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4 min read | अपडेटेड December 11, 2025, 09:47 IST
सारांश
Gold Rate 11 Dec: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की कटौती कर दी है, जिसका सीधा असर सोने की कीमतों पर दिख सकता है। हालांकि, फेड ने आगे के लिए सख्त रुख के संकेत दिए हैं। ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई है, जो सोने के लिए शुभ संकेत है। भारतीय बाजार में शादियों के सीजन के कारण मांग पहले से ही मजबूत बनी हुई है।

सोने और चांदी की रिटेल मार्केट में क्या है कीमत?
Gold Rate 11 Dec: सोना–चांदी की कीमतों में आज तेज़ी देखने को मिली। 11 दिसंबर की सुबह एमसीएक्स पर गोल्ड में 0.58% की बढ़त दर्ज हुई और कीमत 130,546 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। शुरुआती स्तर भी मजबूत रहा, जिसमें सोना 130,119 से उछलकर दिन के उच्च स्तर 130,555 रुपये तक गया। वहीं चांदी में और भी ज़बरदस्त तेजी दिखी। कीमत 2.38% उछलकर 1,93,225 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई, जो अपने लाइफटाइम हाई 1,93,452 रुपये के बेहद करीब है।
बता दें कि सोने के बाजार में चल रही असमंजस की स्थिति अब साफ हो गई है। बुधवार को अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपनी प्रमुख ब्याज दरों में कटौती का ऐलान कर दिया। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी एफओएमसी ने उम्मीद के मुताबिक ब्याज दरों में एक चौथाई प्रतिशत (0.25%) की कमी की है। इस फैसले के बाद अब अमेरिका में ब्याज दरें 3.5 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत के दायरे में आ गई हैं। सोने की कीमतों के लिहाज से यह फैसला बेहद अहम है, क्योंकि ब्याज दरें घटने पर अक्सर डॉलर कमजोर होता है और सोने में चमक बढ़ती है।
भले ही फेड ने दरों में कटौती की है, लेकिन इसे बाजार के जानकार 'हॉकिश कट' मान रहे हैं। इसका मतलब है कि राहत तो मिली है, लेकिन आगे का रास्ता आसान नहीं है। बैठक में तीन सदस्यों ने कटौती के खिलाफ वोट दिया, जो सितंबर 2019 के बाद पहली बार हुआ है। फेड चेयरमैन जेरोम पावेल ने साफ संकेत दिया है कि भविष्य में दरों में कटौती की रफ्तार धीमी हो सकती है। पावेल ने कहा कि अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में है और वे आगे के फैसले लेने के लिए इंतजार कर सकते हैं। इस बयान के बाद यह तय हो गया है कि ब्याज दरों में लगातार बड़ी गिरावट की उम्मीद फिलहाल नहीं करनी चाहिए।
फेड के फैसले के बाद अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट दर्ज की गई और शेयर बाजार में तेजी आई। सोने के लिए यह एक मिला-जुला संकेत है। ब्याज दरों में कटौती और यील्ड का गिरना सोने के लिए अच्छा होता है, क्योंकि इससे बैंक में पैसा रखने के बजाय सोने में निवेश करना ज्यादा आकर्षक लगता है। 10 दिसंबर को भारत में 24 कैरेट सोने का भाव 129,810 रुपये प्रति 10 ग्राम था। अब फेड के इस फैसले के बाद कीमतों को एक नया सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, पावेल के सख्त बयानों के कारण कीमतों में एकतरफा तूफानी तेजी शायद न दिखे, लेकिन गिरावट की संभावना भी कम हो गई है।
भारतीय बाजार के लिए यह खबर दोहरी खुशी ला सकती है। एक तरफ शादियों का सीजन चल रहा है जिससे ज्वैलर्स के पास मांग बनी हुई है, और दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्याज दरें घटने से सेंटिमेंट सुधरेगा। हालांकि, भारतीय खरीदारों को अभी भी दुबई के मुकाबले काफी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। आंकड़ों के मुताबिक, भारत में सोना दुबई के मुकाबले करीब 15 फीसदी महंगा मिल रहा है। फेड के फैसले के बाद अगर डॉलर इंडेक्स में और कमजोरी आती है, तो भारत में भी सोने के आयात की लागत पर इसका असर पड़ सकता है।
चांदी और आगे की राह
सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी की कीमतों पर भी इस फैसले का असर होगा। फेड के नरम रुख से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है, जिससे चांदी की मांग बढ़ सकती है। चांदी का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर पैनल में होता है। जानकारों का मानना है कि अब जब फेड का फैसला आ चुका है, बाजार से अनिश्चितता के बादल छंट गए हैं। आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतें एक सीमित दायरे में रहते हुए मजबूती दिखा सकती हैं। निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि जनवरी में होने वाली बैठक को लेकर फेड के अधिकारी क्या संकेत देते हैं।
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