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  1. GST रेट बदला तो दवा कंपनियों को नहीं करना होगा रिकॉल, NPPA का बड़ा ऐलान, समझिए इससे क्या होगा फायदा?

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GST रेट बदला तो दवा कंपनियों को नहीं करना होगा रिकॉल, NPPA का बड़ा ऐलान, समझिए इससे क्या होगा फायदा?

Upstox

2 min read | अपडेटेड September 16, 2025, 17:14 IST

सारांश

GST Rate Change Pharma Pricing: दवा कंपनियों को राहत मिली है। NPPA ने स्पष्ट किया है कि 22 सितंबर 2025 से पहले बाजार में उतारी गई दवाओं को वापस मंगाने या री-लेबल करने की ज़रूरत नहीं होगी। कंपनियों को केवल नई प्राइस लिस्ट जारी करनी होगी और रिटेलर लेवल पर सही कीमत सुनिश्चित करनी होगी।

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कंपनियों को रिकॉल से मिलेगी छूट

GST Rate Change Pharma Pricing: फार्मा इंडस्ट्री को बड़ी राहत मिली है। नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) ने स्पष्ट किया है कि 22 सितंबर 2025 से पहले बाजार में जारी की गई दवाओं को न तो वापस मंगाने की जरूरत है और न ही री-लेबलिंग या री-स्टिकरिंग करनी होगी। कंपनियों को सिर्फ यह सुनिश्चित करना होगा कि नई कीमतें रिटेलर स्तर पर लागू हों।
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NPPA का जारी किया निर्देश

NPPA ने अपने ऑफिस मेमोरेन्डम में कहा है कि सभी दवा निर्माता और मार्केटिंग कंपनियों को अपने उत्पादों के MRP को संशोधित करना होगा। इसके लिए उन्हें डीलरों और रिटेलर्स को संशोधित प्राइस लिस्ट या सप्लीमेंट्री प्राइस लिस्ट जारी करनी होगी। साथ ही राज्य औषधि नियंत्रकों और सरकार को भी यह लिस्ट देनी होगी ताकि अपडेटेड GST रेट्स और नई कीमतें परिलक्षित हो सकें।

कंपनियों को रिकॉल से छूट

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी FAQ में साफ किया गया है कि अगर कंपनियां रिटेल स्तर पर संशोधित कीमत सुनिश्चित करती हैं तो उन्हें पुराने स्टॉक्स को रिकॉल, री-लेबल या री-स्टिकर करने की जरूरत नहीं है। यह निर्णय फार्मा कंपनियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है क्योंकि दवाओं की रिकॉलिंग और री-लेबलिंग पर भारी खर्च और तकनीकी दिक्कतें आतीं। इस कदम से सप्लाई चेन में भी रुकावट नहीं आएगी। मरीजों को जरूरी दवाओं की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे आसानी से अपडेटेड कीमतों पर दवा खरीद सकेंगे। रिटेलर्स को नई प्राइस लिस्ट डिस्प्ले करनी होगी, ताकि उपभोक्ताओं को सही कीमत मिल सके।

GST काउंसिल का फैसला

NPPA का यह निर्देश GST काउंसिल की 56वीं बैठक (3 सितंबर 2025) में लिए गए फैसलों के अनुरूप है। काउंसिल ने उस बैठक में कई गुड्स और सर्विसेज़ पर GST दरों का पुनर्गठन किया था, जिसमें दवाएं भी शामिल थीं। NPPA के हस्तक्षेप से दवा क्षेत्र में इन बदलावों का सहज क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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