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  1. Gold-Silver की चमक आगे भी रह सकती है फीकी, डॉलर की मजबूती समेत इन फैक्टर्स पर रहेगी नजर

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Gold-Silver की चमक आगे भी रह सकती है फीकी, डॉलर की मजबूती समेत इन फैक्टर्स पर रहेगी नजर

Shubham Singh Thakur

2 min read | अपडेटेड June 09, 2026, 13:26 IST

सारांश

Gold-Silver Price: आज अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव है। सोना 0.28 फीसदी गिरकर 4,327.7 डॉलर प्रित औंस पर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा चांदी भी 0.19 फीसदी की कमजोरी के साथ 68.31 डॉलर प्रति औंस पर है।

Gold-Silver Price

Gold-Silver Price: पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ती तेल कीमतों ने भी बाजार की चिंताओं को बढ़ाया है।

Gold-Silver Price: सोने और चांदी की कीमतों में आज 09 जून को गिरावट नजर आ रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का भाव 0.07 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ 1,54,663 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। इसके अलावा MCX पर चांदी में भी 0.14 फीसदी की गिरावट है और यह 2,46,045 रुपये प्रति किलो के आसपास ट्रेड कर रहा है। पिछले सप्ताह दोनों धातुओं में तेज गिरावट आई थी। सोना 2026 के अपने सबसे निचले स्तर के करीब पहुंच गया था, जबकि चांदी भी काफी फिसल गई थी।
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अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्या है भाव

आज अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव है। सोना 0.28 फीसदी गिरकर 4,327.7 डॉलर प्रित औंस पर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा चांदी भी 0.19 फीसदी की कमजोरी के साथ 68.31 डॉलर प्रति औंस पर है।

सोने-चांदी के भाव पर इन फैक्टर्स का दिख सकता है असर

अमेरिका में ऊंची ब्याज दर की उम्मीद

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका में रोजगार से जुड़े मजबूत आंकड़ों ने यह संकेत दिया है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो निवेशक सोने और चांदी जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों की बजाय बॉन्ड और अन्य निवेश को प्राथमिकता देते हैं।

मजबूत डॉलर

अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड और डॉलर में मजबूती भी सोने-चांदी पर दबाव बना रही है। मजबूत डॉलर के कारण अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए सोना और चांदी महंगे हो जाते हैं, जिससे मांग प्रभावित होती है।

जियो-पॉलिटिकल टेंशन

पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ती तेल कीमतों ने भी बाजार की चिंताओं को बढ़ाया है। हालांकि ईरान और इजराइल के बीच सीधे संघर्ष में फिलहाल कमी आई है, लेकिन निवेशक अभी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। तेल की ऊंची कीमतें महंगाई बढ़ा सकती हैं, जिससे केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करने से बच सकते हैं।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि में सोना अब भी महंगाई और आर्थिक अनिश्चितताओं से बचाव का एक महत्वपूर्ण निवेश विकल्प माना जाता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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