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3 min read | अपडेटेड April 30, 2026, 09:49 IST
सारांश
फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में बदलाव न करने के फैसले के बाद सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, 28 अप्रैल को सोना 1,48,782 रुपये पर आ गया है।

भारतीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में दर्ज की गई बड़ी गिरावट।
भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे दामों पर अब ब्रेक लगता नजर आ रहा है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की बैठक के बाद सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ग्लोबल मार्केट में आए इस बदलाव का सीधा असर भारतीय रिटेल मार्केट पर भी पड़ा है।
आईबीजेए के लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, भारतीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों के मुकाबले काफी कमी आई है। 28 अप्रैल 2026 को सोने की कीमत गिरकर 1,48,782 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गई है। अगर इसकी तुलना पिछले दिनों से करें तो 23 अप्रैल को सोने का भाव 1,52,116 रुपये था। यानी महज कुछ ही दिनों के भीतर सोने के दाम में करीब 3,300 रुपये से ज्यादा की कमी आई है। इसी तरह चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट देखी जा रही है। 28 अप्रैल को चांदी का भाव 2,36,541 रुपये प्रति किलो रहा, जो कि 23 अप्रैल को 2,48,682 रुपये के ऊंचे स्तर पर था। चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट औद्योगिक मांग और निवेशकों के रुख में बदलाव को दर्शाती है।
आईबीजेए द्वारा जारी किए गए आंकड़ों पर नजर डालें तो कीमतों में लगातार गिरावट का ट्रेंड दिख रहा है। 24 अप्रैल को सोना 1,51,479 रुपये और चांदी 2,43,825 रुपये पर थी। इसके बाद 27 अप्रैल को सोना थोड़ा और फिसलकर 1,51,186 रुपये और चांदी 2,43,720 रुपये पर आ गई। लेकिन 28 अप्रैल को कीमतों में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली।
वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में आई इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व का फैसला माना जा रहा है। फेड ने अपनी ताजा बैठक में ब्याज दरों को जस का तस रखने का फैसला किया है। मार्केट एक्सपर्ट्स को पहले से ही इस बात की उम्मीद थी, लेकिन फेड के इस सख्त रुख ने निवेशकों को चौंका दिया है। इस फैसले के बाद इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड की कीमत 1.2 पर्सेंट गिरकर 4,541.30 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। वहीं जून डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स भी 1.3 पर्सेंट की गिरावट के साथ 4,546.20 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो सोने जैसी बिना ब्याज वाली एसेट में निवेश कम हो जाता है, जिससे कीमतों पर दबाव बनता है।
सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाला एक और बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़ा है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता में रुकावट आने की खबर से भी मार्केट सेंटीमेंट बदला है। बताया जा रहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है जहां से आगे बढ़ना मुश्किल लग रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के ताजा प्रस्ताव पर असंतोष जताया है। राजनीतिक अस्थिरता और युद्ध के हालातों में अक्सर सोने की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार बाजार में अनिश्चितता और ब्याज दरों के ऊंचे रहने की संभावना ने सोने की चमक को कम कर दिया है।
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