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3 min read | अपडेटेड April 27, 2026, 08:37 IST
सारांश
सोने की कीमतों में इस हफ्ते बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले पांच हफ्तों में यह पहली बार है जब सोने के दाम कम हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध और इन्फ्लेशन की चिंता ने मार्केट पर दबाव बनाया है, जिससे सोने की डिमांड कम हुई है।

सोने-चांदी की कीमतों में आज भी हलचल देखी जा रही है।
ग्लोबल मार्केट में इस हफ्ते सोने की कीमतों में बड़ी हलचल देखने को मिली है। पिछले पांच हफ्तों से लगातार बढ़ रहे सोने के दाम में इस बार गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को हालांकि सोने की कीमतों में थोड़ी बढ़त हुई, लेकिन पूरे हफ्ते के हिसाब से यह करीब 2 पर्सेंट नीचे रहा। बाजार के जानकारों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध और इन्फ्लेशन की चिंताओं ने निवेशकों को डरा दिया है। स्पॉट गोल्ड की कीमत शुक्रवार को 0.7 पर्सेंट बढ़कर 4,724.19 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर भी 0.4 पर्सेंट की बढ़त के साथ 4,741.30 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था।
मार्च के महीने में सोने की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। इसका सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव रहा। इस युद्ध की वजह से डॉलर काफी मजबूत हो गया है और इन्फ्लेशन बढ़ने का डर भी बना हुआ है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोने की डिमांड कम होने लगती है क्योंकि दूसरे देशों के लिए इसे खरीदना महंगा हो जाता है। फिलहाल युद्ध के मोर्चे पर हालात थोड़े शांत हैं, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अभी भी बंद है। इससे सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ रहा है। निवेशकों की नजर अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर टिकी है, क्योंकि उनके बयानों से कभी शांति की उम्मीद जगती है तो कभी फिर से हमलों का खतरा बढ़ जाता है।
सोने की कीमतों पर कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल का भी बड़ा असर पड़ रहा है। इस हफ्ते तेल की कीमतों में काफी उछाल आया है क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। जब तेल महंगा होता है, तो इन्फ्लेशन यानी महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सेंट्रल बैंक इंटरेस्ट रेट्स बढ़ा सकते हैं। ऊंचे इंटरेस्ट रेट्स की वजह से सोने में निवेश करना कम फायदेमंद हो जाता है क्योंकि सोना रखने पर कोई अलग से कमाई नहीं होती। इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भी बढ़त देखी गई है, जिससे सोने की चमक फीकी पड़ रही है।
बाजार फिलहाल खबरों के आधार पर चल रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची शांति वार्ता के प्रस्तावों पर चर्चा करने के लिए इस्लामाबाद पहुंचने वाले हैं। हालांकि उनकी अमेरिकी प्रतिनिधियों से सीधे मिलने की कोई योजना नहीं है। दूसरी ओर इजरायल और लेबनान ने अपने संघर्ष विराम को तीन हफ्तों के लिए बढ़ा दिया है। इन खबरों से मार्केट में थोड़ी पॉजिटिव उम्मीदें जगी हैं। चांदी, प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी दूसरी धातुओं की कीमतों में भी शुक्रवार को थोड़ी बढ़त देखी गई। स्पॉट सिल्वर 0.6 पर्सेंट बढ़कर 75.86 डॉलर और प्लैटिनम 0.7 पर्सेंट बढ़कर 2,019.53 डॉलर पर पहुंच गया।
भारतीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतें काफी ऊंचे लेवल पर बनी हुई हैं। भारत में 10 ग्राम सोने का रेट 1,53,070.00 रुपये पर चल रहा है। वहीं चांदी की बात करें तो यह 2,46,110.00 रुपये प्रति किलो के रेट पर बिक रही है। ग्लोबल मार्केट में हो रहे बदलावों का सीधा असर आने वाले दिनों में भारतीय सर्राफा बाजार पर भी देखने को मिलेगा।
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