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3 min read | अपडेटेड October 19, 2026, 16:55 IST
सारांश
भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी एफटीए विजयदशमी के मौके पर लागू होने जा रहा है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि इस समझौते से भारत के 100% एक्सपोर्ट को न्यूजीलैंड में ड्यूटी फ्री एंट्री मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू होने की घोषणा की।
भारत और न्यूजीलैंड के आर्थिक रिश्तों में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। विजयदशमी के पावन पर्व पर दोनों देशों के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA पूरी तरह से लागू होने जा रहा है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए इसे दोनों देशों के लिए एक बड़ी विजय बताया है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस लक्सन के साझा विजन और मजबूत लीडरशिप के चलते संभव हो सका है। इस डील के लागू होने से दोनों देशों के नागरिकों, कारोबारियों और युवाओं के लिए तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे।
इस समझौते की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि न्यूजीलैंड जाने वाले 100% भारतीय एक्सपोर्ट को पूरी तरह से ड्यूटी फ्री एंट्री मिलेगी। यानी भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले सामानों पर कोई टैक्स या कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी। पीयूष गोयल ने बताया कि इस फैसले से भारत के एमएसएमई सेक्टर, किसानों, महिलाओं, युवाओं और लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स के लिए बहुत बड़े मौके बनेंगे। इसके साथ ही देश के प्रोफेशनल्स के लिए भी न्यूजीलैंड में काम करने और सर्विस देने के नए रास्ते खुलेंगे। सबसे अच्छी बात यह है कि इस पूरे समझौते में भारत के बुनियादी और मुख्य हितों का पूरा ध्यान रखा गया है।
FTA के तहत भारतीय किसानों को न्यूजीलैंड के बाजार में अपने फल, सब्जियां, मसाले और अन्य कृषि उत्पाद बेचने के लिए बड़ा मंच मिलेगा। इसके अलावा दोनों देश मिलकर खेती की प्रोडक्टिविटी बढ़ाने, किसानों की आमदनी में इजाफा करने और उनकी आजीविका को मजबूत बनाने में सहयोग करेंगे। वहीं दूसरी तरफ घरेलू किसानों के हितों की रक्षा करते हुए डेयरी जैसे संवेदनशील सेक्टरों को पूरी तरह से सुरक्षित रखा गया है। पीयूष गोयल ने साफ किया कि किसानों का कल्याण इस नीति के केंद्र में रहा है, इसलिए डेयरी पर किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया गया है।
इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए सिर्फ सामानों का व्यापार ही आसान नहीं होगा, बल्कि देश में बड़े पैमाने पर विदेशी पूंजी भी आएगी। न्यूजीलैंड ने भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश कराने की प्रतिबद्धता जताई है। यह भारी निवेश भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर, सर्विसेज और इनोवेशन को मजबूत करने में बहुत मददगार साबित होगा। इससे देश में नए उद्यम लगेंगे और बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे, जिससे देश की आर्थिक स्थिति को नई ताकत मिलेगी।
पीयूष गोयल ने न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले और दोनों देशों की बातचीत करने वाली टीमों के लगातार प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने बताया कि पिछले साल मार्च के महीने में इस समझौते के लिए बातचीत शुरू की गई थी और बहुत ही कम समय में दोनों देशों के आपसी भरोसे के दम पर यह समझौता लागू होने जा रहा है। उन्होंने भारतीय एक्सपोर्टर्स, कारोबारियों, एमएसएमई और उद्यमियों से अपील की है कि वे इस समझौते का पूरा फायदा उठाएं, मजबूत पार्टनरशिप बनाएं और इसका वास्तविक लाभ देश की जनता तक पहुंचाएं। उन्हें पूरा भरोसा है कि यह साझेदारी आगे भी कई नए मुकाम हासिल करेगी।
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