return to news
  1. IND-USA Trade Talks: भारत के साथ ट्रेड वार्ता में कहां अटक रही सुई, USTR ग्रीर क्या कुछ बोले?

बिजनेस न्यूज़

IND-USA Trade Talks: भारत के साथ ट्रेड वार्ता में कहां अटक रही सुई, USTR ग्रीर क्या कुछ बोले?

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड April 23, 2026, 14:35 IST

सारांश

वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन के नेतृत्व में 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिण और मध्य एशिया के लिए सहायक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच के नेतृत्व वाली अमेरिकी टीम के साथ ट्रेड डील के बारीक बिंदुओं पर चर्चा की।

भारत-अमेरिका

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड वार्ता की सुई कहां अटकी है?

India-USA Trade Talks: भारत और अमेरिका के बीच वॉशिंगटन में चली तीन दिवसीय ट्रेड वार्ता खत्म हो चुकी है। इसके खत्म होने के बाद अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि भारत एक ‘मुश्किल चुनौती’ है। वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन के नेतृत्व में 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिण और मध्य एशिया के लिए सहायक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच के नेतृत्व वाली अमेरिकी टीम के साथ ट्रेड डील के बारीक बिंदुओं पर चर्चा की। तीन दिवसीय वार्ता बुधवार को खत्म हुई। ग्रीर ने बुधवार को अमेरिकी कांग्रेस की वेज एंड मीन्स कमेटी को संबोधित करते हुए कहा, ‘भारत एक मुश्किल चुनौती है... उन्होंने लंबे समय से अपने कृषि बाजारों (Agricultural Markets) की रक्षा की है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘इस समझौते के तहत, वे इनमें से कई चीजों को प्रोटेक्ट करना चाहते हैं। हालांकि, कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन पर मुझे लगता है कि हम आपसी सहमति बना सकते हैं। डीडीजी (सूखे अनाज) इसका एक अच्छा उदाहरण है।’

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

ग्रीर सांसदों द्वारा डीडीजी के निर्यात से संबंधित सवालों के जवाब दे रहे थे, जिनका इस्तेमाल हाइ प्रोटीन वाले पशुधन चारे, सोयाबीन मील और इथेनॉल के रूप में किया जाता है। अमेरिकी व्यापार मंत्री ने कहा कि अमेरिकी वार्ताकार भारत के वार्ताकारों के साथ विकास लक्ष्य (डीजीडी) जैसे विशिष्ट मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। ग्रीर ने कहा, ‘भारतीय व्यापार वार्ताकार इस सप्ताह यहीं हैं। इसलिए हम इस सप्ताह इन मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं, जिनमें वे विशिष्ट वस्तुएं भी शामिल हैं जिनका आपने जिक्र किया, यानी डीजीडी।’ भारत और अमेरिका ने 2 फरवरी को द्विपक्षीय व्यापार समझौते के ढांचे की घोषणा की और 7 फरवरी को समझौते का पाठ जारी किया। इस समझौते के तहत भारत अमेरिकी बाजारों में तरजीही पहुंच चाहता है, क्योंकि दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक 500 अरब अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हासिल करना है।

इस ढांचे के अनुसार, अमेरिका ने भारत पर टैरिफ को 50% से घटाकर 18% करने पर सहमति जताई थी। उसने रूसी तेल खरीदने पर भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले 25% टैरिफ को हटा दिया था और समझौते के तहत बचे हुए 25% को घटाकर 18% करना था। लेकिन 20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप द्वारा लगाए गए पारस्परिक टैरिफ के खिलाफ फैसला सुनाया, जो 1977 के अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) के तहत लागू किए गए थे। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद, भारत नए वैश्विक टैरिफ ढांचे के तहत अपने हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए समझौते को फिर से संशोधित और नया रूप देने की कोशिश कर रहा है।

PTI इनपुट के साथ

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

अगला लेख