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  1. डेलॉयट इंडिया का प्रिडिक्शन, FY26 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.4-6.7% रहने की उम्मीद, कौन से कारक अहम?

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डेलॉयट इंडिया का प्रिडिक्शन, FY26 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.4-6.7% रहने की उम्मीद, कौन से कारक अहम?

Upstox

2 min read | अपडेटेड August 05, 2025, 15:45 IST

सारांश

डेलॉयट इंडिया के मुताबिक स्ट्रैटजिक बिजनेस नेगोसिएशन्स इनकम, रोजगार, मार्केट रीच और घरेलू मांग को बढ़ाने वाले शक्तिशाली कारकों के रूप में काम करेंगी। इन वार्ताओं में ब्रिटेन के साथ हुए ट्रेड एग्रीमेंट के अलावा अमेरिका के साथ जारी बातचीत और साल के अंत तक यूरोपीय संघ के साथ बहुप्रतीक्षित समझौता शामिल हैं।

भारत की आर्थिक वृद्धि दर

भारत की आर्थिक वृद्धि दर को लेकर डेलॉयट इंडिया का प्रिडिक्शन क्या है?

कंसल्टिंग सर्विसेज देने वाली कंपनी डेलॉयट इंडिया ने मंगलवार को कहा कि मजबूत घरेलू बुनियाद और बढ़ते ग्लोबल मौकों के साथ मौजूदा फाइनेंशियल ईयर (2025-26) में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.4 से 6.7% रहने का अनुमान है। हालांकि, इसने यह भी कहा कि भारत को अपने बिजनेस रिस्क पर नजर रखनी चाहिए और ग्लोबल लेवल पर अनिश्चितताओं से उपजे नतीजों के लिए तैयार रहना चाहिए। डेलॉयट इंडिया के मुताबिक स्ट्रैटजिक बिजनेस नेगोसिएशन्स इनकम, रोजगार, मार्केट रीच और घरेलू मांग को बढ़ाने वाले शक्तिशाली कारकों के रूप में काम करेंगी। इन वार्ताओं में ब्रिटेन के साथ हुए ट्रेड एग्रीमेंट के अलावा अमेरिका के साथ जारी बातचीत और साल के अंत तक यूरोपीय संघ के साथ बहुप्रतीक्षित समझौता शामिल हैं।

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भारत की ग्लोबल ट्रेड डिप्लोमेसी अहम

भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2024-25 में 6.5% रही थी। डेलॉयट ने बयान में कहा कि FY26 के लिए 6.4 से 6.7% की आर्थिक वृद्धि का अनुमान है। यह अनुमान मजबूत घरेलू मांग, कम होती महंगाई और घरेलू नीति और ग्लोबल ट्रेड डिप्लोमेसी में बहादुरी वाले कदम पर आधारित है। डेलॉयट इंडिया की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा, ‘भारत की आर्थिक वृद्धि उतार-चढ़ाव वाले ग्लोबल परिदृश्य में भी अलग ही नजर आती है। हमारी गति मजबूत कैपिटल मार्केट, डायनेमिक कंज्यूमर बेस और ग्लोबल रूप से प्रतिस्पर्धी कार्यबल के जरिए संचालित है।’

कौन से सेक्टर्स हैं अहम?

कंसल्टिंग कंपनी ने कहा कि भारत अपनी ग्लोबल ट्रेड उपस्थिति का विस्तार करने के लिए रणनीतिक कदम उठा रहा है। हाल के व्यापार समझौते रणनीतिक लाभ देते हैं। इससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल बदलाव और इनोवेशन आधारित स्टार्टअप जैसे सेक्टरों में द्विपक्षीय सहयोग और मजबूत होने की संभावना है।

डेलॉयट ने कहा, ‘FY26 के दौरान, भारत को अपने बिजनेस रिस्क पर नजर रखनी चाहिए और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के नतीजों के लिए तैयार रहना चाहिए।’ हाल के क्षेत्रीय संघर्ष और महत्वपूर्ण खनिजों और विशिष्ट उर्वरकों पर प्रतिबंधों से वृद्धि संभावनाओं पर असर पड़ने की आशंका है। कंपनी ने कहा, ‘अनिश्चितताओं के बीच, भारत की ग्रोथ की कहानी मजबूत घरेलू बुनियादी ढांचे और बढ़ते ग्लोबल अवसरों से आगे बढ़ेगी।’

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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