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3 min read | अपडेटेड March 18, 2026, 08:03 IST
सारांश
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और बढ़ती महंगाई के बीच आज सोने और चांदी के भाव में स्थिरता और मामूली तेजी देखी गई है। निवेशक फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर आने वाले फैसले का इंतजार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 5,012 डॉलर के पास ट्रेड कर रहा है।

सोने और चांदी की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय कारणों की वजह से आज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
सोने और चांदी की कीमतों में आज एक सीमित दायरे में कारोबार होता नजर आ रहा है। दुनिया भर के बाजारों की नजर इस वक्त अमेरिका के फेडरल रिजर्व की ओर से आने वाले ब्याज दरों के फैसले पर टिकी है। इसके साथ ही मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों के मन में चिंता पैदा कर दी है। महंगाई बढ़ने के खतरे और युद्ध की खबरों के बीच सोने को हमेशा से एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए इसकी कीमतों में फिलहाल बड़ी गिरावट के आसार कम ही दिख रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 5,012 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। वहीं स्पॉट सिल्वर में 0.17 पर्सेंट की हल्की गिरावट देखी गई है और यह 79.7 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। आने वाले दिनों में फेडरल रिजर्व के फैसले और युद्ध की स्थिति ही सोने और चांदी के फ्यूचर का रास्ता तय करेगी।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन यानी आईबीजेए की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 17 मार्च को सोने की अलग-अलग कैटेगरी में बड़ी बढ़त देखी गई है। सबसे शुद्ध यानी 999 प्योरिटी वाले सोने का भाव 1,56,042 रुपये पर पहुंच गया है। इसी तरह 995 प्योरिटी वाले सोने की कीमत 1,55,417 रुपये दर्ज की गई है। अगर गहनों के लिए इस्तेमाल होने वाले 916 प्योरिटी यानी 22 कैरेट सोने की बात करें, तो यह 1,42,934 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा 750 प्योरिटी वाला सोना 1,17,032 रुपये और 585 प्योरिटी वाला सोना 91,285 रुपये के स्तर पर बना हुआ है। चांदी की कीमतों में भी बड़ी उछाल देखी गई है और 999 शुद्धता वाली चांदी का रेट 2,54,028 रुपये के बड़े आंकड़े पर पहुंच गया है।
मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध अब तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है, जिसका असर ग्लोबल मार्केट पर साफ दिख रहा है। अमेरिका और इजरायल की ओर से रात भर किए गए हमलों और ईरान के नेशनल सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी की मौत की पुष्टि होने के बाद माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है। ईरान ने भी पलटवार करते हुए खाड़ी क्षेत्र में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के जरिए होने वाला शिपिंग का काम भी लगभग ठप पड़ा है। इस तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें काफी ऊपर चली गई हैं, जिससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का डर पैदा हो गया है। जब भी महंगाई बढ़ती है, तो निवेशक सोने की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं।
आज होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग पर पूरी दुनिया के निवेशकों की नजर है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि फेडरल रिजर्व फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। महंगाई की बढ़ती रफ्तार और लेबर मार्केट में आई थोड़ी सुस्ती को देखते हुए केंद्रीय बैंक अभी ब्याज दरें घटाने के मूड में नहीं लग रहा है। जब ब्याज दरें ज्यादा होती हैं, तो सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर थोड़ा दबाव रहता है, क्योंकि इन पर निवेशकों को कोई अलग से ब्याज नहीं मिलता है।
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