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यूक्रेन हमले के तीसरे साल भारत ने रूस से खरीदा €49B का कच्चा तेल, प्रतिबंधों से हुआ फायदा

Upstox

2 min read | अपडेटेड February 25, 2025, 15:31 IST

सारांश

India Russia Crude Oil Import: पश्चिमी देशों ने रूस पर कच्चे तेल को लेकर सैंक्शन लगा दिए थे जिससे इसकी कीमत गिर गई और भारत ने कम कीमतों का फायदा उठा लिया।

पारंपरिक तौर पर पश्चिम एशियाई देशों से तेल खरीदता है भारत।

पारंपरिक तौर पर पश्चिम एशियाई देशों से तेल खरीदता है भारत।

यूक्रेन पर रूस के हमले के तीन साल बाद भारत ने रूस से $49 अरब यूरो का कच्चा तेल खरीदा है। यूं तो पारंपरिक रूप स भारत पश्चिम एशियाई देशों से तेल खरीदता रहा है लेकिन रूस से कच्चा तेल समस्ते दाम पर मिलने के चलते उससे खरीद का हिस्सा बढ़ गया है।

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वैश्विक शोध संस्थान की रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन पर हमले के बाद रूस पर लगे पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और यूरोप के कुछ देशों के खरीद से पीछे हटने के चलते रूसी तेल की कीमत दूसरे अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क की तुलना में काफी कम हो गई थी।

भारत ने अपने हितों का ध्यान रखते हुए रूस से ज्यादा कच्चा तेल खरीदना शुरू कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक इससे भारत के रूसी तेल आयात में हुई बढ़त, कुल कच्चे तेल आयात के 1% से बढ़कर शॉर्ट-टर्म में ही 40% तक पहुंच गया।

चीन, भारत, तुर्किये आगे

ऊर्जा एवं स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यूक्रेन पर रूस के हमले के तीसरे साल में नए बाजारों पर रूस की पकड़ मजबूत हुई है। तीन सबसे बड़े खरीदार चीन (78 अरब यूरो), भारत (49 अरब यूरो) और तुर्किये (34 अरब यूरो) रहे। हमले के तीसरे साल में जीवाश्म ईंधन (Fossil fuel) से रूस की कुल आमदनी में इनकी हिस्सेादारी 74% रही।’

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत की इंपोर्ट वैल्यू में सालाना आधार पर 8% की बढ़ोतरी देखी गई। हमले के तीसरे साल में रूस की कुल वैश्विक जीवाश्म ईंधन आमदनी 242 अरब यूरो तक पहुंच गई और यूक्रेन पर हमले आक्रमण के बाद से यह कुल 847 अरब यूरो हो गई है।

ईंधन में बदलकर निर्यात

भारत की कुछ रिफाइनरियों ने रूसी कच्चे तेल को पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन में परिवर्तित कर दिया। फिर इसे यूरोप और दूसरे G-7 देशों को निर्यात किया गया। रूसी तेल पर कीमत में छूट (जो कभी-कभी अन्य तेलों के बाजार मूल्य से 18-20 डॉलर प्रति बैरल कम होती है) ने भारत को बहुत सस्ती दर पर तेल खरीदने का मौका दिया। हालांकि, हाल के दिन में छूट घटकर तीन डॉलर प्रति बैरल से भी कम रह गई है।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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