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Budget 2025: ऐग्रोकेमिकल्स पर GST कम करने की मांग, ताकि छोटे किसानों की फसलों को भी मिले सुरक्षा

Upstox

3 min read | अपडेटेड January 24, 2025, 14:36 IST

सारांश

Budget 2025: जीएसटी को 12% और कस्टम ड्यूटी को 10% पर कायम रखने से छोटे किसानों की फसलों को बचाने वाले उत्पादों को किफायती दाम पर उपलब्ध कराया जा सकेगा।

कच्चे माल की कीमतें बढ़ीं तो किफायती नहीं रहेंगे उत्पाद (तस्वीर: Shutterstock)

कच्चे माल की कीमतें बढ़ीं तो किफायती नहीं रहेंगे उत्पाद (तस्वीर: Shutterstock)

केंद्रीय बजट 2025 पेश होने के पहले अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिनिधि सरकार के सामने अपनी मांगें और सुझाव रख रहे हैं। इसी कड़ी में CropLife India ने शुक्रवार को सरकार से अनुरोध किया है कि ऐग्रोकेमकिल्स पर वस्तु एवं सेवा कर (Goods & Services Tax, GST) को घटाकर 12% कर दिया है। इसके साथ ही प्रस्ताव है कि 10% कस्टम ड्यूटी तकनीकी कच्चे माल और फॉर्म्यूलेशन्स पर हो।

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इसके अलावा CropLife ने ऐग्रोकेमिकल कंपनियों के रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट खर्च पर 200% वेटेड डिडक्शन की भी मांग की है। संगठन के मुताबिक सरकार से विज्ञान पर आधारित, प्रोग्रेसिव रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क बनाने की मांग की गई है ताकि इंडस्ट्री का यह सेक्टर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिद्वंदियों को टक्कर दे सके।

कम हो जीएसटी

संगठन ने सरकार से मांग की है कि जीएसटी को 18% से घटाकर 12% किया जाए। वेटेड डिडक्शन और कस्टम ड्यूटी को लेकर मांग के अलावा ऐसी इकाइयों को रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट से जुड़े फायदे देने की मांग की गई है जिनके फिक्स्ड ऐसेट कम से कम ₹50 करोड़ हों और जो हर साल रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट पर कम से कम ₹10 करोड़ खर्च करते हों।

कस्टम ड्यूटी में ना हो इजाफा

CropLife का कहना है कि कच्चे माल और फॉर्म्युलेशन्स पर कस्टम ड्यूटी 10% पर ही कायम रखनी चाहिए। इसे अगर 30% किया गया तो छोटे किसानों के लिए फसल की सुरक्षा से जुड़े उत्पाद कम किफायती रह जाएंगे। इससे न सिर्फ बड़े और छोटे किसानों के बीच फर्क पैदा होगा बल्कि कीड़ों से होने वाले नुकसान और जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक असर से बचने की तैयारी पर भी सेंध लगेगी।

इससे अलग प्रख्यात अर्थशास्त्री और 16वीं फाइनेंस कमीशन के चेयरमैन डॉ.अरविंद पनगढ़िया ने भी सुझाव दिया था कि एक ही टैक्स रेट के साथ जीएसटी ज्यादा असरदार होगा। वहीं, दिसंबर में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में भी टैक्स दरों से जुड़े ज्यादा बदलाव नहीं किए गए।

इसके लिए बने मंत्री समूह ने काउंसिल को प्रस्ताव दिया था कि टर्म लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों के प्रीमियम और वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य बीमा कवर के प्रीमियम को भी टैक्स से छूट दी जाए। हालांकि, काउंसिल ने अपनी बैठक के बाद जानकारी दी कि इसे लेकर अभी कुछ तकनीकी पहलुओं को सुलझाया जाना बाकी है। इसलिए बीमा कवर के प्रीमियम को नहीं बदला गया है।

साल 2017 में लागू किए गए जीएसटी फ्रेमवर्क के तहत 4 टैक्स दरें हैं- 5%, 12%, 18% और 28%। जरूरी वस्तुएं और सामान पर कम टैक्स रेट लगता है जबकि लग्जरी और नुकसान वाले सामान पर 28% तक टैक्स लगता है। कई चीजों को जीएसटी फ्रेमवर्क से बाहर भी रखा गया है ताकि आम जनता को कम दाम पर उपलब्ध कराया जा सके।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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