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3 min read | अपडेटेड April 29, 2026, 09:01 IST
सारांश
Gold and Silver Rates: ग्लोबल मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है। फेड के फैसले के साथ-साथ जियोपॉलिटिकल टेंशन पर निवेशक नजर गड़ाए हुए हैं।

फेड के फैसले पर टिकी सबकी नजर, सोने और चांदी में आई गिरावट
आज यानी कि बुधवार को ग्लोबल मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट देखने को मिली है। पिछले कुछ समय से सोने और चांदी के दामों में लगातार हलचल देखने को मिली है, वहीं जबसे ईरान-इजरायल और अमेरिका युद्ध शुरू हुआ, तब से सोने और चांदी के दामों को लेकर कई एक्सपर्ट्स के प्रिडिक्शन काफी गलत भी साबित हुए। पिछले कुछ दिनों में दोनों धातुओं की कीमतों में बहुत कम उतार-चढ़ाव देखने को मिला, क्योंकि कारोबार काफी हद तक सीमित दायरे में ही रहा। यह रुझान मार्केट की सतर्कता को दर्शाता है, क्योंकि निवेशक फेडरल रिजर्व के नीतिगत संकेतों, जियो पॉलिटिकल अपडेट्स और एनर्जी कीमतों में बदलाव से प्रेरित महंगाई की बदलती उम्मीदों पर नजर रख रहे हैं।
कॉमेक्स पर, गोल्ड की कीमत 0.19% गिरकर 4,685 डॉलर (4,43,793.65 रुपये) प्रति औंस हो गई, जबकि पिछले दिन यह 4,697.50 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई थी। चांदी की कीमत में 0.77% की अधिक तेजी से गिरावट आई और यह 75.460 डॉलर प्रति औंस से गिरकर 74.445 डॉलर (7,051.91 रुपये) प्रति औंस पर आ गई। मार्केट के सेंटीमेंट्स जियोपॉलिटिकल सिचुएशन और व्यापक आर्थिक कारकों के कॉम्बनेशन से प्रभावित हो रहे हैं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल की टिप्पणियों का निवेशक इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि ऐसी उम्मीदें हैं कि फेड ब्याज दरों को स्थिर रखेगा। मार्केट यूरोपीय सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ कनाडा के आगामी नीतिगत निर्णयों पर भी नजर रख रहे हैं। ईरान के आसपास जियोपॉलिटिकल टेंशन सोने को बुनियादी समर्थन दे रहे हैं, हालांकि डिप्लोमेटिक प्रोग्रेस में ठहराव और होर्मुज स्ट्रेट पर चल रही बातचीत के कारण इनका प्रभाव कुछ कम हुआ है। इससे सोने में और अधिक तेजी आने के बजाय रक्षात्मक प्रवाह कंट्रोल में रहा है। साथ ही, पिछले सत्र में तेल की कीमतों में लगभग 3% की वृद्धि से महंगाई की चिंताएं बढ़ रही हैं। एनर्जी की ऊंची लागत ग्लोबल सेंट्रल बैंकों द्वारा नीतिगत सतर्कता के लंबे समय तक जारी रहने की उम्मीदों को बल दे रही है, जिससे सोने की कीमतों में तेजी सीमित हो रही है।
दिल्ली के सर्राफा मार्केट में मंगलवार को सोने की कीमत 1,800 रुपये टूटकर 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रही, जबकि चांदी 6,500 रुपये लुढ़ककर 2.44 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। कच्चे तेल की कीमत में आई तेजी और मजबूत डॉलर के कारण ग्लोबल सर्राफा मार्केट पर असर पड़ा है। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9% शुद्धता वाला सोना 1,800 रुपये यानी 1.15% टूटकर 1,54,300 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्सों को मिलाकर) पर रहा। सोमवार को सोना 1,56,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। चांदी की कीमत भी 6,500 रुपये यानी लगभग 3% टूटकर 2,44,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्सों को मिलाकर) रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,50,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा, ‘मंगलवार को सोना तीन सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया, क्योंकि बढ़ती ऊर्जा कीमतों ने मुद्रास्फीति की चिंताओं को बढ़ा दिया और लंबे समय तक उच्च ब्याज दरों की आशंका को मजबूत किया।’
उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति में वृद्धि की आशंका के कारण अधिक सख्त नीतिगत रुख की संभावना है। इससे बॉन्ड प्रतिफल में वृद्धि हुई है। परिणामस्वरूप, यह स्थिति कीमतों पर अतिरिक्त गिरावट का दबाव डालती है। गांधी ने कहा कि कारोबारी अमेरिकी फेडरल रिजर्व समेत प्रमुख केंद्रीय बैंकों के निर्णयों से पहले अपने सौदों को कम कर रहे हैं। इससे कीमतों पर दबाव और बढ़ गया।
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