील को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहा है और दोनों देश इसके बेहद करीब हैं। इसके साथ ही उन्होंने रूसी तेल और गैस पर लगी पाबंदियों में छूट देने के पीछे के कारणों को भी समझाया।

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अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के साथ ट्रेड डील जल्द फाइनल होने के संकेत दिए हैं।

अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक रिश्तों को लेकर एक बड़ा और सकारात्मक बयान सामने आया है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोमवार को बताया कि उनका देश इस समय भारत के साथ ट्रेड डील को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। उन्होंने कहा कि दोनों देश इस व्यापार समझौते को पूरा करने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार, वैश्विक सप्लाई, कच्चे तेल की कीमतों और रूसी तेल पर लगी पाबंदियों में दी जाने वाली छूट को लेकर भी अपने देश का रुख स्पष्ट किया। उनके इस बयान से दोनों देशों के बीच साझेदारी मजबूत होने के संकेत मिल रहे हैं।

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ट्रेड डील फाइनल करने के बेहद करीब पहुंचे दोनों देश

अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत के साथ व्यापारिक रिश्तों पर बात करते हुए कहा कि दोनों देश एक समझौते को तय करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम इस वक्त भारत के साथ एक ट्रेड डील फाइनल करने की कोशिश में हैं और ऐसा करने के बहुत करीब हैं। अगर यह ट्रेड डील पूरी तरह तय हो जाती है, तो इससे दोनों देशों के बीच व्यापार को नई दिशा मिलेगी। मार्को रुबियो ने यह भी संकेत दिया कि व्यापारिक समझौतों को आगे बढ़ाने के लिए दोनों पक्ष लगातार बातचीत कर रहे हैं।

रूसी तेल और गैस पर पाबंदियों में छूट की बताई वजह

बातचीत के दौरान जब उनसे रूस के तेल और गैस से जुड़े प्रतिबंधों पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्थिति साफ की। मार्को रुबियो ने बताया कि अमेरिका को पिछले कुछ महीनों के दौरान पाबंदियों में छूट देनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि यह फैसला वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की सप्लाई और कीमतों पर पड़ने वाले असर को देखकर लिया गया था। अमेरिका को इन सभी चीजों को मैनेज करना होता है ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा का संकट खड़ा न हो और कीमतें काबू में रहें।

राष्ट्रपति के फैसलों में ध्यान रखी जाती हैं ये बातें

मार्को रुबियो ने आगे कहा कि जब राष्ट्रपति राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी छूट या ऐसे दूसरे मामलों पर कोई निर्णय लेते हैं, तो भारत के साथ होने वाली यह ट्रेड डील भी उन बातों में शामिल होती है जिन्हें ध्यान में रखा जाता है। उन्होंने कहा कि विदेश नीति और सुरक्षा से जुड़े फैसले लेते समय सहयोगी देशों के हितों, आपसी व्यापार और अंतरराष्ट्रीय समीकरणों का तालमेल बिठाना बहुत जरूरी होता है। प्रशासन को सभी पहलुओं को देखकर ही कदम उठाना पड़ता है।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने ऊर्जा जरूरतों को लेकर दुनिया के देशों की वास्तविक स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हर देश के सामने कई जटिल परिस्थितियां होती हैं जिन्हें देखना होता है। भूगोल एक सच्चाई है और कुछ देशों के लिए दूसरे विकल्पों से ऊर्जा जुटाना बहुत मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि यह कोई बहाना नहीं है, लेकिन जब विदेश नीति बनाई जाती है तो इन सभी बातों में संतुलन बनाना पड़ता है। किसी देश की भौगोलिक स्थिति और ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखकर ही नीतियां तय होती हैं।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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