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4 min read | अपडेटेड February 16, 2026, 09:25 IST
सारांश
ग्लोबल मार्केट में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। पिछले हफ्ते आई बड़ी तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफे की वसूली (प्रॉफिट बुकिंग) की, जिससे दाम नीचे आ गए। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर में मजबूती आने से भी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा है।

सोने और चांदी के भाव आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं।
ग्लोबल मार्केट में पिछले हफ्ते की शानदार बढ़त के बाद अब सोने और चांदी की कीमतों में सुस्ती देखने को मिल रही है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं के दाम नीचे गिर गए। इसका सबसे बड़ा कारण निवेशकों द्वारा की गई मुनाफे की वसूली यानी प्रॉफिट बुकिंग को माना जा रहा है। पिछले हफ्ते जब कीमतों में उछाल आया था, तो निवेशकों ने जमकर फायदा कमाया, और अब वे अपना मुनाफा समेट रहे हैं। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती ने भी सोने और चांदी की चमक को थोड़ा फीका कर दिया है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो दूसरे देशों की करेंसी रखने वाले खरीदारों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी डिमांड और कीमत दोनों पर असर पड़ता है।
घरेलू वायदा बाजार में भी सोमवार सुबह कमजोरी का रुख देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर सोना 0.65% की गिरावट के साथ 1,54,877 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा, जबकि चांदी में बड़ी गिरावट दर्ज हुई और यह 3.26% फिसलकर 2,36,385 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।
आंकड़ों की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.4 पर्सेंट गिरकर 5,020.10 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले कारोबारी सत्र में सोने ने 2.5 पर्सेंट की बड़ी बढ़त हासिल की थी। वहीं अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी 0.1 पर्सेंट की मामूली गिरावट देखी गई और यह 5,039.50 डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। चांदी के बाजार में भी कुछ ऐसा ही हाल है। स्पॉट सिल्वर की कीमत 0.6 पर्सेंट की गिरावट के साथ 76.92 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है, जबकि पिछले शुक्रवार को इसमें 3 पर्सेंट का जबरदस्त उछाल देखा गया था।
बाजार के जानकारों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स फिलहाल 96.959 के लेवल पर स्थिर बना हुआ है। पिछले हफ्ते इसमें 0.8 पर्सेंट की गिरावट आई थी, लेकिन अब यह फिर से संभलने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा अमेरिका में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम रहने की वजह से अब यह चर्चा तेज हो गई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। डेटा के मुताबिक बाजार को उम्मीद है कि इस साल जुलाई से ब्याज दरों में कटौती का सिलसिला शुरू हो सकता है और कुल 75 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की जा सकती है। आमतौर पर जब ब्याज दरें कम होती हैं, तो सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों में निवेश बढ़ जाता है।
सोने और चांदी के अलावा अन्य धातुओं में भी मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। स्पॉट प्लैटिनम की कीमत 0.4 पर्सेंट गिरकर 2,054.35 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। हालांकि पैलेडियम के बाजार से थोड़े सकारात्मक संकेत मिले हैं और इसकी कीमत 0.4 पर्सेंट बढ़कर 1,692.2 डॉलर पर पहुंच गई है। कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा और निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले कदमों और ग्लोबल इकोनॉमी से जुड़े संकेतों पर टिकी रहेगी।
ग्लोबल मार्केट में आई इस गिरावट का असर भारतीय सर्राफा बाजार पर भी पड़ना तय है। अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें इसी तरह दबाव में रहती हैं, तो भारत में भी सोने और चांदी के भाव में कुछ कमी आ सकती है। शादियों के सीजन को देखते हुए आम ग्राहकों के लिए यह एक राहत भरी खबर हो सकती है। अभी की बात करें तो IBJA के मुताबिक, रिटेल मार्केट में 10 ग्राम सोने का भाव 152751 रुपये है। वहीं चांदी 241945 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही है।
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