return to news
  1. GST Council Meeting: बड़ी राहत देने को तैयार निर्मला सीतारमण, बैठक से एक दिन पहले क्या कुछ कहा?

बिजनेस न्यूज़

GST Council Meeting: बड़ी राहत देने को तैयार निर्मला सीतारमण, बैठक से एक दिन पहले क्या कुछ कहा?

Upstox

2 min read | अपडेटेड September 02, 2025, 15:50 IST

सारांश

निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अगली पीढ़ी के सुधारों के लिए एक कार्यबल के गठन की घोषणा की है। इसका क्लियर उद्देश्य नियमों को सरल बनाना, अनुपालन लागत कम करना है।

जीएसटी

जीएसटी काउंसिल मीटिंग 3 और 4 सितंबर होनी है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से खुला और ट्रांसपेरेंट बनाएंगे। इससे अनुपालन बोझ में और कमी आएगी और साथ ही छोटे बिजनेसों को फायदा मिलेगा। सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अगली पीढ़ी के सुधारों के लिए एक कार्यबल के गठन की घोषणा की है। इसका क्लियर उद्देश्य नियमों को सरल बनाना, अनुपालन लागत कम करना और स्टार्टअप, सूक्ष्म, लघु और मझोले बिजनेसों और बिजनेस करने वालों के लिए एक अधिक अनुकूल परिवेश का निर्माण करना है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

सीतारमण ने कहा, ‘इसके अलावा, अगले दो दिन होने वाली परिषद की बैठक के साथ अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों की योजनाबद्ध शुरुआत से आने वाले महीनों में अर्थव्यवस्था पूरी तरह से खुली और पारदर्शी हो जाएगी। अनुपालन बोझ में और कमी आएगी जिससे छोटे व्यवसायों के लिए फलने-फूलना आसान हो जाएगा।’ स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में बड़े सुधारों की घोषणा की थी और नागरिकों के लिए दिवाली पर उपहारों का वादा किया था। सीतारमण ने कहा कि देश के अपने विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण की ओर बढ़ते हुए बैंकों से न केवल ऋण का विस्तार करने बल्कि बुनियादी ढांचे के विकास को गति प्रदान करने, एमएसएमई के लिए समय पर और आवश्यकता-आधारित वित्तपोषण सुनिश्चित करने, बैंकिंग सेवाओं से वंचित लोगों को औपचारिक बैंकिंग के दायरे में लाने व विविध आवश्यकताओं को पूरा करने का आह्वान किया जाता है। इस लक्ष्य के लिए बैंकिंग क्षेत्र का समर्थन अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, ‘इस परिवर्तन के मार्गदर्शक सिद्धांत विश्वास, प्रौद्योगिकी और पारदर्शिता होने चाहिए।’ केंद्रीय वित्त मंत्री ने साथ ही कहा कि पिछले 11 वर्ष में 56 करोड़ जन-धन खाते खोले गए हैं, जिनमें कुल जमा राशि 2.68 लाख करोड़ रुपये है। इनमें से अधिकतर खाताधारक महिलाएं हैं। सीतारमण ने यह भी बताया कि भारतीय अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों ने परिसंपत्ति गुणवत्ता में बड़ा सुधार दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने 18 साल में पहली बार देश की दीर्घकालिक साख में सुधार किया है।

भाषा इनपुट के साथ

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख