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4 min read | अपडेटेड May 04, 2026, 08:24 IST
सारांश
ग्लोबल मार्केट में सोने के दाम 1 पर्सेंट से ज्यादा गिर गए हैं। तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से महंगाई का डर बढ़ा है, जिससे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम हुई है। भारत में 24 कैरेट सोने का भाव 1,51,830 रुपये के करीब चल रहा है।

भारतीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में दर्ज की गई गिरावट।
सोने के बाजार में पिछले कुछ दिनों से काफी उथल-पुथल देखी जा रही है। ग्लोबल मार्केट में शुक्रवार को सोने की कीमतों में 1 पर्सेंट से ज्यादा की बड़ी गिरावट आई है। यह गिरावट इतनी गहरी है कि पूरे हफ्ते के दौरान सोने के दाम करीब 1.2 पर्सेंट तक कम हो चुके हैं। तेल की लगातार बढ़ती कीमतों ने दुनिया भर में महंगाई की चिंता को फिर से बढ़ा दिया है, जिसका सीधा असर सोने की चमक पर पड़ा है।
ग्लोबल मार्केट में शुक्रवार को स्पॉट गोल्ड की कीमत 1.1 पर्सेंट गिरकर 4,568.82 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। इसी तरह अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी गिरावट का रुख रहा और यह 1.1 पर्सेंट फिसलकर 4,579.70 डॉलर पर बंद हुआ। जानकारों का कहना है कि कम समय के लिए सोने का तेल की कीमतों के साथ उल्टा कनेक्शन दिख रहा है। जब भी तेल महंगा होता है, तो ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदल जाती हैं और इसका सीधा नुकसान सोने को उठाना पड़ता है। सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी 0.6 पर्सेंट की कमी आई है और यह 73.27 डॉलर प्रति औंस के लेवल पर पहुंच गई है। इसके अलावा प्लेटिनम और पैलेडियम जैसी धातुओं के दाम भी कम हुए हैं।
कच्चे तेल की कीमतें इस साल की शुरुआत के मुकाबले लगभग डबल हो गई हैं। इससे पूरी दुनिया में आर्थिक सुस्ती और महंगाई बढ़ने का खतरा मंडराने लगा है। मार्च महीने के दौरान अमेरिका में महंगाई की रफ्तार काफी तेज रही है क्योंकि वहां पेट्रोल के दामों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसी स्थिति को देखते हुए यह माना जा रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को अगले साल तक स्थिर रख सकता है। यूरोपियन सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैंड ने भी इस हफ्ते ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है। आमतौर पर जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो सोने जैसे निवेश की मांग कम हो जाती है क्योंकि लोग उन एसेट्स की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं जहां उन्हें सीधा ब्याज मिलता है।
भारतीय बाजार की बात करें तो यहां भी सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 3 मई 2026 के डेटा के मुताबिक, भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,51,830 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बनी हुई है। हालांकि, एक हफ्ते पहले यानी 27 अप्रैल को यही सोना 1,52,150 रुपये पर था, जिसका मतलब है कि एक हफ्ते में इसकी कीमत में 0.21 पर्सेंट की गिरावट आई है। अगर पिछले एक महीने का हिसाब देखें तो 4 अप्रैल को सोने का भाव 1,49,770 रुपये था, यानी एक महीने के दौरान इसमें 1.38 पर्सेंट की बढ़त हुई है। चांदी की बात करें तो भारत में 1 किलो चांदी की कीमत 2,51,220 रुपये है। चांदी में पिछले एक महीने में 7.65 पर्सेंट की शानदार तेजी देखी गई है।
ईरान और अमेरिका के बीच लगातार बढ़ रहा तनाव भी बाजार को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। ईरान ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उस पर फिर से हमला करता है तो वह बहुत कड़ा जवाब देगा। ईरान ने स्टेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर भी अपने दावे फिर से दोहराए हैं। जानकारों का मानना है कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता के दौर में सोना हमेशा एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। यूबीएस के एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले 6 से 12 महीनों में सोने का फ्यूचर काफी मजबूत दिख रहा है। अमेरिका में होने वाले चुनाव और भविष्य में डॉलर के कमजोर होने की उम्मीद से सोने की मांग फिर से बढ़ सकती है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि साल 2026 के अंत तक सोने की कीमतें 5,900 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड लेवल तक जा सकती हैं।
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