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4 min read | अपडेटेड January 29, 2026, 09:27 IST
सारांश
सोने और चांदी की कीमतों में आई यह तेजी अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव का नतीजा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $5,591 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचा, वहीं चांदी ने भी $119 का स्तर छुआ।

सुरक्षित निवेश की तलाश में निवेशकों ने सोने और चांदी की कीमतों को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है।
अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सर्राफा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों ने इतिहास रच दिया है। गुरुवार को वैश्विक बाजार में सोने की कीमतें अपनी अब तक की सबसे ऊंची छलांग लगाते हुए 5,591.16 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। निवेशकों के बीच बढ़ते डर और अनिश्चितता के माहौल ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग को चरम पर पहुंचा दिया है। इस हफ्ते की शुरुआत में ही सोने ने पहली बार 5,000 डॉलर का स्तर पार किया था और देखते ही देखते इसमें 10 प्रतिशत से ज्यादा की साप्ताहिक बढ़त दर्ज की जा चुकी है। चांदी भी इस दौड़ में पीछे नहीं है और इसने भी 119.34 डॉलर प्रति औंस का अब तक का उच्चतम स्तर छुआ है।
आज MCX बुलियन बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। सुबह 9:22 बजे सोना 10 ग्राम पर 10,192 रुपये यानी 6.14% की तेज उछाल के साथ ₹1,76,107 के लेवल पर ट्रेड करता नजर आया, जो अपने अब तक के उच्चतम लेवल के करीब है। वहीं चांदी में भी मजबूत तेजी दर्ज की गई और यह 1 किलो पर 16,726 रुपये (4.34%) की बढ़त के साथ ₹4,02,092 पर कारोबार करती दिखी। चांदी ने आज ₹4,07,456 का उच्च लेवल छुआ।
सोने और चांदी की इन कीमतों में आग लगने के पीछे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने बुधवार को अपनी बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। फेड चेयर जेरोम पॉवेल ने संकेत दिए हैं कि महंगाई अभी भी उनके 2 प्रतिशत के लक्ष्य से काफी ऊपर है। जब ब्याज दरें स्थिर रहती हैं और महंगाई का डर बना रहता है, तो निवेशक डॉलर के बजाय सोने में पैसा लगाना ज्यादा सुरक्षित समझते हैं। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने भी सोने की चमक बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
कीमतों में उछाल का एक और बड़ा कारण भू-राजनीतिक अस्थिरता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह परमाणु हथियारों के मुद्दे पर बातचीत की मेज पर आए, वरना अगली सैन्य कार्रवाई पहले से कहीं ज्यादा सख्त होगी। इसके जवाब में तेहरान ने भी अमेरिका और उसके सहयोगियों पर पलटवार करने की धमकी दी है। युद्ध और संघर्ष की ऐसी स्थितियों में दुनिया भर के निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने जैसे ठोस निवेश में लगाते हैं, जिससे मांग बढ़ने पर कीमतें तेजी से ऊपर जाती हैं।
बाजार को एक बड़ा सहारा क्रिप्टोकरेंसी की दिग्गज कंपनी टेदर के उस ऐलान से भी मिला है, जिसमें उसने अपने पोर्टफोलियो का 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा भौतिक सोने में निवेश करने की बात कही है। टेदर जैसी बड़ी कंपनी के इस कदम ने बाजार में सोने की मांग को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। वहीं चांदी की बात करें तो यह इस साल अब तक 60 प्रतिशत से ज्यादा महंगी हो चुकी है। चांदी की कीमतों में तेजी का मुख्य कारण सोने के मुकाबले इसका सस्ता विकल्प होना और औद्योगिक क्षेत्र में इसकी सीमित आपूर्ति है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय रिटेल मार्केट में भी कीमतों ने आम आदमी को चौंका दिया है। देश में 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत अब 1,64,635 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई है। वहीं चांदी की बात करें तो यह 3,58,267 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक तनाव और आर्थिक नीतियों में स्पष्टता नहीं आती, तब तक कीमती धातुओं की कीमतों में यह तेजी जारी रह सकती है।
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