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दिल्ली में आज ऑटो, टैक्सी यूनियनों की हड़ताल, तीन दिनों का ‘चक्का जाम’ कितना करेगा परेशान?

Namita Shukla

4 min read | अपडेटेड May 21, 2026, 08:34 IST

सारांश

Taxi-Auto Strike in Delhi: चालक शक्ति यूनियन समेत कमर्शियल गाड़ी यूनियनों ने हड़ताल का आह्वान किया है। यूनियन ने दिल्ली के उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री और पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर आंदोलन की जानकारी दी है।

दिल्ली टैक्सी

दिल्ली में आज से टैक्सी-ऑटो यूनियनों की तीन दिन की हड़ताल शुरू (Photo: Stutterstock)

दिल्ली में आज 60 से ज्यादा टैक्सी और ऑटो यूनियनों ने तीन दिन की हड़ताल करने का फैसला लिया है। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम पिछले दो सप्ताह में दो बार बढ़ चुके हैं, जबकि टैक्सी और ऑटो के किराए में कोई बढ़ोतरी का ऐलान नहीं हुआ है और इसको लेकर ही राजधानी में ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने तीन दिन की हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। ऐसे में दिल्लीवासियों को आज काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। चालक शक्ति यूनियन समेत कमर्शियल गाड़ी यूनियनों ने हड़ताल का आह्वान किया है। यूनियन ने दिल्ली के उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, परिवहन मंत्री और पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर आंदोलन की जानकारी दी है।

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पत्र में यूनियन ने कहा, ‘यह हड़ताल ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस द्वारा घोषित राष्ट्रव्यापी आंदोलन के सपोर्ट में आयोजित की जा रही है। सीएनजी, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि के बावजूद दिल्ली-एनसीआर में टैक्सी और कमर्शियल गाड़ियों का किराया लगभग 15 सालों से बदला नहीं गया है।’ पत्र के अनुसार, ईंधन की कीमतों में बार-बार वृद्धि के कारण ड्राइवरों के लिए ऑपरेशनल लागत को मैनेज करना और इनकम बनाए रखना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।

7 पॉइंट्स में समझें ऑटो-टैक्सी यूनियनों की डिमांड

1- ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) ने कमर्शियल गाड़ियों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति उपकर (Environment Compensation Cess, ECC) में हाल ही में हुई वृद्धि और दिल्ली-एनसीआर में पुरानी गाड़ियों के प्रवेश पर प्रस्तावित प्रतिबंध के विरोध में तीन दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है। वहीं, चालक शक्ति यूनियन ने भी इस आंदोलन का समर्थन किया है और चिंता जताई है कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में भारी वृद्धि के बावजूद दिल्ली-एनसीआर में कैब और ऑटो के किराए में लगभग 15 सालों से कोई संशोधन नहीं किया गया है।
2- दिल्ली-एनसीआर के 68 से अधिक परिवहन यूनियन हड़ताल में भाग ले रहे हैं। उनका कहना है कि दिल्ली सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (Commission for Air Quality Management, CAQM) द्वारा लागू किए गए नए उपायों से परिवहन ऑपरेटरों को नुकसान होगा और सप्लाई चेन बाधित होगी।
3- प्रमुख कारणों में से एक 19 अप्रैल से ईसीसी शुल्क में वृद्धि है। हल्की कमर्शियल गाड़ियों और दो-धुरी वाले ट्रकों पर उपकर 1,400 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है, जबकि तीन-धुरी और भारी गाड़ियों पर शुल्क 2,600 रुपये से बढ़कर 4,000 रुपये हो गया है।
4- परिवहनकर्ता सरकार के ईसीसी में हर साल 5% की वृद्धि करने के फैसले का भी विरोध कर रहे हैं।
5- एक अन्य प्रमुख चिंता सीएक्यूएम का प्रदूषण नियंत्रण उपायों के तहत 1 नवंबर, 2026 से बीएस-4 और पुरानी कमर्शियल गाड़ियों के दिल्ली-एनसीआर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। एआईएमटीसी का तर्क है कि ये प्रतिबंध अनुचित हैं क्योंकि ये केवल गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन कैटेगरी पर आधारित हैं, न कि वास्तविक उत्सर्जन पर।
6- परिवहन निकाय ने यह भी सवाल उठाया है कि जीआरएपी दिशानिर्देशों के तहत सख्त प्रदूषण नियंत्रण उपायों के बावजूद बीएस-6 वाहनों पर भी ईसीसी क्यों लगाया जा रहा है, जबकि ऐसी गाड़ियों को अनुमति दी गई है। परिवहन यूनियनों का कहना है कि दिल्ली में प्रवेश करने वाले सभी मालवाहक गाड़ियों पर यह उपकर लगाया जा रहा है, जिसमें लोडिंग के लिए आने वाले खाली ट्रक और आवश्यक वस्तुओं को ले जाने वाले वाहन भी शामिल हैं।
7- हड़ताल का समर्थन करने वाली कैब और ऑटो यूनियनों ने पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की बढ़ती कीमतों पर अलग से चिंता जताई है और कहा है कि परिचालन लागत में वृद्धि के बावजूद दिल्ली-एनसीआर में किराए में लगभग 15 सालों से कोई संशोधन नहीं किया गया है। ड्राइवरों का कहना है कि ईंधन की कीमतें, गाड़ी का मेंटिनेंस, ऐप कमीशन और लोन की किश्तें उनके लिए गुजारा करना मुश्किल बना रही हैं। तीन दिवसीय हड़ताल को ‘प्रतीकात्मक’ बताया जा रहा है, लेकिन एआईएमटीसी ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी चिंताओं का समाधान नहीं किया गया तो ट्रांसपोर्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर सकते हैं।

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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