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सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट पर लगा ब्रेक, अब भारत में इतने का मिलेगा 10 ग्राम गोल्ड

Upstox

4 min read | अपडेटेड March 27, 2026, 08:26 IST

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सारांश

मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर फैसले को टालने के बाद सोने-चांदी की कीमतों में स्थिरता आई है। कोमेक्स गोल्ड आज मामूली बढ़त के साथ 4,423 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है।

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सोने-चांदी का भाव

आज सोने और चांदी के बाजार में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी गिरावट पर लगाम लगती दिख रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिल रहे संकेतों के कारण आज कीमतों में मामूली सुधार देखा गया है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह बयान है, जिसमें उन्होंने ईरान के साथ चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए डेडलाइन को आगे बढ़ा दिया है। इस फैसले ने उन निवेशकों को थोड़ी राहत दी है, जो मिडिल ईस्ट में युद्ध के और ज्यादा भड़कने की आशंका से डरे हुए थे।

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ट्रंप के फैसले से बाजार को मिली बड़ी राहत

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के एनर्जी ठिकानों को निशाना बनाने के फैसले को अगले 10 दिनों के लिए टाल रहे हैं। ट्रंप का यह फैसला मिडिल ईस्ट में करीब एक महीने से चल रहे संघर्ष के बीच एक अस्थाई राहत के तौर पर देखा जा रहा है। इस खबर के आते ही कोमेक्स गोल्ड रेट आज 0.33 पर्सेंट की मजबूती के साथ 4,423 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा। इससे पहले वाले सेशन में सोने की कीमतों में करीब 3 पर्सेंट की बड़ी गिरावट देखी गई थी। इसी तरह चांदी की कीमतों में भी आज एशियाई ट्रेडिंग घंटों के दौरान 0.29 पर्सेंट का उछाल आया और यह 68.13 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

एक महीने में 17 पर्सेंट तक सस्ता हुआ सोना

जब से यह युद्ध शुरू हुआ है, तब से अब तक सोने की कीमतों में करीब 17 पर्सेंट की बड़ी गिरावट आ चुकी है। आमतौर पर युद्ध जैसे हालात में सोना महंगा होता है, लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है। सोने की कीमतें काफी हद तक शेयर बाजार के साथ और कच्चे तेल की कीमतों के विपरीत दिशा में चल रही हैं। एनर्जी की बढ़ती कीमतों ने महंगाई का खतरा बढ़ा दिया है। इस कारण ऐसी संभावनाएं बन रही हैं कि दुनिया भर के सेंट्रल बैंक ब्याज दरों को या तो स्थिर रखेंगे या फिर उनमें बढ़ोतरी करेंगे। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने जैसे बिना ब्याज वाले एसेट की डिमांड कम हो जाती है, जिससे इसकी कीमतों पर दबाव पड़ता है।

तुर्की के सेंट्रल बैंक ने बेचा भारी मात्रा में गोल्ड

सोने की कीमतों पर दबाव बनाने में एक और बड़ा हाथ तुर्की के सेंट्रल बैंक का रहा है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्की के केंद्रीय बैंक ने युद्ध के शुरुआती दो हफ्तों में ही करीब 60 टन सोना बेच दिया या उसे स्वैप कर दिया है। इस सोने की कुल वैल्यू 8 अरब डॉलर से भी ज्यादा बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में सोने की सप्लाई बाजार में आने से इसकी ग्लोबल कीमतों में गिरावट देखी गई है। साथ ही अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना भी सोने के लिए चुनौती बना हुआ है। डॉलर इंडेक्स इस समय 100 के करीब है, जो जुलाई 2025 के बाद इसकी सबसे बड़ी मासिक बढ़त है। डॉलर मजबूत होने से दूसरे देशों के निवेशकों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है।

घरेलू बाजार और आईबीजेए के ताजा आंकड़े

अगर घरेलू बाजार की बात करें तो इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ दिनों में कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव रहा है। डेटा के मुताबिक, 25 मार्च 2026 को 24 कैरेट (999 शुद्धता) सोने का भाव 1,46,205 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो कि 24 मार्च को 1,40,420 रुपये था। वहीं 22 कैरेट (916 शुद्धता) वाले सोने का भाव 25 मार्च को 1,33,924 रुपये दर्ज किया गया था। चांदी की कीमतों में भी इसी तरह का उछाल दिखा था और यह 25 मार्च को 2,34,814 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई थी।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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